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शर्मनाम: गर्भ में पल रही थी लड़की, सास ने करा दिया बहू का गर्भपात, बच्चेदानी में कट लगने से बिगड़ी हालत

Thu, 10 Mar 2022 12:40 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 10 Mar 2022 12:40 AM IST
सार

महिला की जान बचाने के लिए बच्चेदानी की ट्यूब निकालनी पड़ी। पीड़िता की बहन की शिकायत पर सास और दो चिकित्सकों के खिलाफ अवैध रूप से गर्भपात कराने का केस दर्ज किया गया है। 

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abortion was done when girl found in the womb In Kaithal of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

गर्भ में लड़की होने का पता चलने पर सास ने अपनी बहू का गर्भपात करा दिया। सास के कहने पर उसकी सहमति के बिना चीका के दो चिकित्सकों ने गर्भपात करा दिया। जब विवाहिता की हालत बिगड़ गई तो परिजन उसे पटियाला के राजेंद्रा अस्पताल ले गए। वहां उसकी जान बचाने के लिए बच्चेदानी की एक ट्यूब निकालनी पड़ी। पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस ने सास और दोनों चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 

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हरियाणा के कैथल जिले के चीका क्षेत्र के भाटिया गांव निवासी कुलबीर का कहना है कि उसकी बहन परमजीत की शादी फरवरी 2015 में गुहला के वार्ड 13 सलेमपुर गामड़ी निवासी गगनदीप सिंह के साथ हुई थी। साढ़े तीन महीने पहले परमजीत गर्भवती हो गई थी। वह दो मार्च को अपनी सास सत्या के साथ राधा कृष्णा नर्सिंग होम चीका में जांच करवाने गई थी। वहां डॉक्टर रेणु गुप्ता ने उसकी बहन को अल्ट्रासाउंड करवाने को कहा।
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इसके बाद परमजीत अपनी सास के साथ अल्ट्रासाउंड करवाने चली गई। जब वे अल्ट्रासाउंड करवाकर वापस आए तो सास ने डॉ. रेणु गुप्ता व डॉ. मनोज कुमार को अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट दिखाई। गर्भ में लड़की होने की वजह से परमजीत की सास के कहने पर दोनों डॉक्टर उसे जांच केंद्र में ले गए। वहां परमजीत को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो काफी दर्द हो रहा था। साथ ही खून भी बह रहा था।
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इसके बाद दोनों डॉक्टरों ने बहन को दवाई देकर घर भेज दिया और कहा कि दवाई से दर्द व खून का बहाव बंद हो जाएगा। घर जाने के बाद भी उसकी बहन का दर्द और खून नहीं रुका। घटना के तीन दिन बाद पांच मार्च को उसे ज्यादा दर्द होने लगा। इसके बाद उसके मायके वाले परमजीत के सुसराल पहुंचे।

परमजीत को उसके पिता हरमेल सिंह डॉ. रेणु गुप्ता व मनोज गुप्ता के पास ले गए। दोनों डॉक्टरों ने परमजीत को पिहोवा लेकर जाने को कहा लेकिन उसके पिता पिहोवा न ले जाकर उसे पटियाला के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उसे राजिंद्रा अस्पताल भेज दिया। वहां डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि गर्भपात के कारण उसे रक्तस्राव हो रहा है।

उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसकी बच्चेदानी की एक ट्यूब निकालनी पड़ी। कुलबीर ने आरोप लगाया कि उसकी कि उसकी बहन व उसके जीजा की सहमति के बिना दोनों डॉक्टरों ने उसकी बहन की सास के कहने पर गर्भपात कराया।


एसएचओ चीका राजेंद्र ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर डॉ. रेनू गुप्ता व डॉ. मनोज कुमार के अलावा भुक्तभोगी की सास सत्या के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच कर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।

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