{"_id":"626d8250bf5a1c3c5678f92b","slug":"vindhya-sadan-first-in-cultural-program-jind-news-rtk645356530","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस्कृतिक कार्यक्रम में विंध्या सदन रहा प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विंध्या सदन रहा प्रथम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। इंडस पब्लिक स्कूल में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें विंध्या सदन, शिवालिक सदन, नीलगिरी सदन के छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विंध्या सदन प्रथम, शिवालिक सदन द्वितीय तथा नीलगिरी सदन ने तीसरा स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में इंडस ग्रुप के निदेशक सुभाष श्योराण ने शिरकत की जबकि स्कूल निदेशक रचना श्योराण, प्राचार्य अरुणा शर्मा भी मौजूद रहीं। सुभाष श्योराण ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने मनोरंजन के साथ-साथ सफाई, प्यार, एकता तथा भगवान के प्रति आस्था का संदेश दिया। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में इस प्रकार की गतिविधियों की अहम भूमिका होती है। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के अंदर मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान एवं आत्मविश्वास में भी वृद्धि करती हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही शिक्षा की पहली सीढ़ी है। अरुणा शर्मा ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिंदगी अवसरों का खेल है, जो व्यक्ति साहस के साथ अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ता है, वही सफलता की बुलंदियों को छूता है। इस साहस और आत्मविश्वास को विकसित करने के लिए एकाग्रता एवं अनुशासन की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में इंडस ग्रुप के निदेशक सुभाष श्योराण ने शिरकत की जबकि स्कूल निदेशक रचना श्योराण, प्राचार्य अरुणा शर्मा भी मौजूद रहीं। सुभाष श्योराण ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने मनोरंजन के साथ-साथ सफाई, प्यार, एकता तथा भगवान के प्रति आस्था का संदेश दिया। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में इस प्रकार की गतिविधियों की अहम भूमिका होती है। इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के अंदर मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान एवं आत्मविश्वास में भी वृद्धि करती हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही शिक्षा की पहली सीढ़ी है। अरुणा शर्मा ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिंदगी अवसरों का खेल है, जो व्यक्ति साहस के साथ अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ता है, वही सफलता की बुलंदियों को छूता है। इस साहस और आत्मविश्वास को विकसित करने के लिए एकाग्रता एवं अनुशासन की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन