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अब मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रालियों से भी होगा उठान
कैथल
Updated Fri, 18 Apr 2014 11:28 PM IST
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कैथल। मंडियों में जाम की स्थिति से जूझ रहे किसानों, आढ़तियों एवं मजदूरों के लिए राहत का फैसला लेते हुए जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर-ट्रालियां चलाए जाने की अनुमति दे दी है।
जिससे अब मंडियों से गेहूं का उठान तेजी से हो पाएगा। अकेले कैथल नई अनाज मंडी में चार लाख से ज्यादा गेहूं के कट्टे पड़े हुए हैं। जिस कारण मंडी में जाम की स्थिति बनी हुई थी। ट्रकों से गेहूं की ढुलाई की जा रही थी। लेकिन आरोप है कि कुछ ट्रक चालकों ने गेहूं के उठान के लिए छह रुपये प्रति कट्टा तक अवैध वसूली शुरू कर दी थी। जिस पर आढ़ती एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मंडी में गेहूं उठान के लिए ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जाने की अनुमति देने की मांग की थी।
दो दिन तक विचार-विमर्श के बाद जिला प्रशासन ने यह अनुमति प्रदान की। जिसके तहत अनाज मंडी से ट्रैक्टरों के माध्यम से गेहूं का उठान शुरू हो गया है। इससे जहां आढ़तियों को अवैध वसूली से मुक्ति मिलेगी। वहीं ट्रक की तुलना में इसमें लदाई भी जल्दी हो सकेगी। ट्रैक्टर-ट्राली को मंडी में मोड़ना भी आसान रहता है। जहां ट्रकों को ले जाना कई बार संभव नहीं होता।
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एक ही दिन एक लाख कट्टों का उठान
शुक्रवार को दिन में ही करीब एक लाख कट्टों का उठान हो चुका है। दूसरा बरसात के कारण आवक भी प्रभावित हो रही थी। ऐसे में अब तक मंडियों मेें जमा गेहूं का उठान होने से भी लोगों को राहत मिलेगी। नई एवं पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश मित्तल ने कहा कि प्रशासन ने 15 दिनों तक कागजात पूरे करते हुए मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रालियों को चलाने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी। शुक्रवार को अनाज मंडी से उठान कार्य सुचारु रूप से हुआ।
दो लाख 72 हजार एमटी की आवक
डीसी एन के सोलंकी ने बताया कि वीरवार तक 2,72,476 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। गेहूं की कुल आवक में से 72, 856 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य और आपूर्ति विभाग, 57,017 मीट्रिक टन हैफेड, 78723 मीट्रिक टन एफसीआई, 47,863 मीट्रिक टन एग्रो, 15,067 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन तथा 950 मीट्रिक टन कॉन्फेड द्वारा खरीदा गया। बाबा लदाणा में एफसीआई द्वारा 8675 मीट्रिक टन, बालु में एग्रो द्वारा 3810 मीट्रिक टन, भागल में एफसीआई द्वारा 4024 मीट्रिक टन, ढांड में कुल 15835 मीट्रिक टन, गुहला-चीका में कुल 54840 मीट्रिक टन, गोहरां में 4500 मीट्रिक टन, हाबड़ी में 3454 मीट्रिक टन, जाखौली में 2350 मीट्रिक टन, कैथल में कुल 49,565 मीट्रिक टन, कलायत में कुल 17130 मीट्रिक टन, कांगथली में 3949 मीट्रिक टन, करोड़ा में 3460 मीट्रिक टन, क्योड़क में 2310 मीट्रिक टन, किठाना 6109 मीट्रिक टन, पाड़ला में 4268 मीट्रिक टन, पाई 3751 मीट्रिक टन, पूंडरी में 25612 मीट्रिक टन, राजौंद में 9509 मीट्रिक टन, रामथली में 10300 मीट्रिक टन, रसीना 1200 मीट्रिक टन, सजूमा में 852 मीट्रिक टन, सेरधा में 1680 मीट्रिक टन, सांघन में 3281 मीट्रिक टन, सीवन में 9554 मीट्रिक टन, टीक में 1457 मीट्रिक टन, गुहणा में 1257 मीट्रिक टन, कैलरम में 3230 मीट्रिक टन, फर्श माजरा में 1583 मीट्रिक टन तथा सोलू माजरा में 2538 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।
