फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Villagers accused of social boycott in Jind of Haryana

हरियाणा: अनुसूचित जाति के लोगों ने ग्रामीणों पर लगाया सामाजिक बहिष्कार का आरोप, जींद के छात्तर गांव का मामला

Thu, 30 Sep 2021 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Thu, 30 Sep 2021 11:39 PM IST
सार

एसएसपी को दी शिकायत में गांव के 20 लोगों के नाम दिए गए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने गांव में पंचायत कर केस वापस नहीं लेने पर सामाजिक बहिष्कार की योजना बनाई थी।

विज्ञापन
Villagers accused of social boycott in Jind of Haryana
लघु सचिवालय पहुंचे छात्तर गांव के लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के जींद जिले के छात्तर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों ने गांव के गैर अनुसूचित जाति के लोगों पर झगड़ा करने और विरोध में पुलिस को शिकायत देने पर सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाया है। इसको लेकर वे गुरुवार को एसएसपी से मिलने जींद पहुंचे। वहीं उचाना के एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि गांव में सामाजिक बहिष्कार जैसा कोई मामला नहीं है। वह खुद गांव में गए थे और सुनिश्चित किया है कि अनुसूचित जाति के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

विज्ञापन


एसएसपी से मिलने पहुंचे छात्तर गांव के लोगों ने कहा कि एक अगस्त की रात को गांव के ही कुछ लोग शराब पीकर अनुसूचित जाति की बस्ती में आए। आरोप है कि उन लोगों ने यहां गालियां देना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर उनके साथ झगड़ा किया गया। इस दौरान आरोपियों ने सचिन व गुरमीत पर ईंटों से हमला भी किया। इन लोगों का कहना है कि इस बारे में जब सचिन व गुरमीत ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवाया तो सात सितंबर को गांव के कुछ अन्य लोगों ने उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। उनका कहना है उक्त ग्रामीणों ने सचिन से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। ऐसे में इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
विज्ञापन


आरोप है कि इसके बाद गुरमीत 11 सितंबर को घोघडिय़ां गांव में खेल देखने गया था। वहां पर मौजूद छात्तर गांव निवासी एक व्यक्ति ने गुरमीत को जातिसूचक गालियां दीं और मारपीट की। इस पर उचाना थाने में 13 सितंबर को केस दर्ज करवाया गया। इसके बाद गांव में एक जाति विशेष के लोगों ने दोनों केस वापस लेने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और कुछ दिन पहले गांव में पंचायत कर अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव में जीना हुआ दूभर
लघु सचिवालय पहुंचे छात्तर गांव के लोगों ने कहा कि 26 सितंबर को गांव में उनके सामाजिक बहिष्कार का फैसला लिया गया। इसके बाद से न तो उन्हें दुकानों से कोई सामान दिया जा रहा है और न ही गांव के लोग उनसे कोई बोलचाल रखते हैं। यहां तक की गांव की सीएससी पर भी उनके काम नहीं किए जा रहे हैं।


एसडीएम उचाना डॉ. राजेश खोथ ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद मैं खुद डीएसपी जितेंद्र के साथ गांव में गया था। सामाजिक बहिष्कार जैसी कोई बात नहीं है। किसी असामाजिक तत्व ने इस प्रकार का प्रयास किया है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। गांव में सौहार्द कमेटी का गठन किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed