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अभी तक नहीं मिला किसानों को जली गेहूं की फसल का मुआवजा
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:25 AM IST
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अभी तक नहीं मिला किसानों को जली गेहूं की फसल का मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। भाजपा की मौजूदा सरकार भले ही कितना किसान हितैैषी होने के दावे करती हो। पिछले वर्ष गेहूं की फसल में बिजली शार्ट सर्किट या अन्य किसी कारणों से जली फसलों ने जहां किसानों के अरमानों को राख कर दिया उनकी मेहनत व पूंजी देखते ही देखते स्वाह कर दिया। उन्हीं दिनों में सरकार की और से घोषणा की गई थी की जली फसलों को गिरदावरी करवा कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। अगली गेहूं की फसल पकने को तैयार है लेकिन किसान आज तक मुआवजा आने की बाट जोह रहे हैं। प्रभावत के किसान बलबीर सिंह बलविन्द्र सिंह, हरनोला के किसान भीषू चौधरी, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी सीवन जरनैल सिंह धंजू, राज कूमार वधवा पूर्व चेयर मैन मार्केट कमेटी सीवन ने बताया कि सरकार और बैंक बीमा के नाम पर किसानों के खातों से हजारों रुपये काट लेते हैं और इससे किसानों पर बोझ बढ़ता है परंतु जब किसानों को मुआवजा देने की मांग किसानों की ओर से की जाती है जोकि जायज भी होती है तो किसानों को कुछ नहीं मिलता है। इस तरह से तो किसान दो तरफ से लुटता है। एक तो उनके खातों से पैसे कट गए और दूसरी और उनकी फसल नष्ट हो गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। भाजपा की मौजूदा सरकार भले ही कितना किसान हितैैषी होने के दावे करती हो। पिछले वर्ष गेहूं की फसल में बिजली शार्ट सर्किट या अन्य किसी कारणों से जली फसलों ने जहां किसानों के अरमानों को राख कर दिया उनकी मेहनत व पूंजी देखते ही देखते स्वाह कर दिया। उन्हीं दिनों में सरकार की और से घोषणा की गई थी की जली फसलों को गिरदावरी करवा कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। अगली गेहूं की फसल पकने को तैयार है लेकिन किसान आज तक मुआवजा आने की बाट जोह रहे हैं। प्रभावत के किसान बलबीर सिंह बलविन्द्र सिंह, हरनोला के किसान भीषू चौधरी, पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी सीवन जरनैल सिंह धंजू, राज कूमार वधवा पूर्व चेयर मैन मार्केट कमेटी सीवन ने बताया कि सरकार और बैंक बीमा के नाम पर किसानों के खातों से हजारों रुपये काट लेते हैं और इससे किसानों पर बोझ बढ़ता है परंतु जब किसानों को मुआवजा देने की मांग किसानों की ओर से की जाती है जोकि जायज भी होती है तो किसानों को कुछ नहीं मिलता है। इस तरह से तो किसान दो तरफ से लुटता है। एक तो उनके खातों से पैसे कट गए और दूसरी और उनकी फसल नष्ट हो गई।