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Kaithal News: नई ई-टिकटिंग मशीनों की कमी से जूझ रहा विभाग, 100 मशीनों की जरूरत

Mon, 01 Jun 2026 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 01 Jun 2026 11:23 PM IST
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The department is facing a shortage of new e-ticketing machines, 100 machines are needed.
बस अड्डा पर रखी हुई ई टिकटिंग मशीनें। संवाद
कैथल। जिले का रोडवेज डिपो इन दिनों ई-टिकटिंग मशीनों की कमी से जूझ रहा है। परिचालकों की संख्या के अनुसार डिपो में करीब 280 ई-टिकटिंग मशीनों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में केवल 180 मशीनें ही उपलब्ध हैं। इनमें से भी पांच मशीनें हैप्पी कार्ड एक्टिवेशन के लिए निर्धारित हैं। स्थिति को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने 100 नई ई-टिकटिंग मशीनों की मांग मुख्यालय को भेजी हुई है।
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रोडवेज विभाग के अनुसार डिपो को पहले 215 ई-टिकटिंग मशीनें मिली थीं लेकिन उनमें से 35 मशीनें खराब होने के बाद मरम्मत के लिए मुख्यालय भेजी गई थीं। करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद ये मशीनें नहीं लौटी हैं। वहीं उपलब्ध मशीनों में भी कई तकनीकी खराबियों के कारण परिचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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डिपो में उपयोग की जा रही अधिकतर मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। कई मशीनों की बैटरियां फूल चुकी हैं और बार-बार चार्ज करने के बावजूद वे अधिक समय तक काम नहीं कर पाती। कई बार मशीनें बीच में ही हैंग हो जाती हैं या टिकट जारी करने की प्रक्रिया अधूरी छोड़ देती हैं। इससे टिकटिंग व्यवस्था प्रभावित होती है और यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ता है।
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परिचालकों का कहना है कि कई मशीनों के प्रिंटर भी ठीक से काम नहीं करते। कई बार टिकट प्रिंट नहीं होता जिससे यात्रियों और परिचालकों के बीच असहज स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों में हाथ से टिकट काटना पड़ता है जिससे समय अधिक लगता है और कार्य का दबाव भी बढ़ जाता है। जिले में करीब 280 परिचालक कार्यरत हैं, जबकि प्रतिदिन 180 से अधिक बसें विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं। मशीनों की कमी के कारण कई बार एक मशीन को अलग-अलग परिचालकों के बीच साझा करना पड़ता है। इससे कार्य प्रभावित होता है और कुछ मामलों में परिचालकों को अवकाश लेने पर भी मजबूर होना पड़ता है।

यात्रियों ने भी उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग
यात्री मनप्रीत ने बताया कि बसों में ई-टिकटिंग की प्रक्रिया कई बार धीमी हो जाती है। विशेषकर हैप्पी कार्ड से टिकट जारी करने में अधिक समय लगता है। डिपो में पर्याप्त संख्या में मशीनें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि यात्रियों और परिचालकों दोनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

ई-टिकटिंग मशीनों की आवश्यकता के लिए मुख्यालय को मांग भेजी गई है। जल्द ही नई मशीनें उपलब्ध होने की उम्मीद है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही है और सभी हैप्पी कार्ड सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। — विपुल कुमार, टीएम, कैथल

बस अड्डा पर रखी हुई ई टिकटिंग मशीनें। संवाद

बस अड्डा पर रखी हुई ई टिकटिंग मशीनें। संवाद

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