फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Uncontrolled e-rickshaws are roaming around the city, inviting accidents.

Jind News: शहर में घूम रही बिना लगाम ई-रिक्शा, हादसों को दे रही न्योता

Thu, 06 Nov 2025 01:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
Uncontrolled e-rickshaws are roaming around the city, inviting accidents.
05जेएनडी05-नागरिक अस्पताल गेट के सामने लगा ई-रिक्शा का जमावड़ा। संवाद
जींद। शहर की सड़कों पर दिन-प्रतिदिन बढ़ती ई-रिक्शा ने लोगों को सस्ता और सुविधाजनक सफर दिया है। अब यही ई-रिक्शा ट्रैफिक जाम और हादसों का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। बिना रजिस्ट्रेशन, बिना परमिट और कई बार नाबालिग चालकों द्वारा चलाए जा रहे ये वाहन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। शहर में इस समय लगभग तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रही है।
विज्ञापन

ई-रिक्शा चलाने वालों में से कई चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही यातायात नियमों की जानकारी नहीं है। संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले बाजारों में ये वाहन मनमाने ढंग से गुजरते हैं जिससे आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
विज्ञापन

कई बार ये चालक सवारी लेने की होड़ में तेज गति से चलाते हैं जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। शहर के सफीदों गेट, एसडी स्कूल, दोनों कॉलेज के सामने, नागरिक अस्पताल, लघु सचिवालय, पटियाला चौक पर ई-रिक्शाओं का जमावड़ा रहता है जिसके कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है। नागरिक अस्पताल गेट के सामने तो मरीजों को निकलने का रास्ता भी नहीं मिलता जिससे वाहन एंबुलेंस निकलने का रास्ता भी नहीं मिल पाता।
ई-रिक्शा के नीचे दबने से हो गई थी बच्चे की मौत
पिछले दिनों पटियाला चौक पर एक आठ साल के बच्चे की ई-रिक्शा के नीचे आने से मौत हो गई थी। बच्चे के परिजन रात के समय ट्रेन के माध्यम से दिल्ली से जींद पहुंचे थे। स्टेशन पर परिवार ई-रिक्शा में सवार हो गया था। जैसे ही वह पटियाला चौक पहुंचे तो ई-रिक्शा पलट गई जिससे बच्चा ई-रिक्शा के नीचे दब गया। उसे तुरंत नागरिक अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

प्रशासन उठाए ठोस कदम

शहरवासी रणदीप, प्रेम कुमार, रोहित, सुखदेव, मनीष, सतबीर का कहना है कि प्रशासन को जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। उनका सुझाव है कि सभी ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। चालकों का लाइसेंस जारी करने से पहले प्रशिक्षण दिया जाए और सड़कों पर चलने के लिए निश्चित रूट तय किए जाएं।

वर्जन
ई-रिक्शा संचालकों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। यातायात नियमों के खिलाफ चलाने पर चालान भी होते हैं। इसलिए सभी ई-रिक्शा संचालक सड़कों पर बाईं तरफ ही चलाएं जिससे अन्य वाहन को निकलने में कोई परेशानी न हो।-शमशेर सिंह, प्रभारी, यातायात पुलिस थाना, जींद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed