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Karnal News: सहकारी बैंक में 20 लाख रुपये का गबन, प्रबंधक निलंबित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 02:41 AM IST
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20 lakh rupees embezzled from a cooperative bank, manager suspended
- मुख्यालय को जानकारी दिए बिना निकलवा ली राशि, ऑडिट में फंसे
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- आठ महीने बाद आरोपी के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दी करनाल सहकारी बैंक के बल्ला और सालवन शाखा के प्रबंधक ने 20 लाख रुपये का गबन कर दिया। मुख्यालय की औपचारिक पड़ताल में गबन की बात सामने आई, लेकिन शाखा प्रबंधक को कार्रवाई से बचाने के लिए उनसे इस राशि की रिकवरी करा दी गई। जब मामले की शिकायत मुख्यालय तक पहुंची तो मामले के करीब आठ माह बाद प्रबंधक को 26 मार्च 2025 को निलंबित कर दिया गया। बैंक के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने मामले की शिकायत सहकारिता विभाग, रजिस्ट्रार सहकारी समिति और हरको बैंक को भी दी है।

इसी बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी जितेंद्र मंडल ने बताया कि सहकारी बैंक एक राष्ट्रीय बैंक में भी खाता खुलवाते हैं। इनमें बैंक की ओर से रुपये निकलवाने या जमा करवाने की शक्ति शाखा प्रबंधक के पास होती है। ये सुविधा इसलिए सहकारी बैंक प्रबंधकों को दी जाती है ताकि उनको शहर में नकदी लेकर आना-जाना न पड़े, वहीं जरूरत पड़ने पर स्थानीय राष्ट्रीय बैंक में पैसे जमा करवा सकें और निकलवा भी सकें।
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सहकारी बैंक की बल्ला और सालवन गांव की शाखा का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक बल्ला गांव में है। सहकारी बैंक की इन दोनों शाखाओं के प्रबंधक ने जून-जुलाई 2024 में पीएनबी से बल्ला गांव की शाखा के खाते से 15 लाख और सालवन ब्रांच के खाते से पांच लाख रुपये निकलवा लिए, लेकिन इसकी रिपोर्ट मुख्यालय नहीं भेजी। आरोप है कि प्रबंधक ने ये पैसा अपने निजी कार्याें में इस्तेमाल किया। मुख्यालय की ओर से जनवरी 2025 में नियमित जांच के दौरान गबन का पता चला। ऑडिट में मिली गड़बड़ी की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलीभगत कर पहले मामले को दबाने का प्रयास करते हुए गबन के रुपये शाखा प्रबंधक से जमा करवा दिए। जब इसकी शिकायत मुख्यालय समेत सरकार को दी तो अब करीब आठ माह बाद शाखा प्रबंधक को 26 मार्च को निलंबित किया गया है।
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इस मामले में सहकारी बैंक की महाप्रबंधक शीतल का कहना है कि मामला नियमित जांच और ऑडिट में सामने आया। जांच पड़ताल के दौरान बैंक के डीओ यानी डेवलपमेंट ऑफिसर की ओर से इस पर एक्शन भी लिया गया। जिस पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।
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