{"_id":"65effbe0e647138eb50995a2","slug":"last-rites-performed-with-state-honors-kaithal-news-c-18-1-knl1004-346097-2024-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: राजकीय सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: राजकीय सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार
Tue, 12 Mar 2024 12:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 12 Mar 2024 12:23 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। फरियाबाद गांव निवासी बीएसएफ के जवान सूरजभान की बीमारी के कारण निधन हो गया। सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ गांव में दाह संस्कार किया गया। इस दौरान बीएसएफ हिसार व बीकानेर से टुकडि़यां सलामी देने के लिए पहुंचीं।
परिजनों ने बताया कि उसके चाचा सूरजभान बीएसएफ फोर्स में बीकानेर में कांस्टेबल की पोस्ट पर कार्यरत थे। जो पिछले करीब छह महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका बीकानेर सरकारी अस्पताल में बीमारी के चलते नौ मार्च को रात 11 बजे देहांत हो गया।
सोमवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इसमें राजौद नायब तहसीलदार हरिकृष्ण ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। वहीं, बीएसएफ हिसार व बीएसएफ बीकानेर से फोर्स की दो टुकडिय़ां सलामी देने के लिए पहुंची। सूरजभान के दो बेटे दो बेटियां हैं।
विज्ञापन
इसमें एक बेटे व एक बेटी की शादी हो चुकी है। वह पिछले दो वर्ष से बीकानेर में रह रहे थे। जिनका बीमारी के कारण देहांत हो गया और रविवार रात 12 बजे के आसपास उनका शव गांव में पहुंचा। इसके बाद सोमवार दोपहर के समय उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
विज्ञापन
राजौंद। फरियाबाद गांव निवासी बीएसएफ के जवान सूरजभान की बीमारी के कारण निधन हो गया। सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ गांव में दाह संस्कार किया गया। इस दौरान बीएसएफ हिसार व बीकानेर से टुकडि़यां सलामी देने के लिए पहुंचीं।
परिजनों ने बताया कि उसके चाचा सूरजभान बीएसएफ फोर्स में बीकानेर में कांस्टेबल की पोस्ट पर कार्यरत थे। जो पिछले करीब छह महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका बीकानेर सरकारी अस्पताल में बीमारी के चलते नौ मार्च को रात 11 बजे देहांत हो गया।
विज्ञापन
सोमवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इसमें राजौद नायब तहसीलदार हरिकृष्ण ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। वहीं, बीएसएफ हिसार व बीएसएफ बीकानेर से फोर्स की दो टुकडिय़ां सलामी देने के लिए पहुंची। सूरजभान के दो बेटे दो बेटियां हैं।
विज्ञापन
इसमें एक बेटे व एक बेटी की शादी हो चुकी है। वह पिछले दो वर्ष से बीकानेर में रह रहे थे। जिनका बीमारी के कारण देहांत हो गया और रविवार रात 12 बजे के आसपास उनका शव गांव में पहुंचा। इसके बाद सोमवार दोपहर के समय उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।