फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Severe shortage of DAP fertilizer; allegations of black marketing a bag priced at 1,350 is being sold for 1,650.

Kaithal News: डीएपी खाद की भारी किल्लत, कालाबाजारी का आरोप, 1350 वाला थैला 1650 रुपये में बिक रहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
Severe shortage of DAP fertilizer; allegations of black marketing a bag priced at 1,350 is being sold for 1,650.
डीएपी खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर कृषि विभाग के प्रति रोष जताते किसान।
गुहला-चीका। मंडियों में धान की फसल भीगने से पहले ही परेशान किसानों के सामने अब गेहूं की बिजाई के सीजन में डीएपी खाद की किल्लत बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो गई है। सरकारी बिक्री केंद्रों और सहकारी समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि निजी दुकानदार निर्धारित 1350 रुपये प्रति थैला कीमत वाले डीएपी खाद के थैले के लिए 1650 से 1700 रुपये तक वसूल रहे हैं। इसके अलावा खाद के साथ घटिया किस्म की दवाइयां और सल्फर की थैली भी जबरन देने के आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि गेहूं की बिजाई समय पर करने की मजबूरी के कारण उन्हें महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है जबकि प्रशासन की ओर से कालाबाजारी रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। शुक्रवार सुबह चीका स्थित पैक्स केंद्र खुलते ही हर रोज की तरह किसान डीएपी खाद की उपलब्धता का पता लगाने पहुंचे। किसानों के अनुसार वहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने खाद का स्टॉक खत्म होने की बात कही। किसानों को बताया गया कि पिछले करीब एक महीने से खाद का कोई रैक नहीं आया है।
विज्ञापन

--------
किसान कृष्ण सीड़ा, कर्म सिंह, गुरबचन सिंह, रामफल, पालाराम और बलविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि हैफेड, कृषि विभाग और पैक्स से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण चीका पैक्स में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी तरफ शहर की निजी दुकानों पर महंगे दामों में खाद बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में किसानों को समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी फसल की बिजाई के लिए खाद कहां से खरीदें। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निजी दुकानदार डीएपी के साथ अन्य दवाइयां और सल्फर की थैली लेने के लिए दबाव बनाते हैं। किसानों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त कैथल से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि अधिकारी डॉ. कंचन शर्मा ने कहा कि डीएपी खाद 1650 रुपये में कालाबाजारी में बिकने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उनके पास इस संबंध में कोई लिखित शिकायत भी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि किसान लिखित शिकायत देते हैं तो संबंधित दुकानों पर छापा मारा जाएगा और अनियमितताएं पाए जाने पर दुकानदारों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

डीएपी खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर कृषि विभाग के प्रति रोष जताते किसान।

डीएपी खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर कृषि विभाग के प्रति रोष जताते किसान।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed