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Kaithal News: 42 हजार वेतन की मांग पर दिसंबर में दिल्ली में तीन दिन पड़ाव डालेंगी आशा वर्कर
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जिला सम्मेलन के दौरान आशा वर्कर। विज्ञप्ति
कैथल। आशा वर्करों को कर्मचारी का दर्जा देने और 42 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन की मांग पर देशभर की आशा वर्कर 1 से 3 दिसंबर तक दिल्ली में तीन दिवसीय पड़ाव डालेंगी। इसमें आंगनबाड़ी और मिड-डे-मील वर्कर भी शामिल होंगी। शुक्रवार को भगत सिंह भवन में आयोजित आशा वर्कर यूनियन के जिला सम्मेलन में राज्य उपप्रधान सुरेखा ने इसकी जानकारी दी। सम्मेलन की अध्यक्षता सुषमा जडौला ने की और संचालन जयप्रकाश शास्त्री ने किया।
सीटू के जिला सचिव नरेश रोहेड़ा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लगातार अनदेखी हो रही है। राज्य उपप्रधान सुरेखा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 के बाद आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
कर्मचारियों की तरह काम लेकिन सुविधाओं से वंचित
राज्य प्रधान रानी कुरुक्षेत्र और महासचिव सुनीता ने कहा कि आशा वर्कर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनसे कर्मचारियों की तरह काम लिया जाता है लेकिन कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन, सेवानिवृत्ति पर पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की मांग की। साथ ही ऑनलाइन कार्य का दबाव बढ़ाने का विरोध किया।
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तीन साल के लिए नई जिला कमेटी गठित
सम्मेलन में आगामी तीन वर्षों के लिए नई जिला कमेटी चुनी गई। इसमें रोशनी राजौंद प्रधान, मेनका शर्मा मूंदड़ी जिला सचिव और जयप्रकाश शास्त्री दोबारा कोषाध्यक्ष चुने गए। सुषमा जडौला, कविता पट्टी अफगान और चरणजीत कौर गुहला उपप्रधान बनीं। सुरेंद्र कौर, रीना खेड़ी, रामदेवी सिरटा, प्रकाशी सीवन, कांता क्योड़क, मामो टीक, सुमन नरड़ और ममता सिरसल को जिला कमेटी सदस्य चुना गया। राजौंद, कलायत और अर्बन कैथल के सहसचिव पद रिक्त रखे गए।
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सीटू के जिला सचिव नरेश रोहेड़ा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लगातार अनदेखी हो रही है। राज्य उपप्रधान सुरेखा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 के बाद आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
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कर्मचारियों की तरह काम लेकिन सुविधाओं से वंचित
राज्य प्रधान रानी कुरुक्षेत्र और महासचिव सुनीता ने कहा कि आशा वर्कर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनसे कर्मचारियों की तरह काम लिया जाता है लेकिन कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन, सेवानिवृत्ति पर पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की मांग की। साथ ही ऑनलाइन कार्य का दबाव बढ़ाने का विरोध किया।
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तीन साल के लिए नई जिला कमेटी गठित
सम्मेलन में आगामी तीन वर्षों के लिए नई जिला कमेटी चुनी गई। इसमें रोशनी राजौंद प्रधान, मेनका शर्मा मूंदड़ी जिला सचिव और जयप्रकाश शास्त्री दोबारा कोषाध्यक्ष चुने गए। सुषमा जडौला, कविता पट्टी अफगान और चरणजीत कौर गुहला उपप्रधान बनीं। सुरेंद्र कौर, रीना खेड़ी, रामदेवी सिरटा, प्रकाशी सीवन, कांता क्योड़क, मामो टीक, सुमन नरड़ और ममता सिरसल को जिला कमेटी सदस्य चुना गया। राजौंद, कलायत और अर्बन कैथल के सहसचिव पद रिक्त रखे गए।