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जिससे अब मंडियों से गेहूं का उठान तेजी से हो पाएगा। अकेले कैथल नई अनाज मंडी में चार लाख से ज्यादा गेहूं के कट्टे पड़े हुए हैं। जिस कारण मंडी में जाम की स्थिति बनी हुई थी। ट्रकों से गेहूं की ढुलाई की जा रही थी। लेकिन आरोप है कि कुछ ट्रक चालकों ने गेहूं के उठान के लिए छह रुपये प्रति कट्टा तक अवैध वसूली शुरू कर दी थी। जिस पर आढ़ती एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मंडी में गेहूं उठान के लिए ट्रैक्टर-ट्राली चलाए जाने की अनुमति देने की मांग की थी।
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दो दिन तक विचार-विमर्श के बाद जिला प्रशासन ने यह अनुमति प्रदान की। जिसके तहत अनाज मंडी से ट्रैक्टरों के माध्यम से गेहूं का उठान शुरू हो गया है। इससे जहां आढ़तियों को अवैध वसूली से मुक्ति मिलेगी। वहीं ट्रक की तुलना में इसमें लदाई भी जल्दी हो सकेगी। ट्रैक्टर-ट्राली को मंडी में मोड़ना भी आसान रहता है। जहां ट्रकों को ले जाना कई बार संभव नहीं होता।
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एक ही दिन एक लाख कट्टों का उठान
शुक्रवार को दिन में ही करीब एक लाख कट्टों का उठान हो चुका है। दूसरा बरसात के कारण आवक भी प्रभावित हो रही थी। ऐसे में अब तक मंडियों मेें जमा गेहूं का उठान होने से भी लोगों को राहत मिलेगी। नई एवं पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश मित्तल ने कहा कि प्रशासन ने 15 दिनों तक कागजात पूरे करते हुए मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रालियों को चलाने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी। शुक्रवार को अनाज मंडी से उठान कार्य सुचारु रूप से हुआ।
दो लाख 72 हजार एमटी की आवक
डीसी एन के सोलंकी ने बताया कि वीरवार तक 2,72,476 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। गेहूं की कुल आवक में से 72, 856 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य और आपूर्ति विभाग, 57,017 मीट्रिक टन हैफेड, 78723 मीट्रिक टन एफसीआई, 47,863 मीट्रिक टन एग्रो, 15,067 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन तथा 950 मीट्रिक टन कॉन्फेड द्वारा खरीदा गया। बाबा लदाणा में एफसीआई द्वारा 8675 मीट्रिक टन, बालु में एग्रो द्वारा 3810 मीट्रिक टन, भागल में एफसीआई द्वारा 4024 मीट्रिक टन, ढांड में कुल 15835 मीट्रिक टन, गुहला-चीका में कुल 54840 मीट्रिक टन, गोहरां में 4500 मीट्रिक टन, हाबड़ी में 3454 मीट्रिक टन, जाखौली में 2350 मीट्रिक टन, कैथल में कुल 49,565 मीट्रिक टन, कलायत में कुल 17130 मीट्रिक टन, कांगथली में 3949 मीट्रिक टन, करोड़ा में 3460 मीट्रिक टन, क्योड़क में 2310 मीट्रिक टन, किठाना 6109 मीट्रिक टन, पाड़ला में 4268 मीट्रिक टन, पाई 3751 मीट्रिक टन, पूंडरी में 25612 मीट्रिक टन, राजौंद में 9509 मीट्रिक टन, रामथली में 10300 मीट्रिक टन, रसीना 1200 मीट्रिक टन, सजूमा में 852 मीट्रिक टन, सेरधा में 1680 मीट्रिक टन, सांघन में 3281 मीट्रिक टन, सीवन में 9554 मीट्रिक टन, टीक में 1457 मीट्रिक टन, गुहणा में 1257 मीट्रिक टन, कैलरम में 3230 मीट्रिक टन, फर्श माजरा में 1583 मीट्रिक टन तथा सोलू माजरा में 2538 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।