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पेट्रोल पंप संचालक आत्महत्या कांड में चार गिरफ्तार
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पिछले माह पेट्रोल पंप संचालक ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने उसके दो भाइयों सहित चार आरोपी सुनील चावला, बलजीत शर्मा, तरसेम व सुशील को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पांच सितंबर को कैथल के सेक्टर 19 निवासी सार्थक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसके पिता अशोक गर्ग का खनौरी बाईपास पर सत्य फिलिंग स्टेशन के नाम से एचपी का पेट्रोल पंप चलाते थे। यह पंप वर्ष 2010 से उसकी मां के नाम से है। उसके पिता के दो और भाई हैं। उन्होंने रिहायशी पुश्तैनी मकान पर बैंक से लोन लिया हुआ था। रिहायशी मकान का बैंक लोन न भरने पर बैंक ने मकान को अपने कब्जे में ले लिया था। उनके पिता के भाइयों का एक राइस है। जो 2018 से बंद है और बैंक का कब्जा है। प्रॉपर्टी पर पिता का दोनों ताऊ के साथ काफी समय से बंटवारे को लेकर मन मुटाव चल रहा था। पिता अशोक को बंटवारा ठीक न होने से भी परेशानी रहती थी। उसने कहा था कि उसके पिता अशोक गर्ग का एचपी ऑयल कंपनी पानीपत से ऑयल लाने का कोन्ट्रट था। ऑयल कंपनी के सेल मैनेजर सुनील चावला की ओर से उनके पिता को ऑयल लेते समय बार बार यह कहा जाता था कि ऑयल लेने कि कंपनी में आपकी इमेज नहीं और वह कंपनी से तेल दिलवाते रहेंगे। इसकी एवज मे प्रति गाड़ी 10 हजार रुपये अलग से लेता था। करीब 2-3 साल से इस एवेज मे सुनील चावला उनके पिता से लगभग 35 लाख रुपये ले चुका है। ये रुपये सुनील चावला ने कंपनी सेल्स मैनेजर बलजीत शर्मा के माध्यम से लिए हैं। इन रुपये की लेन देने के कारण उसके पिता परेशान रहते थे। आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले उसके पिता से सुनील चावला व बलजीत शर्मा के माध्यम से रुपये मांग रहा था। 5 सितंबर को उसके पिता की जहर खाने से मौत हो गई थी। सुनील चावला व बलजीत शर्मा ने उसके पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। बाद में परिजनों के ब्यान के आधार पर मृतक के भाई सुशील व तरसेम को भी आरोपी बनाया गया। थाना शहर एसएचओ के अनुसार आरोपी सुनील चावला, बलजीत शर्मा, तरसेम व सुशील को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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पांच सितंबर को कैथल के सेक्टर 19 निवासी सार्थक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसके पिता अशोक गर्ग का खनौरी बाईपास पर सत्य फिलिंग स्टेशन के नाम से एचपी का पेट्रोल पंप चलाते थे। यह पंप वर्ष 2010 से उसकी मां के नाम से है। उसके पिता के दो और भाई हैं। उन्होंने रिहायशी पुश्तैनी मकान पर बैंक से लोन लिया हुआ था। रिहायशी मकान का बैंक लोन न भरने पर बैंक ने मकान को अपने कब्जे में ले लिया था। उनके पिता के भाइयों का एक राइस है। जो 2018 से बंद है और बैंक का कब्जा है। प्रॉपर्टी पर पिता का दोनों ताऊ के साथ काफी समय से बंटवारे को लेकर मन मुटाव चल रहा था। पिता अशोक को बंटवारा ठीक न होने से भी परेशानी रहती थी। उसने कहा था कि उसके पिता अशोक गर्ग का एचपी ऑयल कंपनी पानीपत से ऑयल लाने का कोन्ट्रट था। ऑयल कंपनी के सेल मैनेजर सुनील चावला की ओर से उनके पिता को ऑयल लेते समय बार बार यह कहा जाता था कि ऑयल लेने कि कंपनी में आपकी इमेज नहीं और वह कंपनी से तेल दिलवाते रहेंगे। इसकी एवज मे प्रति गाड़ी 10 हजार रुपये अलग से लेता था। करीब 2-3 साल से इस एवेज मे सुनील चावला उनके पिता से लगभग 35 लाख रुपये ले चुका है। ये रुपये सुनील चावला ने कंपनी सेल्स मैनेजर बलजीत शर्मा के माध्यम से लिए हैं। इन रुपये की लेन देने के कारण उसके पिता परेशान रहते थे। आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले उसके पिता से सुनील चावला व बलजीत शर्मा के माध्यम से रुपये मांग रहा था। 5 सितंबर को उसके पिता की जहर खाने से मौत हो गई थी। सुनील चावला व बलजीत शर्मा ने उसके पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। बाद में परिजनों के ब्यान के आधार पर मृतक के भाई सुशील व तरसेम को भी आरोपी बनाया गया। थाना शहर एसएचओ के अनुसार आरोपी सुनील चावला, बलजीत शर्मा, तरसेम व सुशील को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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