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Kaithal News: बड़ी देवी मंदिर में 400 वर्षों से प्रज्वलित है ज्योत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:03 AM IST
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The flame has been burning in the Badi Devi temple for 400 years.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर के पुराने अस्पताल के निकट स्थित प्राचीन बड़ी देवी मंदिर करीब 700 वर्ष पुराना है। यहां पर लगभग 400 वर्षों से अखंड ज्योति प्रज्वलित है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना गांव बाबा लदाना के महंत बाबा राजपुरी ने की थी। उन्होंने मां के दर्शन पाने के लिए, मंदिर के स्थान पर तपस्या की थी। इसके बाद मां हिंगलाज ने बाबा राजपुरी की तपस्या से प्रसन्न हो यहां विराजमान होने का वचन दिया था। विदित रहे कि मां हिंगलाज शक्तिपीठ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में है।

प्राचीन बड़ी देवी के महंत हीरा पुरी ने बताया कि जब बाबा राजपुरी ने यहां मां को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की और हिंगलाज मां के दर्शनों के बाद बाबा ने उनसे यहां पर विराजमान होने का आग्रह किया। तब मां ने उनसे कहा था कि वे इस स्थान पर मंदिर की स्थापना करें, ताकि श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी हो सके। इसके बाद महंत ने यहां श्री बड़ी देवी माता के नाम से मंदिर स्थापित किया। इसके अलावा गांव बाबा लदाना में बाबा राजपुरी के मठ पर दशहरा पर्व पर तीन दिन तक विशाल मेला लगता है। ये मेला अष्टमी से शुरू होता है और दशहरा पर्व पर संपन्न होता है। यहां पर दूध चढ़ाने की विशेष प्राचीन परंपरा है। प्राचीन बड़ी मंदिर में नवरात्र के त्योहार पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यहां नवरात्र में भक्त जो भी मन्नत मांगते हैं।
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के हिंगलाज में हिंगोल नदी के तट पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर है। इसे नानी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों में इसका नाम भी शामिल है। माना जाता है कि यहां पर मां का ब्रह्मरंध शीश गिरा था। इस मंदिर में श्रद्धालुओं की बहुत आस्था है। नवरात्र में यहां पर लगातार 41 दिन तक मां की ज्योति जलाने से संतान की प्राप्ति होती है।
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महंत ने बताया कि नवरात्र पर्व पर सुबह पांच बजे से ही यहां पर पूजा.अर्चना की जाती है। मंदिर की विशेषता बड़ी देवी माता मंदिर को भव्य रूप दिया गया है। मंदिर को आंतरिक विधि से बनाया है। मंदिर के आगे तीर्थ बनाया गया है। इसके मु य द्वार को भी भव्य बनाया गया है। मंदिर छोटी ईंटों से बनाया गया है।
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