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दुरुस्त नहीं हुई 20 हजार प्रॉपर्टी आईडी, भटक रहे लोग
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के करीब 20 हजार संपत्तिधारक प्रॉपर्टी आईडी को लेकर परेशान हैं। किसी का नाम गलत है तो किसी का एरिया। किसी के प्लॉट का नंबर बदल गया है तो किसी के प्लॉट पर दूसरे का नाम चढ़ा दिया गया है। तीन महीने जब सर्वेयर कंपनी याशी ने आपत्ति प्राप्त की थी, उनका निराकरण भी अभी नहीं किया गया है। इससे पहले ही कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों ने करनाल शहर का कार्य बंद कर दिया है। हर रोज यहां लोग आते हैं, एक-दूसरे दफ्तरों में भटकते रहते हैं। न कोई उनकी सुनने वाला है न ही समस्या का निदान कराने वाला। बृहस्पतिवार की शाम को भी अर्बन स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ उपमहापौर से मिलकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। यही कारण है कि निगम नई प्रॉपर्टी आईडी लागू नहीं कर पा रहा है।
हरियाणा सरकार ने तीन साल पहले याशी कंपनी को जिले के विभिन्न शहरों की संपत्तियों का सर्वे करने का अनुबंध किया था। पहले कंपनी ने ड्रोन सर्वे किया। जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक सर्वे गलत पाया गया। नोटिस जारी किए गए तो शहरभर में खलबली रही। लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त कराने निगम के चक्कर लगाते रहे। आखिरकार कंपनी ने कहा कि वह घर-घर जाकर सर्वे कराएगी। सर्वे शुरू भी कराया, लेकिन फिर कर्मचारियों ने लापरवाही बरती और घर-घर जाकर सर्वे करने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी आईडी गलत कर दी।
फिर आपत्तियां मांगी गई। सुधारने का दावा किया गया, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी, क्योंकि कंपनी ने इस कार्य के लिए चंद लोगों को ही निगम कार्यालय में बैठाया था। इसके बाद अंतिम रूप से आपत्तियां मांगी गई। करीब 20 हजार आपत्तियां आईं। याशी कंपनी के कर्मचारी 30 अप्रैल को यहां से ये कहकर चले गए कि आपत्तियां ऑनलाइन ठीक हो जाएंगी, जो अभी तक पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं हो सकीं। निगम कार्यालय में कंपनी ने फिर कर्मचारी बैठाए, लेकिन नगर निगम करनाल के लिए नहीं बल्कि जिले की अन्य नगरपालिका की प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त करने के लिए। उनके पास यदि करनाल की प्रॉपर्टी आईडी लेकर कोई जाता है तो वह मना कर देते हैं, क्योंकि कंपनी अब करनाल का कार्य अपने स्तर से खत्म कर चुकी है।
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अर्बन स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अशोक ढींगरी, महासचिव एसडी सेतिया, वरिष्ठ उपप्रधान आरके कत्याल आदि ने पदाधिकारियों ने वरिष्ठ उप महापौर राजेश अग्घी से मिलकर प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त कराने की मांग की है लेकिन वरिष्ठ उप महापौर कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर समाधान कराया जाएगा।
गलत कर दिया पता
निगम कार्यालय पहुंचे कलंदरी गेट के मनीष गुप्ता ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में पता ही गलत कर दिया गया है, पिछले दो महीने से लगातार निगम के चक्कर काट कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
नहीं हुआ समाधान
मॉडल टाउन की अंजू धवन ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उनका नाम ही गलत कर दिया है। आपत्ति भी दाखिल की है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है। ऐसे में टैक्स भरने व रजिस्टरी आदि में दिक्कत होगी।
जानकारी देने वाला कोई नहीं
मॉडल टाउन की स्वेता रानी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उसका नाम और क्षेत्रफल दोनों ही गलत कर दिया गया है। आपत्ति भी लगाई थी, लेकिन अब नगर निगम में इसकी जानकारी देने वाला कोई मिलता ही नहीं है।
निगम के लगा चुके चक्कर
जनकपुरी कॉलोनी के भीम ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उसकी संपत्ति का एरिया अधिक चढ़ा दिया गया है, जबकि इतनी जमीन उसके पास नहीं है। अब ठीक कराने के लिए नगर निगम के कई चक्कर लगा चुकी है।
नहीं हो रही सुनवाई
राजीव कॉलोनी के गोपाल सिंह ने बताया कि उनके प्लॉट का नंबर 27 है, लेकिन प्रॉपर्टी आईडी में प्लॉट का नंबर 28 अंकित कर दिया गया है जो दूसरे व्यक्ति का है। इसे ठीक कराने के लिए कई महीने से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
