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समूचे प्रदेश में बेहतरीन बिजली व्यवस्था के लिए उठाए गए कई कारगर कदम-मुख्यमंत्री
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:14 PM IST
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मुख्यमंत्री ने किया दो बिजली घरों का शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पंचायत भवन से सेक्टर-32 और सेक्टर-4 में बनने वाले 33 केवी क्षमता के सब स्टेशनों के निर्माण के लिए शिलान्यास पट्टों का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि दोनों बिजली घरों के निर्माण कार्यों पर लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इनका निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्बाध रूप से बिजली की सप्लाई देने के लिए सरकार की ओर से प्रदेश में बेहतरीन कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बिजली व्यवस्था की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि कुंजपुरा रोड स्थित 220 केवी क्षमता के मुख्य बिजली घर की क्षमता बढ़ाई गई है। इस बिजली घर में 100 एमवीए क्षमता का एक नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। इससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र को भी निर्बाध रूप से बिजली की सप्लाई शुरू हो गई है। उच्च क्षमता वाले 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से 132 केवी सबस्टेशन करनाल, डबरी, रम्बा और नेवल से चलने वाले सभी 11 केवी फीडरों व 33 केवी सबस्टेशनों को बेहतर बिजली सप्लाई शुरू हो गई है। इस व्यवस्था पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और अब इस स्टेशन की क्षमता भी 200 से बढक़र 300 एमवीए हो गई है। उन्होंने कहा कि इसी परिसर में 33 केवी क्षमता के नये सबस्टेशन का निमार्ण कार्य जोरों पर है। इसमें साढ़े 12 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। गत मई माह में इस सबस्टेशन की आधारशिला रखी गई थी, इसका निर्माण कार्य इसी वर्ष अक्तूबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सबस्टेशन के बनने से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, मॉडल टाउन, सेक्टर-9, आरके पुरम, शक्ति कॉलोनी, अशोका कालोनी, सेक्टर-13 और 14, अल्फा सिटी और कर्ण लेक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा।
इस मौके पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि सेक्टर-32 में 33 केवी क्षमता का नया बिजली घर लगभग 1 .2 एकड़ जगह पर बनेगा। इस सबस्टेशन पर करीब 3 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रथम चरण में साढ़े 12 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा और नगला मेघा से लेकर सेक्टर-32 तक करीब 12 किमी लंबी नई लाइन खींची जाएगी। इस सबस्टेशन के बनने से सेक्टर-32-33,नरसी विलेज पार्ट-एक-दो,सेक्टर-8 के पार्ट दो के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। वहीं सेक्टर-4 में बनने वाले 33 केवी क्षमता के नये सबस्टेशन में 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगेगा और मधुबन से सेक्टर-4 तक लगभग 8 किमी लंबे तारों की लाइन खींची जाएगी। इस पर करीब 4 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस स्टेशन के बनने से सेक्टर-4 व 5, विकास कालोनी, गोपी वाली गामड़ी, असंल के उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा। इस अवसर पर हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण, ओएसडी अमरेंद्र सिंह, नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, शुगरफेड के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश कथूरिया, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता आदि मौजूद रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पंचायत भवन से सेक्टर-32 और सेक्टर-4 में बनने वाले 33 केवी क्षमता के सब स्टेशनों के निर्माण के लिए शिलान्यास पट्टों का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि दोनों बिजली घरों के निर्माण कार्यों पर लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इनका निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्बाध रूप से बिजली की सप्लाई देने के लिए सरकार की ओर से प्रदेश में बेहतरीन कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बिजली व्यवस्था की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि कुंजपुरा रोड स्थित 220 केवी क्षमता के मुख्य बिजली घर की क्षमता बढ़ाई गई है। इस बिजली घर में 100 एमवीए क्षमता का एक नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। इससे शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र को भी निर्बाध रूप से बिजली की सप्लाई शुरू हो गई है। उच्च क्षमता वाले 100 एमवीए के ट्रांसफार्मर से 132 केवी सबस्टेशन करनाल, डबरी, रम्बा और नेवल से चलने वाले सभी 11 केवी फीडरों व 33 केवी सबस्टेशनों को बेहतर बिजली सप्लाई शुरू हो गई है। इस व्यवस्था पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और अब इस स्टेशन की क्षमता भी 200 से बढक़र 300 एमवीए हो गई है। उन्होंने कहा कि इसी परिसर में 33 केवी क्षमता के नये सबस्टेशन का निमार्ण कार्य जोरों पर है। इसमें साढ़े 12 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। गत मई माह में इस सबस्टेशन की आधारशिला रखी गई थी, इसका निर्माण कार्य इसी वर्ष अक्तूबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सबस्टेशन के बनने से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, मॉडल टाउन, सेक्टर-9, आरके पुरम, शक्ति कॉलोनी, अशोका कालोनी, सेक्टर-13 और 14, अल्फा सिटी और कर्ण लेक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा।
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इस मौके पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि सेक्टर-32 में 33 केवी क्षमता का नया बिजली घर लगभग 1 .2 एकड़ जगह पर बनेगा। इस सबस्टेशन पर करीब 3 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें प्रथम चरण में साढ़े 12 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा और नगला मेघा से लेकर सेक्टर-32 तक करीब 12 किमी लंबी नई लाइन खींची जाएगी। इस सबस्टेशन के बनने से सेक्टर-32-33,नरसी विलेज पार्ट-एक-दो,सेक्टर-8 के पार्ट दो के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। वहीं सेक्टर-4 में बनने वाले 33 केवी क्षमता के नये सबस्टेशन में 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगेगा और मधुबन से सेक्टर-4 तक लगभग 8 किमी लंबे तारों की लाइन खींची जाएगी। इस पर करीब 4 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस स्टेशन के बनने से सेक्टर-4 व 5, विकास कालोनी, गोपी वाली गामड़ी, असंल के उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा। इस अवसर पर हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण, ओएसडी अमरेंद्र सिंह, नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, शुगरफेड के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश कथूरिया, केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता आदि मौजूद रही।
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