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जिले में 238 करोड़ के बिजली बिल बकाया
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20-कैथल। राजीव गांधी विघुत भवन।
- फोटो : Kaithal
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कैथल। जिले भर में 68,872 बिजली उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का 2.38 अरब रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। बिजली निगम के इन बकायेदारों में सर्वाधिक ग्रामीण उपभोक्ता हैं। जिले में 52887 ग्रामीण उपभोक्ताओं पर करीब 100.91 करोड़ का बकाया है।
विभाग के अनुसार इनमें से 35 हजार 494 उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब भी चालू हैं। इन पर 1.13 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं। 17393 उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन बंद हैं। इन पर 7. 82 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की बात करें तो इन पर कुल 12 करोड़ 88 लाख 94 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 5328 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके कनेक्शन चालू हैं। इन पर आठ करोड़ एक लाख 91 हजार रुपये बकाया चल रहे हैं। 2696 उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिजली बिल न भरने की वजह से कट चुके हैं। उन उपभोक्ताओं पर चार करोड़ 87 लाख 03 हजार रुपये के बिल बकाया हैं।
व्यावसायिक कनेक्शनों की बात की जाय तो जिले में 6,974 व्यावसायिक कनेक्शनों पर 19 करोड़ पांच लाख 73 हजार रुपये का बिल बकाया है। इनमें 4276 उपभोक्ताओं के कनेक्शन चालू हैं। जिन पर बिजली निगम के 11 करोड़ 66 लाख 79 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया चल रहे हैं। 2698 व्यावसायिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इन पर 7 करोड़ 38 लाख 94 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। संवाद
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987 औद्योगिक इकाइयां भी बकाएदार
जिले में 987 औद्योगिक इकाइयों भी बिजली निगम की बकायेदार हैं। इन पर 15 करोड़ 3 लाख 87 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 382 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन चालू हैं। इन पर 11. 66 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया है। वहीं 605 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इन पर छह करोड़ 36 लाख 90 हजार रुपये के बिल बकाया हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है बिजली निगम ने शहरी उपभोक्ताओं, व्यावसायिक कनेक्शनों और औद्योगिक इकाइयों से बकाया बिलों की रिकवरी करने के लिए स्पेशल अभियान भी चलाया है। घर-घर जाकर बकाया बिलों की रिकवरी के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं, जो बिल नहीं भरेगा, उनके निगम द्वारा कनेक्शन काटे जाएंगे।
कोट....
बिल वसूली के लिए चलाए जा रहे स्पेशल अभियान के तहत शुरुआत में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों का बकाया बिल भरवाया जा रहा है। जो बिल नहीं भर रहे हैं, उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं।
कशिक मान एसई बिजली निगम
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विभाग के अनुसार इनमें से 35 हजार 494 उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब भी चालू हैं। इन पर 1.13 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं। 17393 उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन बंद हैं। इन पर 7. 82 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की बात करें तो इन पर कुल 12 करोड़ 88 लाख 94 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 5328 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके कनेक्शन चालू हैं। इन पर आठ करोड़ एक लाख 91 हजार रुपये बकाया चल रहे हैं। 2696 उपभोक्ताओं के कनेक्शन बिजली बिल न भरने की वजह से कट चुके हैं। उन उपभोक्ताओं पर चार करोड़ 87 लाख 03 हजार रुपये के बिल बकाया हैं।
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व्यावसायिक कनेक्शनों की बात की जाय तो जिले में 6,974 व्यावसायिक कनेक्शनों पर 19 करोड़ पांच लाख 73 हजार रुपये का बिल बकाया है। इनमें 4276 उपभोक्ताओं के कनेक्शन चालू हैं। जिन पर बिजली निगम के 11 करोड़ 66 लाख 79 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया चल रहे हैं। 2698 व्यावसायिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इन पर 7 करोड़ 38 लाख 94 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। संवाद
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987 औद्योगिक इकाइयां भी बकाएदार
जिले में 987 औद्योगिक इकाइयों भी बिजली निगम की बकायेदार हैं। इन पर 15 करोड़ 3 लाख 87 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं। इनमें 382 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन चालू हैं। इन पर 11. 66 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया है। वहीं 605 औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इन पर छह करोड़ 36 लाख 90 हजार रुपये के बिल बकाया हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है बिजली निगम ने शहरी उपभोक्ताओं, व्यावसायिक कनेक्शनों और औद्योगिक इकाइयों से बकाया बिलों की रिकवरी करने के लिए स्पेशल अभियान भी चलाया है। घर-घर जाकर बकाया बिलों की रिकवरी के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं, जो बिल नहीं भरेगा, उनके निगम द्वारा कनेक्शन काटे जाएंगे।
कोट....
बिल वसूली के लिए चलाए जा रहे स्पेशल अभियान के तहत शुरुआत में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों का बकाया बिल भरवाया जा रहा है। जो बिल नहीं भर रहे हैं, उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं।
कशिक मान एसई बिजली निगम