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पांच मीटर की विजिविलटी में जीटी रोड पर पंजाब रोडवेज की दो बसों सहित टकराए 20 वाहन
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सोमवार सुबह पड़ी स्मॉग जानलेवा बन गई। पांच मीटर की विजिविलटी की इस स्मॉग के कारण जीटी रोड पर घरौंडा, उचानी के समीप व सेक्टर-4 के समीप अलग अलग जगहों पर करीब 20 वाहन एक दूसरे के पीछे टकराए। जिसमें बाइक सवार एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई, जो मधुबन पुलिस अकादमी में ड्यूटी पर जा रहा था। इससे अलग पंजाब रोडवेज दो बसों की ट्रक से टक्कर होने पर कंडक्टर सहित करीब छह लोग घायल हो गए और कुछ यात्री चोटिल भी हो गए।
इस दौरान करीब एक घंटे तक जीटी रोड पर जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और घरौंडा पुलिस ने हेड कांस्टेबल का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भिजवा दिया। वहीं दूसरी ओर इस स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हुई और आंखों में भी जलन हुई। सुबह उठते ही शहरवासी पार्क में सैर करने के लिए घर से निकले थे तो स्मॉग को देख वापस घर में ही घुस गए। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विशेषज्ञ डॉ. डीएस बुंदेला ने कहा कि यह धुंध नहीं है। अचानक तापमान के बढ़ने-घटने के कारण यह स्थिति बनी है। धुंध और धुएं के मिश्रण से स्मॉग बनी है। जिससे लोगों को परेशानियों हुई हैं।
सोनीपत से मधुबन पुलिस अकादमी में आ रहा था हेड कांस्टेबल
सोनीपत निवासी हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह बाइक पर सवार होकर सुबह मधुबन पुलिस अकादमी में आ रहा था। जब वह सुबह करीब छह बजे घरौंडा विश्रामगृह के समीप पहुंचा तो स्मॉग के कारण ट्रक चालक ने उसे कुचल दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा होते ही ट्रक के पीछे एक के बाद एक वाहन आपस में टकराते रहे। घरौंडा जांच अधिकारी बलवान सिंह ने बताया कि हाइवे पर दुर्घटना में एक हेडकांस्टेबल की मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया है। ट्रक को कब्जे में लेकर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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पंजाब रोडवेज की भी टकराई बसें, कंडक्टर घायल तो यात्री हुए चोटिल
पंजाब रोडवेज के ड्राइवर सतनाम व घायल कंडक्टर तिरवेंद्र ने बताया कि वह दिल्ली से आ रहे थे सुबह सवा पांच बजे स्मॉग होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इस दौरान उनसे आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए तो उनकी बस ट्रक से टकरा गई और इसके बाद करीब 15 वाहन उनकी बस के पीछे एक के बाद एक टकराते रहे। इस दौरान कंडक्टर सहित छह लोग घायल हो गए और बस में बैठे यात्री चोटिल हो गए।
24 घंटे में हो सकता है मौसम साफ
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान घटकर 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय स्मॉग में दृश्यता महज पांच मीटर दर्ज की गई। सुबह के समय हवा में नमी की मात्रा 100 फीसदी दर्ज की गई जो शाम को घटकर महज 60 फीसदी रह गई। हवा 2.6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
श्वास व हृदय रोगी ज्यादातर समय घर में बिताएं
सीनियर फिजीशियन डॉ. कमल चराया ने कहा कि स्मॉग के दुष्प्रभावों को देखते हुए श्वास हृदय रोगी अगर घर में ज्यादा वक्त बिताएं तो बेहतर होगा। वातावरण में स्मॉग की मौजूदगी श्वास रोगियों के लिए सही नहीं है। स्मॉग का निर्माण कई तरह की विषैली गैसों धूल मिट्टी के कणों से होता है। जब इन कणों के संपर्क में श्वास रोगी आते हैं, तो उन्हें श्वास प्रणाली में सूजन रुकावट, गले में खरास चुभन, दम घुटना, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो रोगी को अस्थमा का अटैक भी जाता है। पिछले दो-तीन दिनों में स्मॉग की वजह से आंखों में होने वाली एलर्जी के काफी मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। एलर्जी से पीड़ित आंखों में से लगातार पानी गिरने, खारिश होने, जलन आंखें लाल होने जैसी समस्याएं बता रहे हैं।
