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Kaithal News: छह करोड़ का आया बजट, नक्शा भी पास पर शुरू न हुआ काम
Tue, 06 May 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 May 2025 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा अस्पताल का निर्माण करने के लिए पिछले साल छह करोड़ रुपये का बजट तो आया, लेकिन यह एक साल भी शुरू नहीं हो पाया है। इस अस्पताल के निर्माण को वर्ष 2023 में मंजूरी मिली थी। इसका बजट भी वर्ष 2024 में फरवरी में आ गया था, परंतु निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
इस पुराने अस्पताल में 100 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाना है। फरवरी माह में अस्पताल निर्माण को लेकर नक्शा भी पास किया गया था। छह करोड़ रुपये बजट खर्च करने के लिए कमेटी बनाई गई थी। बावजूद इसके अभी तक निविदा सूचना जारी होने का इंतजार है। कुछ समय पहले ही जर्जर भवन को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू की जानी थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी भी प्रदेश सरकार के बजट में भी इसकी घोषणा कर चुके हैं। विभाग अभी दोबारा से सर्वे करेगा।
पिछले साल ही छह करोड़ रुपये का बजट सरकार की ओर से निर्माण के लिए जारी किया गया था। इसके बाद ही इस जच्चा-बच्चा अस्पताल बनने के बाद जिला सहित शहर व आस-पास के गांव के लोगों को काफी सहूलियत होगी। इससे पहले अस्पताल की निर्माण प्रकिया के तहत पुराना अस्पताल में बनी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को गिराया जाना है।
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यह अस्पताल दो एकड़ में बनाया जाना है। इस समय पुराने अस्पताल का भवन इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहीं, इस भवन में चल स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र व प्रसूति केंद्र को काफी समय पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है।
वर्तमान स्थिति ः जिला नागरिक अस्पताल में इस समय 300 बेड हैं। इसमें 200 बेड अस्पताल परिसर और 100 बेड यहां स्थापित किए गए पोर्टेबल अस्पताल के हैं। अब जच्चा-बच्चा अस्पताल के बनने के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और यहां कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे।
इस समय स्वास्थ्य विभाग में बच्चों के के लिए एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं। पुराना अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय व टीबी उन्मूलन केंद्र स्थापित किया गया है।
नए जच्चा-बच्चा अस्पताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
जच्चा-बच्चा केंद्र अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर निकु वार्ड अलग से बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी। यहां नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी हो सकेगी। इसके बनने से शहर वासियों को घर के नजदीक ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस समय यहां नवजात बच्चों व डिलीवरी के लिए सुविधा न होने के कारण लोगों को नया अस्पताल में जाना पड़ता है, जो दूर है।
पुराना अस्पताल परिसर में बनने वाले 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल की निर्माण प्रक्रिया के तहत कुछ समय पहले ही नक्शा बनाया गया था। इस नक्शे को मुख्यालय से भी स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के पास मुख्यालय की ओर से नक्शा भेजा गया है। अब सरकार से अनुमति मिलने के बाद निविदा सूचना जारी की जाएगी।
- डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा अस्पताल का निर्माण करने के लिए पिछले साल छह करोड़ रुपये का बजट तो आया, लेकिन यह एक साल भी शुरू नहीं हो पाया है। इस अस्पताल के निर्माण को वर्ष 2023 में मंजूरी मिली थी। इसका बजट भी वर्ष 2024 में फरवरी में आ गया था, परंतु निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
इस पुराने अस्पताल में 100 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाना है। फरवरी माह में अस्पताल निर्माण को लेकर नक्शा भी पास किया गया था। छह करोड़ रुपये बजट खर्च करने के लिए कमेटी बनाई गई थी। बावजूद इसके अभी तक निविदा सूचना जारी होने का इंतजार है। कुछ समय पहले ही जर्जर भवन को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू की जानी थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी भी प्रदेश सरकार के बजट में भी इसकी घोषणा कर चुके हैं। विभाग अभी दोबारा से सर्वे करेगा।
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पिछले साल ही छह करोड़ रुपये का बजट सरकार की ओर से निर्माण के लिए जारी किया गया था। इसके बाद ही इस जच्चा-बच्चा अस्पताल बनने के बाद जिला सहित शहर व आस-पास के गांव के लोगों को काफी सहूलियत होगी। इससे पहले अस्पताल की निर्माण प्रकिया के तहत पुराना अस्पताल में बनी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को गिराया जाना है।
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यह अस्पताल दो एकड़ में बनाया जाना है। इस समय पुराने अस्पताल का भवन इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहीं, इस भवन में चल स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र व प्रसूति केंद्र को काफी समय पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है।
वर्तमान स्थिति ः जिला नागरिक अस्पताल में इस समय 300 बेड हैं। इसमें 200 बेड अस्पताल परिसर और 100 बेड यहां स्थापित किए गए पोर्टेबल अस्पताल के हैं। अब जच्चा-बच्चा अस्पताल के बनने के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और यहां कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे।
इस समय स्वास्थ्य विभाग में बच्चों के के लिए एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं। पुराना अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय व टीबी उन्मूलन केंद्र स्थापित किया गया है।
नए जच्चा-बच्चा अस्पताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
जच्चा-बच्चा केंद्र अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर निकु वार्ड अलग से बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी। यहां नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी हो सकेगी। इसके बनने से शहर वासियों को घर के नजदीक ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस समय यहां नवजात बच्चों व डिलीवरी के लिए सुविधा न होने के कारण लोगों को नया अस्पताल में जाना पड़ता है, जो दूर है।
पुराना अस्पताल परिसर में बनने वाले 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल की निर्माण प्रक्रिया के तहत कुछ समय पहले ही नक्शा बनाया गया था। इस नक्शे को मुख्यालय से भी स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग के पास मुख्यालय की ओर से नक्शा भेजा गया है। अब सरकार से अनुमति मिलने के बाद निविदा सूचना जारी की जाएगी।
- डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।