{"_id":"6a8ddf02b2785d22e6016dd8","slug":"patwaris-have-extended-their-strike-by-another-two-days-two-officials-a-tehsildar-and-a-naib-tehsildar-have-also-come-out-in-support-kaithal-news-c-245-1-kht1014-154242-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पटवारियों ने दो दिन और बढ़ाई हड़ताल, दो अधिकारियों तहसीलदार व नायब तहसीलदार भी समर्थन में उतरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पटवारियों ने दो दिन और बढ़ाई हड़ताल, दो अधिकारियों तहसीलदार व नायब तहसीलदार भी समर्थन में उतरे
विज्ञापन
लघु सचिवालय पर धरना देते पटवारी व कानूनगो। विज्ञप्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। ऑटो म्यूटेशन सॉफ्टवेयर में खामियों और डिजिटल क्रॉप सर्वे के विरोध में पटवारियों ने हड़ताल दो दिन के लिए और बढ़ा दी है। छह दिन से पटवार भवन पर ताला लगा हुआ है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब शुक्रवार को रक्षाबंधन और फिर शनिवार व रविवार होने के कारण अगले 5 दिनों तक कार्यालय बंद रहने से लोगों के रूटीन के साथ ही रजिस्ट्री व लोन जैसे जरूरी काम भी अटक गए हैं। मंगलवार को गुहला तहसीलदार व नायब तहसीलदार राजौंद ने धरने पर समर्थन दिया। गुहला तहसीलदार बलराज मलिक ने पटवार एसोसिएशन को 5100 राशि का सहयोग भी दिया।
सरकार के खिलाफ लगाए नारे
पटवारियों ने मंगलवार को भी लघु सचिवालय में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेंद्र खटकड़ ने कहा कि पोर्टल में अभी भी खामियां चल रही हैं। आईटी टीम पोर्टल को ठीक करने का दावा कर रही है जबकि हकीकत में कोई सुधार नहीं हुआ। अभी भी इंतकाल गलत दर्ज हो रहे हैं। न हिस्से ठीक आ रहे हैं और न मालकान के नाम। जब तक पोर्टल ठीक ढंग से काम नहीं करता विरोध जारी रखेंगे। प्रदेश प्रचार सचिव सुखविंदर सिंह ने कहा कि गिरदावरी का समय समाप्त होने को है लेकिन सरकार गंभीर नहीं है। सरकार दूसरे राज्यों की तरह डीसीएस प्राइवेट एजेंसी से कराने का काम करें। महासचिव बलिंद्र सिंह ने कहा कि पटवारी डीसीएस बिल्कुल नहीं करेंगे। इस मौके पर कानूनगो राजेश शर्मा, कृष्ण कुमार, पटवारी राजेश एडवोकेट, रामनिवास, सन्नी देओल, तरसेम कुमार, अशोक कुमार, सुमित, विरेंद्र सिंह, यशपाल और सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
ये काम हो रहे प्रभावित...
पटवारियों की हड़ताल के कारण रोजाना होने वाले कामों के साथ ही महत्वपूर्ण कार्य भी अटक गए हैं। जिले में रोजाना करीब 200 से ज्यादा रजिस्ट्री होती हैं जो हड़ताल के कारण नहीं हो पा रही हैं। रोजाना एक हजार के करीब प्रमाणपत्र व 200 से 300 लोन उतारने चढ़ाने के कार्य भी लोगों के नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों के पैसे से संबंधी जरूरी काम भी अटक गए हैं। वहीं जमाबंदी नकल जैसे छोटे काम भी प्रभावित हैं। जिले में पहले ही 5 हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित हैं।
विज्ञापन
पटवारियों से धरने के साथ ही काम करने की अपील भी की गई है, ताकि आमजन का काम होता रहे। साथ ही बातचीत की गई है और पटवारियों का संदेश उच्चाधिकारियों तक भेजा गया है।
- रविंद्र हुड्डा, तहसीलदार, कैथल।
विज्ञापन
सरकार के खिलाफ लगाए नारे
पटवारियों ने मंगलवार को भी लघु सचिवालय में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सुरेंद्र खटकड़ ने कहा कि पोर्टल में अभी भी खामियां चल रही हैं। आईटी टीम पोर्टल को ठीक करने का दावा कर रही है जबकि हकीकत में कोई सुधार नहीं हुआ। अभी भी इंतकाल गलत दर्ज हो रहे हैं। न हिस्से ठीक आ रहे हैं और न मालकान के नाम। जब तक पोर्टल ठीक ढंग से काम नहीं करता विरोध जारी रखेंगे। प्रदेश प्रचार सचिव सुखविंदर सिंह ने कहा कि गिरदावरी का समय समाप्त होने को है लेकिन सरकार गंभीर नहीं है। सरकार दूसरे राज्यों की तरह डीसीएस प्राइवेट एजेंसी से कराने का काम करें। महासचिव बलिंद्र सिंह ने कहा कि पटवारी डीसीएस बिल्कुल नहीं करेंगे। इस मौके पर कानूनगो राजेश शर्मा, कृष्ण कुमार, पटवारी राजेश एडवोकेट, रामनिवास, सन्नी देओल, तरसेम कुमार, अशोक कुमार, सुमित, विरेंद्र सिंह, यशपाल और सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
ये काम हो रहे प्रभावित...
पटवारियों की हड़ताल के कारण रोजाना होने वाले कामों के साथ ही महत्वपूर्ण कार्य भी अटक गए हैं। जिले में रोजाना करीब 200 से ज्यादा रजिस्ट्री होती हैं जो हड़ताल के कारण नहीं हो पा रही हैं। रोजाना एक हजार के करीब प्रमाणपत्र व 200 से 300 लोन उतारने चढ़ाने के कार्य भी लोगों के नहीं हो पा रहे हैं। इससे लोगों के पैसे से संबंधी जरूरी काम भी अटक गए हैं। वहीं जमाबंदी नकल जैसे छोटे काम भी प्रभावित हैं। जिले में पहले ही 5 हजार से ज्यादा इंतकाल लंबित हैं।
विज्ञापन
पटवारियों से धरने के साथ ही काम करने की अपील भी की गई है, ताकि आमजन का काम होता रहे। साथ ही बातचीत की गई है और पटवारियों का संदेश उच्चाधिकारियों तक भेजा गया है।
- रविंद्र हुड्डा, तहसीलदार, कैथल।

लघु सचिवालय पर धरना देते पटवारी व कानूनगो। विज्ञप्ति