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करनाल में 197 करोड़ की आय, 163 करोड़ के व्यय का बजट पारित
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करनाल। नगर निगम की बजटीय बैठक में 2022-23 के लिए 197 करोड़ से अधिक की आय और विकास कार्यों पर 40 करोड़ के खर्च सहित 163.84 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। एजेंडे में सिर्फ एक प्रस्ताव होने के बावजूद पार्षदों ने करीब चार घंटे तक विभिन्न मुद्दे उठाए। पिछली हाउस की बैठक की तरह ही कुत्तों और बंदरों से शहवासियों को बचाने का मुद्दा गर्माया। इसके अलावा मानीटरिंग कमेटी की जांच के बाद रुके विकास कार्यों, सीवरेज व पेयजल की नई लाइनों, पुराने लाइन चोक होने, अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने, सिटी बसों को फिर चलाने आदि कई मुद्दे सदन में गूंजे।
महापौर रेनू बाला गुप्ता की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे निगम के कांफ्रेंस हाल में बैठक शुरू हुई। इसमें आयुक्त नरेश नरवाल सहित निगम के अधिकारियों के साथ-साथ तीन मनोनीत पार्षदों सहित 14 पार्षद मौजूद रहे। निगमायुक्त नरेश नरवाल ने ठेकेदारों के भुगतान को लेकर पहले ही स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी। जो विकास कार्य हो चुके हैं, सोमवार को सबकी पेमेंट कर दी जाएगी जो अभी चल रहे हैं या रनिंग में हैं, उनकी पेमेंट कमेटियों की मॉनिटरिंग के बाद ही होगी। अमरूत के कार्यों की खामियों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। घरों के आगे सीवरों के चैंबर नहीं बनाए गए, कई जगह सीवरों के ढक्कन भी लेवल में नही हैं, सभी को ठीक करवाने को कहा। आश्वस्त किया कि सभी अधूरे विकास कार्यों को भी पूरा करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों की रिपोर्ट मांगी।
बलविंदर सिंह, राजेंद्र सिरसी, मुकेश अरोड़ा, मेघा भंडारी, वीर विक्रम कुमार, परमजीत लाठर आदि कई पार्षदों ने शहर में आवारा कुत्ते, बंदर, सुअर और भटकते पशुओं की समस्या उठाई और शीघ्र समाधान की मांग की। स्ट्रीट लाइट, चोक सीवरेज व पेयजल लाइनों का मुद्दा भी उठा। जिनके समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह, मुख्य अभियंता महीपाल सिंह, उप निगमायुक्त अरुण कुमार, कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल आदि शामिल रहे।
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प्रस्तावित आय
2022-23 के लिए नगर निगम ने प्रस्तावित आय 83 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये बताई है। इसके अलावा 47 करोड़ रुपये राज्य वित्त आयोग, वेतन व पेंशन आदि का 47 करोड़ रुपये अनुदान बताया जा रहा है। 67 करोड़ रुपये का पहले का शेष है। इस तरह कुल आय 197 करोड़, 18 लाख व 68 हजार रुपये अनुमानित की है।
प्रस्तावित व्यय
प्रस्तावित व्यय में 2022-23 में विकास कार्यों पर 40 करोड़ रुपये, स्थापना कार्यों पर 40 करोड़ 78 लाख 8 हजार 461 रुपये, कांटीजेंसी पर 34 करोड़ 71 लाख 50 हजार, मिसलेनियम आईटम्स पर 48 करोड़ 35 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुल 163 करोड़, 84 लाख, 58 हजार 461 रुपये के व्यय का अनुमान है।
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महापौर रेनू बाला गुप्ता की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे निगम के कांफ्रेंस हाल में बैठक शुरू हुई। इसमें आयुक्त नरेश नरवाल सहित निगम के अधिकारियों के साथ-साथ तीन मनोनीत पार्षदों सहित 14 पार्षद मौजूद रहे। निगमायुक्त नरेश नरवाल ने ठेकेदारों के भुगतान को लेकर पहले ही स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी। जो विकास कार्य हो चुके हैं, सोमवार को सबकी पेमेंट कर दी जाएगी जो अभी चल रहे हैं या रनिंग में हैं, उनकी पेमेंट कमेटियों की मॉनिटरिंग के बाद ही होगी। अमरूत के कार्यों की खामियों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। घरों के आगे सीवरों के चैंबर नहीं बनाए गए, कई जगह सीवरों के ढक्कन भी लेवल में नही हैं, सभी को ठीक करवाने को कहा। आश्वस्त किया कि सभी अधूरे विकास कार्यों को भी पूरा करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों की रिपोर्ट मांगी।
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बलविंदर सिंह, राजेंद्र सिरसी, मुकेश अरोड़ा, मेघा भंडारी, वीर विक्रम कुमार, परमजीत लाठर आदि कई पार्षदों ने शहर में आवारा कुत्ते, बंदर, सुअर और भटकते पशुओं की समस्या उठाई और शीघ्र समाधान की मांग की। स्ट्रीट लाइट, चोक सीवरेज व पेयजल लाइनों का मुद्दा भी उठा। जिनके समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह, मुख्य अभियंता महीपाल सिंह, उप निगमायुक्त अरुण कुमार, कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल आदि शामिल रहे।
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प्रस्तावित आय
2022-23 के लिए नगर निगम ने प्रस्तावित आय 83 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये बताई है। इसके अलावा 47 करोड़ रुपये राज्य वित्त आयोग, वेतन व पेंशन आदि का 47 करोड़ रुपये अनुदान बताया जा रहा है। 67 करोड़ रुपये का पहले का शेष है। इस तरह कुल आय 197 करोड़, 18 लाख व 68 हजार रुपये अनुमानित की है।
प्रस्तावित व्यय
प्रस्तावित व्यय में 2022-23 में विकास कार्यों पर 40 करोड़ रुपये, स्थापना कार्यों पर 40 करोड़ 78 लाख 8 हजार 461 रुपये, कांटीजेंसी पर 34 करोड़ 71 लाख 50 हजार, मिसलेनियम आईटम्स पर 48 करोड़ 35 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुल 163 करोड़, 84 लाख, 58 हजार 461 रुपये के व्यय का अनुमान है।