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रजवाहा टूटने से धान की पकी फसल में भरा पानी, किसानों की मुआवजे की मांग
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रजवाहा टूटने से खेतों में जा रहा पानी।
- फोटो : Jind
गैस एजेंसी गोदाम रोड के पास वीरवार रात में रजवाहा नंबर तीन टूट गया, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। पानी भरने से धान की पकी फसल को नुकसान होगा। रजवाहा टूटने की सूचना मिलने के बाद नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और अंटा हेड से पानी बंद कर मशीन से कटाव को भरने का काम शुरू किया। बताया जा रहा है कि रजवाहा में क्षमता से अधिक पानी छोड़ा गया था, जिसकी वजह से टूट गया। रजवाहे का निर्माण 35 साल पहले हुआ था। इसकी पटरियां काफी कमजोर हो गई हैं।
काफी किसानों ने खेतों में अपने मकान बना रखें हैं, जिनको डेरों के नाम से जाना जाता है। रात में 10 बजे इन डेरों की दीवारों के पास पानी पहुंचा तो लोगों को पता चला कि रजवाहा टूट गया है। रात में किसान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। किसान महल सिंह ने बताया कि रजवाहा टूटने से उनके खेतों और डेरों में बनाए गए घरों तक पानी पहुंच गया। रात जागकर काटी है। उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। राकेश ने बताया कि रजवाड़े का काफी किनारा टूट गया है। राकेश ने कहा कि उसने यहां पर ठेके पर जमीन ली हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान उसका हुआ है। उसके खेत में रेत की मोटी परत जम गई है। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
नहरी विभाग के एसडीओ सोमनाथ ने कहा कि उपायुक्त के आदेशों पर वीरवार को एक्सईएन मंगतराम शर्मा गर्ग सफीदों पहुंचे थे। उन्होंने इस रजवाहे में अधिक पानी छोड़ने के लिए कहा था। उनके आदेश पर इस रजवाहे में पहले से अधिक पानी छोड़ा गया था। ओवरफ्लो होने के कारण रजवाहा टूट गया। मशीन के माध्यम से रजवाहे के किनारे को मिट्टी से भरा जा रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस रजवाहे को नया बनवाने के लिए एस्टीमेट उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
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काफी किसानों ने खेतों में अपने मकान बना रखें हैं, जिनको डेरों के नाम से जाना जाता है। रात में 10 बजे इन डेरों की दीवारों के पास पानी पहुंचा तो लोगों को पता चला कि रजवाहा टूट गया है। रात में किसान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। किसान महल सिंह ने बताया कि रजवाहा टूटने से उनके खेतों और डेरों में बनाए गए घरों तक पानी पहुंच गया। रात जागकर काटी है। उनकी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। राकेश ने बताया कि रजवाड़े का काफी किनारा टूट गया है। राकेश ने कहा कि उसने यहां पर ठेके पर जमीन ली हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान उसका हुआ है। उसके खेत में रेत की मोटी परत जम गई है। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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नहरी विभाग के एसडीओ सोमनाथ ने कहा कि उपायुक्त के आदेशों पर वीरवार को एक्सईएन मंगतराम शर्मा गर्ग सफीदों पहुंचे थे। उन्होंने इस रजवाहे में अधिक पानी छोड़ने के लिए कहा था। उनके आदेश पर इस रजवाहे में पहले से अधिक पानी छोड़ा गया था। ओवरफ्लो होने के कारण रजवाहा टूट गया। मशीन के माध्यम से रजवाहे के किनारे को मिट्टी से भरा जा रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस रजवाहे को नया बनवाने के लिए एस्टीमेट उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
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