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Jind News: हिट एंड रन संशोधन बिल वापस लेने की मांग को लेकर ट्रक चालकों ने शुरू की हड़ताल
Thu, 11 Jan 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:38 PM IST
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हड़ताल के कारण खड़े ट्रक।
जींद। हिट एंड रन संशोधन बिल वापस लेने के विरोध में ट्रक चालकों ने बुधवार को खटकड़ टोल पर फिर हड़ताल शुरू कर दी है। ट्रक ऑपरेटर फिर आंदोलन की राह पर उतर आए और कानून वापस लिए जाने तक हड़ताल का ऐलान कर दिया। जींद ट्रक यूनियन का दावा है कि हड़ताल के चलते जिले के 500 से ज्यादा ट्रकों के पहिए फिर थम गए हैं। ट्रकों की हड़ताल का असर फिर से सामान ढुलाई पर पड़ेगा। बुधवार सुबह ही खटकड़ टोल पर एकत्रित हुए।
ट्रक यूनियन के प्रधान कृष्ण चहल व मुंशी अनिल कुमार ने कहा कि सरकार से कानून लागू नहीं करने को लेकर गुमराह किया है, जबकि यह कानून लागू किया जा रहा है। अब सरकार जब तक अधिकारिक रूप से यह कानून रद्द करने व वापस लिए जाने की घोषणा नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिले में सभी ट्रक ऑपरेटर व चालकों को सहयोग करना चाहिए, बल्कि दूसरे वाहन चालक भी आगे आएं। इससे पहले भी नए साल की शुरुआत में ही इस कानून के विरोध में ट्रक व प्राइवेट बस ऑपरेटर हड़ताल पर थे। इसके चलते पेट्रोल व डीजल पंपों पर भी किल्लत, सब्जी-मंडी में सब्जी व बाजार में अन्य सामान को लेकर किल्लत शुरू हो गई थी। इस दौरान कानून को वापस लिए जाने के आश्वासन के बाद हड़ताल को खोल दिया गया था।
हर रोज तीन से चार करोड़ का नुकसान
जिले में करीब पांच हजार ट्रक हैं, इसमें से 500 से ज्यादा अकेले जींद शहर में उनकी यूनियन के हैं, जो रोजाना ही किसी न किसी माल की सप्लाई में लगे होते हैं। 20 से 25 हैदराबाद, पुणे, मुबंई दुधारू पशुओं को लेकर जाते हैं। वहीं खाद के रैक में भी 100 से 150 ट्रक लगे रहते हैं। इसके अलावा अन्य ट्रक गेहूं, चावल व चीनी के सप्लाई में लगाए जाते हैं। वीरवार को फि र अधिकतर ट्रक खड़े हो गए हैं। ऐसे में एक दिन में जिलेभर के ट्रक खड़े होने से लगभग दो से तीन करोड़ का नुकसान प्रतिदिन होने की आशंका है। अब हड़ताल तभी खोली जाएगी जब सरकार पूरी तरह से कानून को वापस लेने को लेकर आश्वस्त करेगी।
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- अनिल कुमार ट्रक यूनियन सदस्य।
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ट्रक यूनियन के प्रधान कृष्ण चहल व मुंशी अनिल कुमार ने कहा कि सरकार से कानून लागू नहीं करने को लेकर गुमराह किया है, जबकि यह कानून लागू किया जा रहा है। अब सरकार जब तक अधिकारिक रूप से यह कानून रद्द करने व वापस लिए जाने की घोषणा नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिले में सभी ट्रक ऑपरेटर व चालकों को सहयोग करना चाहिए, बल्कि दूसरे वाहन चालक भी आगे आएं। इससे पहले भी नए साल की शुरुआत में ही इस कानून के विरोध में ट्रक व प्राइवेट बस ऑपरेटर हड़ताल पर थे। इसके चलते पेट्रोल व डीजल पंपों पर भी किल्लत, सब्जी-मंडी में सब्जी व बाजार में अन्य सामान को लेकर किल्लत शुरू हो गई थी। इस दौरान कानून को वापस लिए जाने के आश्वासन के बाद हड़ताल को खोल दिया गया था।
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हर रोज तीन से चार करोड़ का नुकसान
जिले में करीब पांच हजार ट्रक हैं, इसमें से 500 से ज्यादा अकेले जींद शहर में उनकी यूनियन के हैं, जो रोजाना ही किसी न किसी माल की सप्लाई में लगे होते हैं। 20 से 25 हैदराबाद, पुणे, मुबंई दुधारू पशुओं को लेकर जाते हैं। वहीं खाद के रैक में भी 100 से 150 ट्रक लगे रहते हैं। इसके अलावा अन्य ट्रक गेहूं, चावल व चीनी के सप्लाई में लगाए जाते हैं। वीरवार को फि र अधिकतर ट्रक खड़े हो गए हैं। ऐसे में एक दिन में जिलेभर के ट्रक खड़े होने से लगभग दो से तीन करोड़ का नुकसान प्रतिदिन होने की आशंका है। अब हड़ताल तभी खोली जाएगी जब सरकार पूरी तरह से कानून को वापस लेने को लेकर आश्वस्त करेगी।
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- अनिल कुमार ट्रक यूनियन सदस्य।