{"_id":"67043e431267d211d500a0d4","slug":"wish-made-by-worshiping-maa-kushmanda-jind-news-c-199-1-jnd1001-124063-2024-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मां कूष्मांडा की पूजा करके मांगी मनोकामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मां कूष्मांडा की पूजा करके मांगी मनोकामना
Tue, 08 Oct 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 08 Oct 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
जींद। नवरात्र के चौथे दिन मंगलवार को माता कूष्मांडा की पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी। शहर के प्रसिद्ध मंदिर सोमनाथ मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर,जयंती देवी मंदिर, रघुनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्त माथा टेकने के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में आए श्रद्धालुओं ने मंदिरों के बाहर सजी दुकानों से बच्चों के लिए खिलौने इत्यादि की खरीददारी भी की। जयंती देवी मंंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में ऐसा माना गया है कि यदि मां का यह स्वरूप आविर्भूत नहीं होता तो संपूर्ण संसार अपने ही विषैले पदार्थों से स्वयं ही नष्ट हो जाता। पूरे जगत में चारों ओर विनाश, अंधकार एवं अज्ञानता का बोलबाला होता। मां कूष्मांडा ने ही संसार में पनपी पूरी विषैली ऊर्जा को स्वयं पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि नवरात्र के नौ दिन मानव जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। इन दिनों में जो भी श्रद्धालु सच्चे दिल से मां भगवती की अराधना करता है मां भगवती उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करती है।
मां के चरणों में रखो अपना मन : पवन शर्मा
माता वैष्णवी धाम के आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि संसार में रहते हुए सब काम करो लेकिन मन मां के चरणों में रखना चाहिए। यही सुख-शांति पाने का अमोध उपाय है। पवन शर्मा माता वैष्णवी धाम में आयोजित नवार्ण महायज्ञ में श्रद्धालुओं को धर्मलाभ दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मां से विमुख होकर यदि संसार में रहोगे तो दिनोंदिन उलझनों में फंसते चले जाओगे और यहां तक फंस जाओगे कि फिर पिंड छुड़ाना उसी प्रकार से मुश्किल हो जाएगा। जिस प्रकार मकड़ी अपने ही बुने हुए जाल में फंसी रहती है और उसी अवस्था में उसका प्राणांत हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में आए श्रद्धालुओं ने मंदिरों के बाहर सजी दुकानों से बच्चों के लिए खिलौने इत्यादि की खरीददारी भी की। जयंती देवी मंंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में ऐसा माना गया है कि यदि मां का यह स्वरूप आविर्भूत नहीं होता तो संपूर्ण संसार अपने ही विषैले पदार्थों से स्वयं ही नष्ट हो जाता। पूरे जगत में चारों ओर विनाश, अंधकार एवं अज्ञानता का बोलबाला होता। मां कूष्मांडा ने ही संसार में पनपी पूरी विषैली ऊर्जा को स्वयं पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि नवरात्र के नौ दिन मानव जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। इन दिनों में जो भी श्रद्धालु सच्चे दिल से मां भगवती की अराधना करता है मां भगवती उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करती है।
विज्ञापन
मां के चरणों में रखो अपना मन : पवन शर्मा
माता वैष्णवी धाम के आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि संसार में रहते हुए सब काम करो लेकिन मन मां के चरणों में रखना चाहिए। यही सुख-शांति पाने का अमोध उपाय है। पवन शर्मा माता वैष्णवी धाम में आयोजित नवार्ण महायज्ञ में श्रद्धालुओं को धर्मलाभ दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मां से विमुख होकर यदि संसार में रहोगे तो दिनोंदिन उलझनों में फंसते चले जाओगे और यहां तक फंस जाओगे कि फिर पिंड छुड़ाना उसी प्रकार से मुश्किल हो जाएगा। जिस प्रकार मकड़ी अपने ही बुने हुए जाल में फंसी रहती है और उसी अवस्था में उसका प्राणांत हो जाता है।
विज्ञापन