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जिला अस्पताल को मिले 3 और नए डॉक्टर, अब 17 से बढ़कर हुए 20
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर और जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को खल रही डॉक्टरों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में तीन नए डॉक्टरों को नियुक्त किया है। इनमें से दो डॉक्टरों ने जहां करनाल से आकर अपनी तैनाती दे दी है। वहीं एक डॉक्टर को पंचकूला से बुलाया गया है। अब जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई।
अस्पताल को जो नए डॉक्टर मिले हैं, उनमें से एक फिजिशियन हैं और दूसरा हड्डी रोग विशेषज्ञ है। करनाल अस्पताल से कैथल में नियुक्त किए गए डॉक्टर हिमांशु हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। दूसरा वहीं से कैथल आई डॉक्टर पायल गुप्ता फिजिशियन हैं। इसके अलावा का पंचकूला से कैथल आए डॉक्टर अनुज विश्नोई एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में इस समय डॉक्टरों के 55 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस समय केवल 20 पदों पर ही डॉक्टर नियुक्त हैं। हालांकि स्टाफ के रिकॉर्ड में इस समय जिला अस्पताल में 27 डॉक्टर हैं, लेकिन इनमें से 7 डॉक्टर करीब एक वर्ष से गैरहाजिर चल रहे हैं। न तो उन डॉक्टरों ने अभी तक विभाग को इस्तीफा दिया है और न ही विभाग द्वारा उन्हें निकाला गया है। कुल मिलाकर इस समय 20 डॉक्टरों के सहारे ही जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। संवाद
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एक-एक डॉक्टर पर कार्यभार ज्यादा
अस्पताल में तैनात एक-एक डॉक्टर पर इस समय कई प्रकार के कार्यभार हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच के बाद वही डॉक्टर इमरजेंसी में मरीजों को देखता है। कोरोना से बचाव के प्रबंधों में भी उसी डॉक्टर को साथ में समय देना पड़ता है। इसके अलावा ई-संजीवनी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी डॉक्टर को समय देना पड़ रहा है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है।
ओपीडी के बाहर लगी रहती हैं मरीजों की कतारें
डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहती हैं। अस्पताल में रोजाना 800 के करीब मरीजों की ओपीडी हो रही है। सामान्य बीमारी के इलाज के लिए भी मरीजों को कई-कई घंटे कतारों में खड़ा रहना पड़ा है। अब इन तीन डॉक्टरों से आने से सुविधाएं बेहतर होने की आस जगी है।
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वर्जन
पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि तीनों डॉक्टरों ने अस्पताल में अपना कार्य संभाल लिया है। अन्य डॉक्टरों की नियुक्ति बारे भी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विभाग के मुख्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के अन्य प्रबंध भी पुख्ता किए जा रहे हैं।
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अस्पताल को जो नए डॉक्टर मिले हैं, उनमें से एक फिजिशियन हैं और दूसरा हड्डी रोग विशेषज्ञ है। करनाल अस्पताल से कैथल में नियुक्त किए गए डॉक्टर हिमांशु हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। दूसरा वहीं से कैथल आई डॉक्टर पायल गुप्ता फिजिशियन हैं। इसके अलावा का पंचकूला से कैथल आए डॉक्टर अनुज विश्नोई एमबीबीएस डॉक्टर हैं।
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गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में इस समय डॉक्टरों के 55 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस समय केवल 20 पदों पर ही डॉक्टर नियुक्त हैं। हालांकि स्टाफ के रिकॉर्ड में इस समय जिला अस्पताल में 27 डॉक्टर हैं, लेकिन इनमें से 7 डॉक्टर करीब एक वर्ष से गैरहाजिर चल रहे हैं। न तो उन डॉक्टरों ने अभी तक विभाग को इस्तीफा दिया है और न ही विभाग द्वारा उन्हें निकाला गया है। कुल मिलाकर इस समय 20 डॉक्टरों के सहारे ही जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। संवाद
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एक-एक डॉक्टर पर कार्यभार ज्यादा
अस्पताल में तैनात एक-एक डॉक्टर पर इस समय कई प्रकार के कार्यभार हैं। ओपीडी में मरीजों की जांच के बाद वही डॉक्टर इमरजेंसी में मरीजों को देखता है। कोरोना से बचाव के प्रबंधों में भी उसी डॉक्टर को साथ में समय देना पड़ता है। इसके अलावा ई-संजीवनी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी डॉक्टर को समय देना पड़ रहा है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है।
ओपीडी के बाहर लगी रहती हैं मरीजों की कतारें
डॉक्टरों की कमी के चलते अस्पताल में ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहती हैं। अस्पताल में रोजाना 800 के करीब मरीजों की ओपीडी हो रही है। सामान्य बीमारी के इलाज के लिए भी मरीजों को कई-कई घंटे कतारों में खड़ा रहना पड़ा है। अब इन तीन डॉक्टरों से आने से सुविधाएं बेहतर होने की आस जगी है।
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वर्जन
पीएमओ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि तीनों डॉक्टरों ने अस्पताल में अपना कार्य संभाल लिया है। अन्य डॉक्टरों की नियुक्ति बारे भी अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विभाग के मुख्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के अन्य प्रबंध भी पुख्ता किए जा रहे हैं।