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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   16 lakh bank accounts may be frozen after February 1 if re-KYC or nominee update is not done.

Karnal News: रि-केवाईसी या नोमिनी अपडेट नहीं तो 1 फरवरी के बाद फ्रीज हो सकते हैं 16 लाख बैंक खाते

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 02:16 AM IST
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16 lakh bank accounts may be frozen after February 1 if re-KYC or nominee update is not done.
गगन तलवार
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करनाल। एक फरवरी से बैंकिंग क्षेत्र में केवाईसी और एकाउंट ऑपरेशन के नियम सख्त होने जा रहे हैं। यदि आपको भी बैंक खाते का रि-केवाईसी या नोमिनी अपडेट के लिए बैंक से एसएमएस या ई-मेल आया है तो इसे नजरअंदाज न करें। अन्यथा 1 फरवरी के बाद बैंक खाता कभी भी फ्रीज हो सकता है। इसके बाद खाते से न पैसा निकाल पाएंगे, न एसआईपी कटेगी और न ही सरकारी योजना जैसे किसान सम्मान निधि और गैस सब्सिडी का पैसा खाते में आएगा। हरियाणा में करीब 16 लाख ऐसे बैंक खाते हैं, जिन्हें रि-केवाईसी या नोमिनी अपडेट करने की जरूरत है। करनाल जिले में ऐसे बैंक खातों की संख्या करीब सवा लाख से ज्यादा है।

आरबीआई व वित्त मंत्रालय ने धोखाधड़ी व डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए केवाईसी और एकाउंट ऑपरेशन के नियमों को सख्त किया है। हजारों लोगों के पास बैंक से एसएमएस भी आना शुरू हो गए हैं। वहीं, आरबीआई की ओर से सभी बैंकों को उनकी शाखा के खातों की एक फरवरी से पहले जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य शुरू हो चुका है, कुल तीन श्रेणी में खातों को विभाजित करके जांच की जा रही है। हाई रिस्क श्रेणी के उपभोक्ता और निष्क्रिय खातों पर बैंकों की पहली नजर रहेगी।
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साइबर ठगी में निष्क्रिय खातों का हुआ ज्यादा इस्तेमाल

पिछले एक साल में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामले तीन गुना तक बढ़े हैं। बैंक अधिकारियों व पुलिस की जांच में सामने आया है कि जालसाज पुराने और निष्क्रिय खातों का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने में कर रहे हैं। एलडीएम एसके हंदूजा का कहना है कि इसी को देखते हुए आरबीआई ने सभी बैंकों को सख्त हिदायत दी है कि जिन बैंक खातों में समय-समय पर जानकारी अपडेट नहीं हुई हैं, उन्हें तुरंत फ्रीज कर दिया जाए।
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आरबीआई ने तीन श्रेणी में बांटे बैंक खाते-

1. हाई रिस्क उपभोक्ता श्रेणी : पिछले दो साल से खाते में कोई दस्तावेज नहीं दिया है या फिर खाते में अचानक बड़े ट्रांजेक्शन होने लगे हैं यानी कि यह राशि आमदनी से मैच नहीं करती तो खाता इस श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे लोगों को हर दो साल में बैंक खाते की केवाईसी करानी होती है।

2. मीडियम रिस्क उपभोक्ता श्रेणी : जिनके लिए केवाईसी कराने का नियम आठ साल का है।

3. लॉ रिस्क उपभोक्ता श्रेणी : इनके लिए रि-केवाई का नियम 10 साल का है। इसमें ज्यादातर नौकरी-पेशा लोग आते हैं।



नोमिनी नहीं तो रुपये जमा होंगे, निकाल नहीं पाएंगे

केवाईसी के अलावा नोमिनी अपडेशन करना भी सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। बहुत से पुराने खाते ऐसे हैं जो वर्षों से चल रहे हैं, इनमें वारिस का नाम नहीं है। यदि खाते में नोमिनी का नाम नहीं है तो बैंक खाते से पैसा निकालने पर रोक लगा सकता है। इस खाते में केवल जमा कराया जा सकता है।



खुद कर सकते हैं केवाईसी-

- वीडियो केवाईसी : यदि बैंक खाता और आधार से मोबाइल नंबर लिंक है तो बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ई-केवाईसी कर सकते हैं। वेबसाइट से विकल्प चुनने के बाद बैंक का प्रतिनिधि वीडियो कॉल पर आएगा। फोटो लेकर केवाईसी कर सकता है।

- एप से केवाईसी : जिनकी जानकारी में कोई अपडेशन नहीं है, वे बैंक की मोबाइल एप से भी केवाईसी कर सकते हैं, इन्हें केवल सेल्फ डेक्लेरेशन पर ही सहमति देनी है और खाता सुरक्षित हो जाएगा।




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कई बार बैंक अपनी आंतरिक जांच में बैंक खाते की ट्रांजेक्शन के आधार पर उसे संदिग्ध मान लेता है। भले ही केवाईसी के 10 साल पूरे न हो। ऐसे में यदि बैंक से एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज या ई-मेल आया है जिसमें रि-केवाईसी की बात की गई है तो उसे अनदेखा न करें। बैंक शाखा में संपर्क करें या खुद केवाईसी करने के लिए भी केवल ऑफिशियल वेबसाइट या एप का ही इस्तेमाल करें। अनजान लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें। बैंक कभी भी ओटीपी, पिन नंबर या पासवर्ड नहीं मांगता।

- एसके हन्दूजा, एलडीएम करनाल
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