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करनाल। सोमवार सुबह पड़ी स्मॉग जानलेवा बन गई। पांच मीटर की विजिविलटी की इस स्मॉग के कारण जीटी रोड पर घरौंडा, उचानी के समीप व सेक्टर-4 के समीप अलग अलग जगहों पर करीब 20 वाहन एक दूसरे के पीछे टकराए। जिसमें बाइक सवार एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई, जो मधुबन पुलिस अकादमी में ड्यूटी पर जा रहा था। इससे अलग पंजाब रोडवेज दो बसों की ट्रक से टक्कर होने पर कंडक्टर सहित करीब छह लोग घायल हो गए और कुछ यात्री चोटिल भी हो गए।
इस दौरान करीब एक घंटे तक जीटी रोड पर जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया और घरौंडा पुलिस ने हेड कांस्टेबल का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भिजवा दिया। वहीं दूसरी ओर इस स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हुई और आंखों में भी जलन हुई। सुबह उठते ही शहरवासी पार्क में सैर करने के लिए घर से निकले थे तो स्मॉग को देख वापस घर में ही घुस गए। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विशेषज्ञ डॉ. डीएस बुंदेला ने कहा कि यह धुंध नहीं है। अचानक तापमान के बढ़ने-घटने के कारण यह स्थिति बनी है। धुंध और धुएं के मिश्रण से स्मॉग बनी है। जिससे लोगों को परेशानियों हुई हैं।
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सोनीपत से मधुबन पुलिस अकादमी में आ रहा था हेड कांस्टेबल
सोनीपत निवासी हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह बाइक पर सवार होकर सुबह मधुबन पुलिस अकादमी में आ रहा था। जब वह सुबह करीब छह बजे घरौंडा विश्रामगृह के समीप पहुंचा तो स्मॉग के कारण ट्रक चालक ने उसे कुचल दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा होते ही ट्रक के पीछे एक के बाद एक वाहन आपस में टकराते रहे। घरौंडा जांच अधिकारी बलवान सिंह ने बताया कि हाइवे पर दुर्घटना में एक हेडकांस्टेबल की मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया है। ट्रक को कब्जे में लेकर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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पंजाब रोडवेज की भी टकराई बसें, कंडक्टर घायल तो यात्री हुए चोटिल
पंजाब रोडवेज के ड्राइवर सतनाम व घायल कंडक्टर तिरवेंद्र ने बताया कि वह दिल्ली से आ रहे थे सुबह सवा पांच बजे स्मॉग होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इस दौरान उनसे आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए तो उनकी बस ट्रक से टकरा गई और इसके बाद करीब 15 वाहन उनकी बस के पीछे एक के बाद एक टकराते रहे। इस दौरान कंडक्टर सहित छह लोग घायल हो गए और बस में बैठे यात्री चोटिल हो गए।
24 घंटे में हो सकता है मौसम साफ
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान घटकर 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय स्मॉग में दृश्यता महज पांच मीटर दर्ज की गई। सुबह के समय हवा में नमी की मात्रा 100 फीसदी दर्ज की गई जो शाम को घटकर महज 60 फीसदी रह गई। हवा 2.6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
श्वास व हृदय रोगी ज्यादातर समय घर में बिताएं
सीनियर फिजीशियन डॉ. कमल चराया ने कहा कि स्मॉग के दुष्प्रभावों को देखते हुए श्वास हृदय रोगी अगर घर में ज्यादा वक्त बिताएं तो बेहतर होगा। वातावरण में स्मॉग की मौजूदगी श्वास रोगियों के लिए सही नहीं है। स्मॉग का निर्माण कई तरह की विषैली गैसों धूल मिट्टी के कणों से होता है। जब इन कणों के संपर्क में श्वास रोगी आते हैं, तो उन्हें श्वास प्रणाली में सूजन रुकावट, गले में खरास चुभन, दम घुटना, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो रोगी को अस्थमा का अटैक भी जाता है। पिछले दो-तीन दिनों में स्मॉग की वजह से आंखों में होने वाली एलर्जी के काफी मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। एलर्जी से पीड़ित आंखों में से लगातार पानी गिरने, खारिश होने, जलन आंखें लाल होने जैसी समस्याएं बता रहे हैं।