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Jind News: शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले की उठी आवाज
Mon, 10 Jun 2024 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 10 Jun 2024 12:14 AM IST
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जींद। हरियाणा स्कूल एजुकेशन ऑफिसर एसोसिएशन के राज्य उपप्रधान राजबीर रेढू एवं जिला प्रधान बलजीत गोयत ने सरकार तथा शिक्षा विभाग से ऑफिसर एसोसिएशन की न्यायोचित लंबित मांगों एवं शिक्षकों, टीजीटी, पीजीटी, मौलिक मुख्याध्यापक, हाई स्कूल हेड मास्टर और स्कूल प्रिंसिपल की ऑनलाइन तबादला करने की मांग की।
राज्य उपप्रधान राजबीर रेढू ने बताया कि सरकार तथा शिक्षा विभाग की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका सरकार हमेशा गुणगान करती है, लेकिन लंबे समय से प्रिंसिपल, स्कूल प्राध्यापक एवं शिक्षकों को अस्थायी नियुक्ति स्थल अलॉट किए हुए हैं। सरकार तथा शिक्षा विभाग ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को वर्ष 2016 में लागू की हुई है। तब से लेकर वर्ष 2024 तक चार बार शिक्षकों के तबादले किए गए हैं, जबकि पॉलिसी अनुसार प्रतिवर्ष मार्च में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है। सरकार तथा शिक्षा विभाग से अनुरोध है कि तुरंत प्रभाव से शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले किए जाएं। उन्होंने कहा कि पीआरटी के स्थानांतरण में आई विसंगति को निदेशालय मौलिक शिक्षा विभाग दुरुस्त करे। ऑनलाइन जॉइनिंग और रिलीविंग में एचआरएमएस पोर्टल पर पद क्रिएट न होने की वजह से पीआरटी के मासिक वेतन निकलवाने में दिक्कत आ रही है। इस विसंगति को निदेशालय स्तर पर दुरुस्त किया जाए।
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राज्य उपप्रधान राजबीर रेढू ने बताया कि सरकार तथा शिक्षा विभाग की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका सरकार हमेशा गुणगान करती है, लेकिन लंबे समय से प्रिंसिपल, स्कूल प्राध्यापक एवं शिक्षकों को अस्थायी नियुक्ति स्थल अलॉट किए हुए हैं। सरकार तथा शिक्षा विभाग ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को वर्ष 2016 में लागू की हुई है। तब से लेकर वर्ष 2024 तक चार बार शिक्षकों के तबादले किए गए हैं, जबकि पॉलिसी अनुसार प्रतिवर्ष मार्च में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है। सरकार तथा शिक्षा विभाग से अनुरोध है कि तुरंत प्रभाव से शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले किए जाएं। उन्होंने कहा कि पीआरटी के स्थानांतरण में आई विसंगति को निदेशालय मौलिक शिक्षा विभाग दुरुस्त करे। ऑनलाइन जॉइनिंग और रिलीविंग में एचआरएमएस पोर्टल पर पद क्रिएट न होने की वजह से पीआरटी के मासिक वेतन निकलवाने में दिक्कत आ रही है। इस विसंगति को निदेशालय स्तर पर दुरुस्त किया जाए।
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