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Kaithal News: शादियों में जरी वाले लहंगे और शेरवानी की मांग बढ़ी
Sat, 01 Nov 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:12 AM IST
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दूल्हे के लिए शेरवानी भी पंजाबी लुकिंग में रखी गई संवाद
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विक्रम सिंह
कैथल। शादियों का सीजन शुरू होते ही शहर के रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। लोग साड़ियां, जरी वाले लहंगे, शेरवानी, पैंट-शर्ट और कुर्ता-पैजामा की खरीदारी में जुटे हैं। रेडीमेड और बिना सिले कपड़ों की बिक्री बढ़ने से व्यापारियों में उत्साह है। उनका कहना है कि जरी वाले लहंगे और शेरवानी की मांग अबकी ज्यादा है।
तलाई बाजार, शास्त्री मार्केट और छात्रावास रोड स्थित दुकानों पर सुबह से रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी है। खासतौर पर दूल्हों के लिए शेरवानी, ब्लेजर और कोट-पैंट की तो दुल्हनों के लिए जरी वर्क वाले लहंगों को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
शोरूम संचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि इस बार तीन कलर कॉम्बिनेशन वाली शेरवानी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। बाजार में जोधपुरी, अचकन, इंडो-वेस्टर्न और अंगरखा स्टाइल सहित कई डिजाइन उपलब्ध हैं। किराया 2,100 से 15,000 रुपये तक है।
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दुल्हनों के लिए डिजाइनर लहंगों के साथ सूट और साड़ियों की खरीदारी भी तेजी पर है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार कपड़ों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 25-30 प्रतिशत अधिक रहने की उम्मीद है। महिलाओं में आर्ट सिल्क, जरी और सीक्वेंस वर्क वाले लहंगे व साड़ियां ट्रेंड में हैं। दर्जियों ने भी ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है। इस बार विवाह के शुभ मुहूर्त नवंबर से लेकर मार्च 2026 तक हैं। बाजारों में सफेद शेरवानी, ब्राइडल लहंगे, जॉर्जेट और सिल्क साड़ियों की खूब मांग है। युवतियां हल्के वजन की जॉर्जेट साड़ियों को पसंद कर रही हैं, जबकि जयपुरी और सिल्क साड़ियां बड़ी उम्र की महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। संवाद
नए डिजाइन का बढ़ा क्रेज
कढ़ाई, जरी वर्क और मिरर वर्क वाले नए डिजाइन ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। दुकानों में पारंपरिक डिजाइनों और हाथ की कढ़ाई वाले कपड़ों का सुंदर संग्रह सजाया गया है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले महीनों में बाजार में सुस्ती रही थी, लेकिन देवउठनी एकादशी से शुरू हो रहे विवाह सीजन से कारोबार में नई जान आने की उम्मीद है।
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कैथल। शादियों का सीजन शुरू होते ही शहर के रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। लोग साड़ियां, जरी वाले लहंगे, शेरवानी, पैंट-शर्ट और कुर्ता-पैजामा की खरीदारी में जुटे हैं। रेडीमेड और बिना सिले कपड़ों की बिक्री बढ़ने से व्यापारियों में उत्साह है। उनका कहना है कि जरी वाले लहंगे और शेरवानी की मांग अबकी ज्यादा है।
तलाई बाजार, शास्त्री मार्केट और छात्रावास रोड स्थित दुकानों पर सुबह से रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी है। खासतौर पर दूल्हों के लिए शेरवानी, ब्लेजर और कोट-पैंट की तो दुल्हनों के लिए जरी वर्क वाले लहंगों को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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शोरूम संचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि इस बार तीन कलर कॉम्बिनेशन वाली शेरवानी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। बाजार में जोधपुरी, अचकन, इंडो-वेस्टर्न और अंगरखा स्टाइल सहित कई डिजाइन उपलब्ध हैं। किराया 2,100 से 15,000 रुपये तक है।
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दुल्हनों के लिए डिजाइनर लहंगों के साथ सूट और साड़ियों की खरीदारी भी तेजी पर है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार कपड़ों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 25-30 प्रतिशत अधिक रहने की उम्मीद है। महिलाओं में आर्ट सिल्क, जरी और सीक्वेंस वर्क वाले लहंगे व साड़ियां ट्रेंड में हैं। दर्जियों ने भी ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है। इस बार विवाह के शुभ मुहूर्त नवंबर से लेकर मार्च 2026 तक हैं। बाजारों में सफेद शेरवानी, ब्राइडल लहंगे, जॉर्जेट और सिल्क साड़ियों की खूब मांग है। युवतियां हल्के वजन की जॉर्जेट साड़ियों को पसंद कर रही हैं, जबकि जयपुरी और सिल्क साड़ियां बड़ी उम्र की महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। संवाद
नए डिजाइन का बढ़ा क्रेज
कढ़ाई, जरी वर्क और मिरर वर्क वाले नए डिजाइन ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। दुकानों में पारंपरिक डिजाइनों और हाथ की कढ़ाई वाले कपड़ों का सुंदर संग्रह सजाया गया है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले महीनों में बाजार में सुस्ती रही थी, लेकिन देवउठनी एकादशी से शुरू हो रहे विवाह सीजन से कारोबार में नई जान आने की उम्मीद है।