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दो ओर कर्मचारियों को किया टर्मिनेंट, धरने पर बैठकर ही सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों 20वें दिन भी धरने पर बैठकर ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीएम कैंप का घेराव नहीं किया। वहीं, दूसरी और स्वास्थ्य विभाग ने दो ओर कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने 20 चालकों को आउटसोर्सिंग पर रखा लिया है। पहले से रेगुलर चल रहे पांच ड्राइवरों को मिलाकर अब 25 ड्राइवरों की सेवाएं लोगों को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुछ दिन पहले ही सात प्राइवेट अस्पतालों से टाईअप किया गया है, ताकि प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को रोका जा सके।
जिले में मौजूदा 577 एनएचएम कर्मचारियों में से 315 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। मांगों के बारे में एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द कोई कार्रवाई नहीं की तो हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। इस मौके पर इंदु खुराना, रीना, देवीदत्त, मुकेश, सुमन मौजूद रहे।
पांच एनएचएम कर्मचारियों ने शुरू किया अनशन
मांगों को लेकर सरकार की कोई प्रतिक्रिया न आने पर रोष के चलते पांच एनएचएम कर्मचारियों ने अनशन शुरू दिया है। इसके अलावा सरकार के उदासीन रवैये को देखते हुए ही कर्मचारियों में रोष भरा हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद सरकार मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
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करनाल। हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों 20वें दिन भी धरने पर बैठकर ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीएम कैंप का घेराव नहीं किया। वहीं, दूसरी और स्वास्थ्य विभाग ने दो ओर कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने 20 चालकों को आउटसोर्सिंग पर रखा लिया है। पहले से रेगुलर चल रहे पांच ड्राइवरों को मिलाकर अब 25 ड्राइवरों की सेवाएं लोगों को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुछ दिन पहले ही सात प्राइवेट अस्पतालों से टाईअप किया गया है, ताकि प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को रोका जा सके।
जिले में मौजूदा 577 एनएचएम कर्मचारियों में से 315 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। मांगों के बारे में एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द कोई कार्रवाई नहीं की तो हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। इस मौके पर इंदु खुराना, रीना, देवीदत्त, मुकेश, सुमन मौजूद रहे।
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पांच एनएचएम कर्मचारियों ने शुरू किया अनशन
मांगों को लेकर सरकार की कोई प्रतिक्रिया न आने पर रोष के चलते पांच एनएचएम कर्मचारियों ने अनशन शुरू दिया है। इसके अलावा सरकार के उदासीन रवैये को देखते हुए ही कर्मचारियों में रोष भरा हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद सरकार मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
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