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प्रवासी मजदूरों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:00 AM IST
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प्रवासी मजदूरों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। साहब हमारे लिए शौचालय का प्रबंध करवा दो, हमारे लिए यह बड़ी परेशानी है। हम खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। हमारे पास तो रहने के लिए भी जगह नहीं है तो फिर हम शौचालय किसकी जमीन पर बनवाएं। यह बातें ढांड अनाज मंडी में बिहार से आए मजदूरों ने मार्केट कमेटी सचिव से कही। लेकिन मार्केट कमेटी सचिव ने मजदूरों की इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिससे परेशान होकर बुधवार को प्रवासी मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के प्रांगण में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया।
कारु, प्रभाष, अजीत, अर्जुन ठाकुर, बबलू, सुभाष, मदन ठेकेदार, सुरेश ठेकेदार, पप्पू, राजू, अरविंद, कमेशर, देवेंद्र, राघु, मनोज, नारायण, प्रमोद ने बताया कि हम बिहार से सीजन में अनाज मंडी में मजदूरी का काम करने के लिए आते हैं। लेकिन अनाज मंडी में मार्केट कमेटी द्वारा नाममात्र के 7-8 शौचालय बनाए हुए हैं। जोकि मजदूरों की संख्या के हिसाब से बहुत कम है। जो बने हुए उनमें न तो समय पर पानी मिलता है। जब हम शौच के लिए वहां जाते हैं तो मौके पर तैनात कर्मचारी बाहर से दरवाजा बंद कर देता है। हमें वार्निंग देता है कि इसकी सफाई कौन करेगा। अगर फिर से यहां आए तो बहुत बुरा होगा। जानबूझ कर शौचालय में पानी की टंकी को खाली कर देता है ताकि हम वहां शौच न कर सके। मजदूरों का कहना है कि हम मजबूर होकर पास लगते रेलवे लाईन की खाली पड़ी जमीन पर जाते हैं तो वहां रेलवे विभाग के कर्मचारी खुले में शौच जाने से रोकते हैं। आखिरकार हम कहां जाएं क्या करें। प्रवासी मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हमारे लिए शौचालय का प्रबंध किया जाएगा अन्यथा हम काम छोड़ हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
सुबह 9 से 6 बजे तक खुलता है शौचालय
मजदूरों का कहना है कि मंडी में बनाए गए शौचालय सुबह 9 बजे से सायं 6 बजे तक ही खुला रहता है। इसके बाद शौचालय को बंद कर दिया जाता है। जबकि मजदूर तो मंडी में दिनरात काम करते है। ऐसे में शौचालय के बंद हो जाने के बाद हम कहां जाएं।
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जब इस बारे में ढांड मार्केट कमेटी सचिव से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में इस प्रकार का मामला नही आया है। मजदूरों की शौचालय संबंधी जो समस्या है उसे शीघ्र ही हल कर दिया जाएगा।
अनाज मंडी में शौचालय की कर रहे मांग
फोटो नंबर- 15
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। साहब हमारे लिए शौचालय का प्रबंध करवा दो, हमारे लिए यह बड़ी परेशानी है। हम खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। हमारे पास तो रहने के लिए भी जगह नहीं है तो फिर हम शौचालय किसकी जमीन पर बनवाएं। यह बातें ढांड अनाज मंडी में बिहार से आए मजदूरों ने मार्केट कमेटी सचिव से कही। लेकिन मार्केट कमेटी सचिव ने मजदूरों की इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिससे परेशान होकर बुधवार को प्रवासी मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के प्रांगण में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया।
कारु, प्रभाष, अजीत, अर्जुन ठाकुर, बबलू, सुभाष, मदन ठेकेदार, सुरेश ठेकेदार, पप्पू, राजू, अरविंद, कमेशर, देवेंद्र, राघु, मनोज, नारायण, प्रमोद ने बताया कि हम बिहार से सीजन में अनाज मंडी में मजदूरी का काम करने के लिए आते हैं। लेकिन अनाज मंडी में मार्केट कमेटी द्वारा नाममात्र के 7-8 शौचालय बनाए हुए हैं। जोकि मजदूरों की संख्या के हिसाब से बहुत कम है। जो बने हुए उनमें न तो समय पर पानी मिलता है। जब हम शौच के लिए वहां जाते हैं तो मौके पर तैनात कर्मचारी बाहर से दरवाजा बंद कर देता है। हमें वार्निंग देता है कि इसकी सफाई कौन करेगा। अगर फिर से यहां आए तो बहुत बुरा होगा। जानबूझ कर शौचालय में पानी की टंकी को खाली कर देता है ताकि हम वहां शौच न कर सके। मजदूरों का कहना है कि हम मजबूर होकर पास लगते रेलवे लाईन की खाली पड़ी जमीन पर जाते हैं तो वहां रेलवे विभाग के कर्मचारी खुले में शौच जाने से रोकते हैं। आखिरकार हम कहां जाएं क्या करें। प्रवासी मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हमारे लिए शौचालय का प्रबंध किया जाएगा अन्यथा हम काम छोड़ हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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सुबह 9 से 6 बजे तक खुलता है शौचालय
मजदूरों का कहना है कि मंडी में बनाए गए शौचालय सुबह 9 बजे से सायं 6 बजे तक ही खुला रहता है। इसके बाद शौचालय को बंद कर दिया जाता है। जबकि मजदूर तो मंडी में दिनरात काम करते है। ऐसे में शौचालय के बंद हो जाने के बाद हम कहां जाएं।
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जब इस बारे में ढांड मार्केट कमेटी सचिव से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में इस प्रकार का मामला नही आया है। मजदूरों की शौचालय संबंधी जो समस्या है उसे शीघ्र ही हल कर दिया जाएगा।
अनाज मंडी में शौचालय की कर रहे मांग
फोटो नंबर- 15