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Jind News: नागरिक अस्पताला की इमरजेंसी के सामने से हटवाए वाहन
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10जेएनडी05: अमर उजाला के सात सितंबर के अंक में प्रकाशित समाचार। संवाद
जींद। नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के सामने बेतरतीब खड़े वाहनों की समस्या को लेकर प्रकाशित अमर उजाला की खबर का असर हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी गेट के सामने से बाइक और कार हटवा दी हैं। वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा करवाने के लिए चार सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगाई गई है।
अब अस्पताल में प्रवेश करने वाले बाइक और कार चालकों को इमरजेंसी व भवनों के सामने वाहन खड़ा करने के बजाय पार्किंग में भेजा जा रहा है। अमर उजाला ने सात सितंबर के अंक में ‘लाखों की पार्किंग खाली, अस्पताल के भवनों के सामने रोज खड़े रहते 500 से ज्यादा वाहन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें नई पार्किंग के खाली रहने, पुराने और नए भवन के सामने वाहनों के जमावड़े तथा इमरजेंसी गेट के पास वाहनों के खड़े होने से एंबुलेंस और मरीजों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया था।
खबर पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। चार सिक्योरिटी गार्ड वाहनों की निगरानी कर रहे हैं और इमरजेंसी के सामने वाहन खड़ा करने वालों को पार्किंग में भेज रहे हैं। इससे इमरजेंसी गेट के आसपास रास्ता काफी हद तक खाली हो गया है।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1700 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है। पहले इमरजेंसी के सामने वाहन खड़े होने से एंबुलेंस को रास्ता मिलने और गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर से अंदर ले जाने में परेशानी होती थी। अब रास्ता खुला रहने से जरूरत के समय एंबुलेंस सीधे इमरजेंसी गेट तक पहुंच सकेगी।
बाक्स
इमरजेंसी के सामने कुछ मरीज व तामीरदार वाहनों को खड़ा करके रास्ते को बाधित कर रहे थे। अब इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगाकर वाहनों को पार्किंग में लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
-- डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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अब अस्पताल में प्रवेश करने वाले बाइक और कार चालकों को इमरजेंसी व भवनों के सामने वाहन खड़ा करने के बजाय पार्किंग में भेजा जा रहा है। अमर उजाला ने सात सितंबर के अंक में ‘लाखों की पार्किंग खाली, अस्पताल के भवनों के सामने रोज खड़े रहते 500 से ज्यादा वाहन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें नई पार्किंग के खाली रहने, पुराने और नए भवन के सामने वाहनों के जमावड़े तथा इमरजेंसी गेट के पास वाहनों के खड़े होने से एंबुलेंस और मरीजों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया था।
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खबर पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। चार सिक्योरिटी गार्ड वाहनों की निगरानी कर रहे हैं और इमरजेंसी के सामने वाहन खड़ा करने वालों को पार्किंग में भेज रहे हैं। इससे इमरजेंसी गेट के आसपास रास्ता काफी हद तक खाली हो गया है।
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नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1700 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है। पहले इमरजेंसी के सामने वाहन खड़े होने से एंबुलेंस को रास्ता मिलने और गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर से अंदर ले जाने में परेशानी होती थी। अब रास्ता खुला रहने से जरूरत के समय एंबुलेंस सीधे इमरजेंसी गेट तक पहुंच सकेगी।
बाक्स
इमरजेंसी के सामने कुछ मरीज व तामीरदार वाहनों को खड़ा करके रास्ते को बाधित कर रहे थे। अब इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। यहां पर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगाकर वाहनों को पार्किंग में लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

10जेएनडी05: अमर उजाला के सात सितंबर के अंक में प्रकाशित समाचार। संवाद