{"_id":"5b5b692b4f1c1b0c718b68fa","slug":"181532717355-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल कटाई के बाद अवशेष ना जलाएं-एसडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल कटाई के बाद अवशेष ना जलाएं-एसडीएम
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फसल कटाई के बाद अवशेष न जलाएं : एसडीएम
कृषि विभाग की ओर से आयोजित हुआ किसान प्रशिक्षण शिविर
किसानों को दी गई उपकरण हासिल करने की ट्रेनिंग, सरकार द्वारा दी जा रही है 80 प्रतिशत सब्सिडी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने किसानों का आह्वान किया कि वे पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए फसल की कटाई के बाद फसल अवशेषों को न जलाएं। फसल अवशेषों के जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान होने के अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधित दुष्परिणाम एवं पर्यावरण प्रदूषित होता है। एसडीएम शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नई अनाज मंडी में फसल अवशेष प्रबंधन एवं कृषि यंत्र प्रोत्साहन हेतू आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित किसानों को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थी।
इससे पूर्व उन्होंने विभाग द्वारा लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसान इस योजना का पूरा लाभ उठाकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष को जलाने से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ-साथ पशुओं के चारे की समस्या भी उत्पन्न होती है।
डीडीए डॉ. महावीर सिंह ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन हेतू जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा खंड व जिला स्तर पर किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पूर्व भी जिला के प्रत्येक गांव में कार्यरत सभी एडीओ द्वारा किसान गोष्ठियां आयोजित करके जागरूकता अभियान चलाया गया था।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. जसबीर, सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डा. मनीष वत्स, डा. वजीर सिंह, नाबार्ड से आए अश्वनी सरदाना एवं प्रगतिशील किसान महेंद्र रसीना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जिला परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि हरदीप आंधली ने भी किसानों से भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए फसल अवशेषों को न जलाने की अपील की। कृषि विकास अधिकारी डा. सज्जन ने विभिन्न कृषि यंत्रों की कार्यविधि एवं उपयोगिता संबंधित जानकारी किसानों को दी। कृषि उपमंडल अधिकारी कैथल व चीका डा. सतीश नारा ने उपस्थित किसानों को आभार व्यक्त करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों के कल्याण हेतू क्रियान्वित की जा रही योजनाओं का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
फोटो संख्या-1 व 2
विज्ञापन
कृषि विभाग की ओर से आयोजित हुआ किसान प्रशिक्षण शिविर
किसानों को दी गई उपकरण हासिल करने की ट्रेनिंग, सरकार द्वारा दी जा रही है 80 प्रतिशत सब्सिडी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने किसानों का आह्वान किया कि वे पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए फसल की कटाई के बाद फसल अवशेषों को न जलाएं। फसल अवशेषों के जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान होने के अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधित दुष्परिणाम एवं पर्यावरण प्रदूषित होता है। एसडीएम शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा नई अनाज मंडी में फसल अवशेष प्रबंधन एवं कृषि यंत्र प्रोत्साहन हेतू आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित किसानों को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थी।
इससे पूर्व उन्होंने विभाग द्वारा लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। किसान इस योजना का पूरा लाभ उठाकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष को जलाने से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ-साथ पशुओं के चारे की समस्या भी उत्पन्न होती है।
विज्ञापन
डीडीए डॉ. महावीर सिंह ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन हेतू जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा खंड व जिला स्तर पर किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पूर्व भी जिला के प्रत्येक गांव में कार्यरत सभी एडीओ द्वारा किसान गोष्ठियां आयोजित करके जागरूकता अभियान चलाया गया था।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. जसबीर, सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डा. मनीष वत्स, डा. वजीर सिंह, नाबार्ड से आए अश्वनी सरदाना एवं प्रगतिशील किसान महेंद्र रसीना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जिला परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि हरदीप आंधली ने भी किसानों से भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए फसल अवशेषों को न जलाने की अपील की। कृषि विकास अधिकारी डा. सज्जन ने विभिन्न कृषि यंत्रों की कार्यविधि एवं उपयोगिता संबंधित जानकारी किसानों को दी। कृषि उपमंडल अधिकारी कैथल व चीका डा. सतीश नारा ने उपस्थित किसानों को आभार व्यक्त करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों के कल्याण हेतू क्रियान्वित की जा रही योजनाओं का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
फोटो संख्या-1 व 2