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करनाल। शहर के करीब 20 हजार संपत्तिधारक प्रॉपर्टी आईडी को लेकर परेशान हैं। किसी का नाम गलत है तो किसी का एरिया। किसी के प्लॉट का नंबर बदल गया है तो किसी के प्लॉट पर दूसरे का नाम चढ़ा दिया गया है। तीन महीने जब सर्वेयर कंपनी याशी ने आपत्ति प्राप्त की थी, उनका निराकरण भी अभी नहीं किया गया है। इससे पहले ही कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों ने करनाल शहर का कार्य बंद कर दिया है। हर रोज यहां लोग आते हैं, एक-दूसरे दफ्तरों में भटकते रहते हैं। न कोई उनकी सुनने वाला है न ही समस्या का निदान कराने वाला। बृहस्पतिवार की शाम को भी अर्बन स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ उपमहापौर से मिलकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। यही कारण है कि निगम नई प्रॉपर्टी आईडी लागू नहीं कर पा रहा है।
हरियाणा सरकार ने तीन साल पहले याशी कंपनी को जिले के विभिन्न शहरों की संपत्तियों का सर्वे करने का अनुबंध किया था। पहले कंपनी ने ड्रोन सर्वे किया। जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक सर्वे गलत पाया गया। नोटिस जारी किए गए तो शहरभर में खलबली रही। लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त कराने निगम के चक्कर लगाते रहे। आखिरकार कंपनी ने कहा कि वह घर-घर जाकर सर्वे कराएगी। सर्वे शुरू भी कराया, लेकिन फिर कर्मचारियों ने लापरवाही बरती और घर-घर जाकर सर्वे करने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी आईडी गलत कर दी।
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फिर आपत्तियां मांगी गई। सुधारने का दावा किया गया, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी, क्योंकि कंपनी ने इस कार्य के लिए चंद लोगों को ही निगम कार्यालय में बैठाया था। इसके बाद अंतिम रूप से आपत्तियां मांगी गई। करीब 20 हजार आपत्तियां आईं। याशी कंपनी के कर्मचारी 30 अप्रैल को यहां से ये कहकर चले गए कि आपत्तियां ऑनलाइन ठीक हो जाएंगी, जो अभी तक पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं हो सकीं। निगम कार्यालय में कंपनी ने फिर कर्मचारी बैठाए, लेकिन नगर निगम करनाल के लिए नहीं बल्कि जिले की अन्य नगरपालिका की प्रॉपर्टी आईडी दुरुस्त करने के लिए। उनके पास यदि करनाल की प्रॉपर्टी आईडी लेकर कोई जाता है तो वह मना कर देते हैं, क्योंकि कंपनी अब करनाल का कार्य अपने स्तर से खत्म कर चुकी है।
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अर्बन स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अशोक ढींगरी, महासचिव एसडी सेतिया, वरिष्ठ उपप्रधान आरके कत्याल आदि ने पदाधिकारियों ने वरिष्ठ उप महापौर राजेश अग्घी से मिलकर प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त कराने की मांग की है लेकिन वरिष्ठ उप महापौर कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर समाधान कराया जाएगा।
गलत कर दिया पता
निगम कार्यालय पहुंचे कलंदरी गेट के मनीष गुप्ता ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में पता ही गलत कर दिया गया है, पिछले दो महीने से लगातार निगम के चक्कर काट कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
नहीं हुआ समाधान
मॉडल टाउन की अंजू धवन ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उनका नाम ही गलत कर दिया है। आपत्ति भी दाखिल की है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है। ऐसे में टैक्स भरने व रजिस्टरी आदि में दिक्कत होगी।
जानकारी देने वाला कोई नहीं
मॉडल टाउन की स्वेता रानी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उसका नाम और क्षेत्रफल दोनों ही गलत कर दिया गया है। आपत्ति भी लगाई थी, लेकिन अब नगर निगम में इसकी जानकारी देने वाला कोई मिलता ही नहीं है।
निगम के लगा चुके चक्कर
जनकपुरी कॉलोनी के भीम ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में उसकी संपत्ति का एरिया अधिक चढ़ा दिया गया है, जबकि इतनी जमीन उसके पास नहीं है। अब ठीक कराने के लिए नगर निगम के कई चक्कर लगा चुकी है।
नहीं हो रही सुनवाई
राजीव कॉलोनी के गोपाल सिंह ने बताया कि उनके प्लॉट का नंबर 27 है, लेकिन प्रॉपर्टी आईडी में प्लॉट का नंबर 28 अंकित कर दिया गया है जो दूसरे व्यक्ति का है। इसे ठीक कराने के लिए कई महीने से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।