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उपस्वास्थ्य केंद्र पर ताला, मरीज रहे परेशान

Sun, 20 Jul 2014 12:09 AM IST
जींद, अमरउजाला, ब्यूरो
जींद, अमरउजाला, ब्यूरो Updated Sun, 20 Jul 2014 12:09 AM IST
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 बड़ौदा गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र पर दूसरे दिन भी महिलाओं ने ताला लगाए रखा। आक्रोशित महिलाएं उपस्वास्थ्य केंद्र में दो दिन पहले तबादला होकर आई नर्स के तबादले की मांग पर अड़ी हैं।

 स्वास्थ्य केंद्र में दो दिनों से ताला लगा है लेकिन विभाग है चैन की बंसी बजा रहा है। यहां आने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस दौरान महिलाओं से बातचीत करने के लिए विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन ताला लगा होने के कारण अंदर नहीं जा सके। उपस्वास्थ्य केंद्र पर उपचार करवाने आने वाले लोगों को भी मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
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सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हुई। गर्भवती महिलाओं को उपस्वास्थ्य केंद्र पर रूटीन जांच करानी पड़ती है।
बता दें कि उपस्वास्थ्य केंद्र में बीते दिनों एएनएम (नर्स) अनीता के ज्वाइनिंग करने के बाद महिलाएं उसके तबादले की मांग पर अड़ गई थी। जिसके चलते शुक्रवार को महिलाओं ने उपस्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा दिया था।
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इसी कड़ी में महिलाएं शनिवार सुबह उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के सुस्त रवैये को लेकर नारेबाजी की। महिलाओं ने कहा कि उपस्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच कर जब तक सीएमओ जींद लिखित रूप में एएनएम का यहां से तबादला करने का आश्वासन नहीं देते तब तक महिलाएं उपस्वास्थ्य केंद्र का ताला नहीं खोलने देंगी।
यह हैं आरोप
महेंद्रो, शीला, अंजू, सरोज का कहना है कि जिस नर्स को महिलाओं के साथ व्यवहार करना नहीं आता वो कैसे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दे सकती है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं का उपचार करने से वह मना कर देती थी। जींद के प्राइवेट अस्पताल में जानबूझ कर डिलीवरी के लिए भेज देती थी।

जब स्वास्थ्य विभाग गांव में ही गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी कराने की व्यवस्था कर रहा है तो गर्भवती महिलाओं को क्यों बाहर भेजा जाता है। बाहर गरीब परिवार के लोगों को महंगा उपचार कराना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नर्स की कार्यप्रणाली से जब ग्रामीण महिलाएं संतुष्ट नहीं हैं तो यहां उसकी नियुक्ति की जा रही है। यहां कई महीने पहले भी वह कार्यरत थी, उस समय भी महिलाओं ने इसके तबादले की मांग की थी।

कई महीनों के बाद फिर से इसकी नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग ने की है जिसे किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। यहां कितने दिन ही ताला उपस्वास्थ्य केंद्र पर लगाने पड़े महिलाएं पीछे नहीं हटेंगी। महिलाएं जब तक ताला नहीं खोलने देगी जब तक नर्स का यहां से तबादला नहीं हो जाता।

कर्मचारियों के विवाद को लेकर पहले भी लगा था ताला
गांव बड़ौदा में जहां एएनएम के तबादले के लिए कर्मचारियों को ताला लगाया है। इससे पहले गांव खरकगागर के लोगों ने एएनएम के तबादले के लिए करीब एक सप्ताह तक बंद रखा था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक  ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद डीसी राजीव रतन ने दोनों ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी और एएनएम का तबादला होने के बाद ही ग्रामीणों ने ताला खोला था। उस समय सामने आया था कि दो कर्मचारी संगठनों की आपसी खींचतान के चलते पूरा विवाद हुआ था, लेकिन अब गांव बड़ौदा के लोगों ने उपस्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा दिया।


अधिकारियों को कराया है अवगत
कंडेला सीएचसी के इंचार्ज डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता ने बताया कि बड़ौदा उपस्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगने का मामला संज्ञान में है। इस मामले की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा और ताला खोल दिया जाएगा।

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