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सील की गई दुकान का मालिक अभी तक नहीं आया सामने
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:05 AM IST
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सील की गई दुकान का मालिक अभी तक नहीं आया सामने
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी दवाओं की बिक्री के संदेह में अस्पताल के सामने बनी दुकान को किया था सील
फोटो संख्या-17
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल के सामने सील कर दी गई सरकारी दवाओं के अंदेशे में खोली गई दुकान के लिए अभी तक भी मालिक व किरायेदार सामने नहीं आया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने दुकान के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया है। इस दुकान की सील तोड़ने की संभावनाओं के चलते स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा बनी हुई है कि आखिर इस पूरे प्रकरण में कौन सी ताकत है, जो पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टर के खिलाफ ऑपरेशन के लिए बाहर से महंगी किट मंगवाए जाने, रिश्वत राशि वसूले जाने व मरीज के परिजनों पर झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी देने के मामले में कोई ठोस कार्रवाई न होता देख अब मरीज ने हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर ली है। साथ ही विजिलेंस को भी इस बारे में लिखा जा रहा है। इस गांव के लोग के लोग पहले भी स्वास्थ्य विभाग की चंडीगढ़ में पेशियां लगवा चुके हैं।
विदित रहे कि गांव बालू निवासी सतीश कुमार ने जिला अस्पताल में अपने कंधे के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर द्वारा बाहर से महंगी किट मंगवाने, ऑपरेशन के लिए रिश्वत वसूलने व विरोध करने पर उसके भाई पर झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी देने की शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद मचे हड़कंप के बीच शुक्रवार को विभाग की टीम ने जिला अस्पताल के बाहर स्थित उस दुकान को सील कर दिया था। जिसमें से यह किट दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद से न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं पूरे मामले को दबाने के लिए शिकायतकर्ता के पास पुलिस कर्मचारियों से लेकर सामाजिक स्तर पर भी बार-बार दबाव डाला जा रहा है। सतीश ने कहा कि कुछ लोग बेवजह दबाव बना रहे हैं। लेकिन वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी दवाओं की बिक्री के संदेह में अस्पताल के सामने बनी दुकान को किया था सील
फोटो संख्या-17
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल के सामने सील कर दी गई सरकारी दवाओं के अंदेशे में खोली गई दुकान के लिए अभी तक भी मालिक व किरायेदार सामने नहीं आया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने दुकान के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया है। इस दुकान की सील तोड़ने की संभावनाओं के चलते स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा बनी हुई है कि आखिर इस पूरे प्रकरण में कौन सी ताकत है, जो पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टर के खिलाफ ऑपरेशन के लिए बाहर से महंगी किट मंगवाए जाने, रिश्वत राशि वसूले जाने व मरीज के परिजनों पर झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी देने के मामले में कोई ठोस कार्रवाई न होता देख अब मरीज ने हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर ली है। साथ ही विजिलेंस को भी इस बारे में लिखा जा रहा है। इस गांव के लोग के लोग पहले भी स्वास्थ्य विभाग की चंडीगढ़ में पेशियां लगवा चुके हैं।
विदित रहे कि गांव बालू निवासी सतीश कुमार ने जिला अस्पताल में अपने कंधे के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर द्वारा बाहर से महंगी किट मंगवाने, ऑपरेशन के लिए रिश्वत वसूलने व विरोध करने पर उसके भाई पर झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी देने की शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद मचे हड़कंप के बीच शुक्रवार को विभाग की टीम ने जिला अस्पताल के बाहर स्थित उस दुकान को सील कर दिया था। जिसमें से यह किट दिए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद से न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं पूरे मामले को दबाने के लिए शिकायतकर्ता के पास पुलिस कर्मचारियों से लेकर सामाजिक स्तर पर भी बार-बार दबाव डाला जा रहा है। सतीश ने कहा कि कुछ लोग बेवजह दबाव बना रहे हैं। लेकिन वे किसी के दबाव में नहीं आएंगे।
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