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नगर परिषद पशुओं को पकड़वाकर गोशाला ले गई तो सांड़ और बछड़े को लेने से मना किया
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रविवार रात में एसएसपी निवास के बाहर से गायों को पकड़ते ठेकेदार के कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Jind
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने की योजना पर अब नगर परिषद ने काम शुरू कर दिया है। देरी से ही सही, लेकिन नगर परिषद द्वारा दिए गए ठेके के अनुसार ठेकेदार ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम रविवार रात से शुरू कर दिया। रात साढ़े 9 बजे से शुरू होकर यह अभियान रात 2 बजे तक चला। इस दौरान ठेकेदार की टीम ने 24 गायों, बछड़ों और सांड़ों को पकड़ा। लेकिन भिवानी रोड स्थित श्री गोशाला ने सांड़ों और बछड़ों को लेने से मना कर दिया। इस पर 18 गायों को गोशाला भेज दिया गया। जबकि छह सांड़ों और बछड़ों को ठेकेदार ने वापस सड़क पर ही छोड़ दिया। हालांकि अब नई व्यवस्था की गई है कि सांड़ों और बछड़ों को नंदीशाला में भेजा जाएगा।
24 अगस्त को डीसी नरेश कुमार ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बेसहारा पशुओं व अतिक्रमण के खिलाफ अभियान पर जोर दिया था। हालांकि पशुओं को पकड़ने का अभियान 31 अगस्त से चलाया जाना था, लेकिन प्रशासन ऐसा नहीं कर पाया। इस पर अन्ना टीम ने 1 सितंबर से अभियान शुरू किया और इसी के चलते नगर परिषद ने आनन-फानन में ही पुराने ठेकेदार का ठेका दोबारा शुरू किया। इसके तहत ठेकेदार को प्रति पशु 486 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
शहर में करीब 1500 गोवंश
शहर की सड़कों पर करीब 1500 गोवंश घूम रहे हैं। रात के समय मच्छरों से बचने के लिए यह गोवंश सड़कों पर आ जाता है और अंधेरे के कारण इनसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। शनिवार को कंडेला गांव के पास बेसहारा पशु की चपेट में आकर एक युवक की जान चली गई थी। इससे पहले भी जिले में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं।
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ट्रॉली में भरकर पकड़े जा रहे हैं पशु
हालांकि एक व दो सितंबर को अन्ना टीम ने अभियान चलाकर 100 गोवंश को पकड़ा था। लेकिन ठेकेदार द्वारा एक दिन में महज 24 गोवंश ही पकड़े जा सके। ठेकेदार ट्रॉली में भरकर गोवंश को गोशाला तक भिजवाता है।
गोशाला में जाने वाली गायों की हो रही टेगिंग
ठेकेदार द्वारा पकड़ कर गोशाला में भेजे जा रहे गोवंश की टैगिंग करवाई जा रही है, ताकि इनका रिकॉर्ड रहे। दोबारा यह पशु बाहर मिलने पर गोशाला की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अस्पताल के पास अज्ञात वाहन की चपेट से नंदी की मौत
वहीं सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे अज्ञात वाहन की चपेट में आने एक नंदी की मौत हो गई। हालांकि इसमें किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने यहां पहुंच कर रोष जताया।
छह पशुओं को छोड़ना पड़ा बाहर
गोशाला द्वारा सांड़ों व बछड़ों को लेने से मना कर दिया गया। इससे पकड़े गए छह पशुओं को दोबारा सड़कों पर छोड़ना पड़ा। गोहाना रोड पर बाईपास से लेकर रानी तालाब तक करीब 200 गोवंश की पहचान की गई है। सोमवार रात को इनको पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अब नंदीशाला में सांड़ व बछड़ों के लिए बात हुई है। सांड़ों व बछड़ों को यहां छोड़ जाएगा। राजेश कुमार, ठेकेदार
करवाई जाएगी व्यवस्था
अभी इस विषय की समीक्षा की जा रही है। पकड़े गए सभी पशुओं को छोड़नेे की व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए गोशाला व नंदीशाला जहां भी जरूरी होगा, बात की जाएगी। सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
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24 अगस्त को डीसी नरेश कुमार ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बेसहारा पशुओं व अतिक्रमण के खिलाफ अभियान पर जोर दिया था। हालांकि पशुओं को पकड़ने का अभियान 31 अगस्त से चलाया जाना था, लेकिन प्रशासन ऐसा नहीं कर पाया। इस पर अन्ना टीम ने 1 सितंबर से अभियान शुरू किया और इसी के चलते नगर परिषद ने आनन-फानन में ही पुराने ठेकेदार का ठेका दोबारा शुरू किया। इसके तहत ठेकेदार को प्रति पशु 486 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
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शहर में करीब 1500 गोवंश
शहर की सड़कों पर करीब 1500 गोवंश घूम रहे हैं। रात के समय मच्छरों से बचने के लिए यह गोवंश सड़कों पर आ जाता है और अंधेरे के कारण इनसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। शनिवार को कंडेला गांव के पास बेसहारा पशु की चपेट में आकर एक युवक की जान चली गई थी। इससे पहले भी जिले में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं।
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ट्रॉली में भरकर पकड़े जा रहे हैं पशु
हालांकि एक व दो सितंबर को अन्ना टीम ने अभियान चलाकर 100 गोवंश को पकड़ा था। लेकिन ठेकेदार द्वारा एक दिन में महज 24 गोवंश ही पकड़े जा सके। ठेकेदार ट्रॉली में भरकर गोवंश को गोशाला तक भिजवाता है।
गोशाला में जाने वाली गायों की हो रही टेगिंग
ठेकेदार द्वारा पकड़ कर गोशाला में भेजे जा रहे गोवंश की टैगिंग करवाई जा रही है, ताकि इनका रिकॉर्ड रहे। दोबारा यह पशु बाहर मिलने पर गोशाला की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अस्पताल के पास अज्ञात वाहन की चपेट से नंदी की मौत
वहीं सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे अज्ञात वाहन की चपेट में आने एक नंदी की मौत हो गई। हालांकि इसमें किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने यहां पहुंच कर रोष जताया।
छह पशुओं को छोड़ना पड़ा बाहर
गोशाला द्वारा सांड़ों व बछड़ों को लेने से मना कर दिया गया। इससे पकड़े गए छह पशुओं को दोबारा सड़कों पर छोड़ना पड़ा। गोहाना रोड पर बाईपास से लेकर रानी तालाब तक करीब 200 गोवंश की पहचान की गई है। सोमवार रात को इनको पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अब नंदीशाला में सांड़ व बछड़ों के लिए बात हुई है। सांड़ों व बछड़ों को यहां छोड़ जाएगा। राजेश कुमार, ठेकेदार
करवाई जाएगी व्यवस्था
अभी इस विषय की समीक्षा की जा रही है। पकड़े गए सभी पशुओं को छोड़नेे की व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए गोशाला व नंदीशाला जहां भी जरूरी होगा, बात की जाएगी। सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।