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जिसने मां-बाप को छोड़ दिया, उसने भगवान को छोड़ दिया : डीसी दहिया
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। अंतराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के मौके पर शहर के मॉडल टाउन स्थित निर्मल धाम में आयोजित एक कार्यक्रम में डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि जिसने अपने माता-पिता को छोड़ दिया, उसने भगवान को छोड़ दिया। माता-पिता से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं और मां-बाप के चरणों में ही सच्चा स्वर्ग होता है। उन्होंने कहा कि इस युग में समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट आई है। यह देखकर बड़ा दुख होता है, जब कोई व्यक्ति अपने माता-पिता को छोड़ देता है और वृद्ध माता-पिता किसी आश्रम में जाकर अपना जीवन व्यतीत करते हैं। उन्होंने बताया कि माता-पिता के साथ इस तरह के तिरस्कार को देखते हुए देश में वर्ष 2007 में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण विधेयक संसद में पारित किया गया था। इसमें माता-पिता के भरण-पोषण, वृद्घाश्रमों की स्थापना, चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन और संपति की सुरक्षा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जिस माता-पिता को उसकी औलाद बेसहारा छोड़ देती है या घर से निकाल देती है, ऐसी स्थिति में माता-पिता इस कानून का सहारा लेकर एक आवेदन दे सकते हैं। उस पर कार्यवाही करते हुए मां-बाप को उनका हक, रहने व खाने का खर्चा दिलवाया जाएगा और यदि सम्पत्ति औलाद के नाम हो जाती है, तो वह भी वापस मां-बाप के नाम हो जाएगी।
बुजुर्गों को शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में डीसी ने निर्मल धाम में रह रहे बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से गर्म लोई वितरित की। विभाग की ओर से यहां रह रहे करीब 100 बुजुर्गों को सम्मान स्वरूप दोपहर का भोजन भी करवाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित ओर निर्मल धाम में शिक्षारत लड़कियों को डीसी ने कहा कि वे अति खुशकिस्मत हैं कि उन्हें यहां रहकर पढ़ाई के साथ-साथ बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिल रहा है। इससे पहले, डीसी ने निर्मल धाम परिसर में अमलताश का एक पौधा भी लगाया। कार्यक्रम में भक्त लभ्भामल करतार कौर चैरीटेबल ट्रस्ट की शाखा निर्मल धाम के ऑनरेरी प्रबंधक केएल डांग ने डीसी का स्वागत किया और ट्रस्ट की ओर से शहर में संचालित वृद्ध आश्रम व शिक्षण संस्थाओं की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर शहर के सेक्टर-13 में स्थित डे केयर सैंटर में भी समाज कल्याण विभाग ने सीनियर सिटीजन काउंसिल के सहयोग से एक अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें करीब एक दर्जन बुजुर्गों को गर्म शालें वितरित की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान के अनुसार इस कार्यक्रम में बुजुर्गों को गोल्ड मूवी दिखाकर उनका मनोरंजन किया गया, गुब्बारा फुलाने जैसी गेम भी करवाई गई और सम्मान स्वरूप बुजुर्गों को जलपान भी करवाया गया।
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करनाल। अंतराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के मौके पर शहर के मॉडल टाउन स्थित निर्मल धाम में आयोजित एक कार्यक्रम में डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि जिसने अपने माता-पिता को छोड़ दिया, उसने भगवान को छोड़ दिया। माता-पिता से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं और मां-बाप के चरणों में ही सच्चा स्वर्ग होता है। उन्होंने कहा कि इस युग में समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट आई है। यह देखकर बड़ा दुख होता है, जब कोई व्यक्ति अपने माता-पिता को छोड़ देता है और वृद्ध माता-पिता किसी आश्रम में जाकर अपना जीवन व्यतीत करते हैं। उन्होंने बताया कि माता-पिता के साथ इस तरह के तिरस्कार को देखते हुए देश में वर्ष 2007 में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण विधेयक संसद में पारित किया गया था। इसमें माता-पिता के भरण-पोषण, वृद्घाश्रमों की स्थापना, चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन और संपति की सुरक्षा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जिस माता-पिता को उसकी औलाद बेसहारा छोड़ देती है या घर से निकाल देती है, ऐसी स्थिति में माता-पिता इस कानून का सहारा लेकर एक आवेदन दे सकते हैं। उस पर कार्यवाही करते हुए मां-बाप को उनका हक, रहने व खाने का खर्चा दिलवाया जाएगा और यदि सम्पत्ति औलाद के नाम हो जाती है, तो वह भी वापस मां-बाप के नाम हो जाएगी।
बुजुर्गों को शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित
कार्यक्रम में डीसी ने निर्मल धाम में रह रहे बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग की ओर से गर्म लोई वितरित की। विभाग की ओर से यहां रह रहे करीब 100 बुजुर्गों को सम्मान स्वरूप दोपहर का भोजन भी करवाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित ओर निर्मल धाम में शिक्षारत लड़कियों को डीसी ने कहा कि वे अति खुशकिस्मत हैं कि उन्हें यहां रहकर पढ़ाई के साथ-साथ बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिल रहा है। इससे पहले, डीसी ने निर्मल धाम परिसर में अमलताश का एक पौधा भी लगाया। कार्यक्रम में भक्त लभ्भामल करतार कौर चैरीटेबल ट्रस्ट की शाखा निर्मल धाम के ऑनरेरी प्रबंधक केएल डांग ने डीसी का स्वागत किया और ट्रस्ट की ओर से शहर में संचालित वृद्ध आश्रम व शिक्षण संस्थाओं की जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर शहर के सेक्टर-13 में स्थित डे केयर सैंटर में भी समाज कल्याण विभाग ने सीनियर सिटीजन काउंसिल के सहयोग से एक अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें करीब एक दर्जन बुजुर्गों को गर्म शालें वितरित की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान के अनुसार इस कार्यक्रम में बुजुर्गों को गोल्ड मूवी दिखाकर उनका मनोरंजन किया गया, गुब्बारा फुलाने जैसी गेम भी करवाई गई और सम्मान स्वरूप बुजुर्गों को जलपान भी करवाया गया।
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