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अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे व्यापारी
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दुकानों के बेसमेंट में घुसा पानी। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। रानी तालाब के पास स्थित शोरूम संचालक अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। सड़क से पानी निकालने के चक्कर में पानी को शोरूम के पीछे खाली पड़ी जमीन में निकाल दिया। इस कारण शोरूम में बने बेसमेंट में पानी पहुंच गया। बेसमेंट रखा शोरूम संचालकों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। यहां पर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, जूते, गारमेंट्स तथा प्लवाईवुड के बड़े-बड़े शोरूम हैं। शनिवार को शहर के व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए मुआवजे की मांग को लेकर लोकनिमार्ण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक्सईएन को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए मौके पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी पहुंचे और व्यापारियों के साथ लगभग एक घंटा तक मांगों तथा उनके समाधान को लेकर बातचीत का दौर जारी रहा। इस दौरान व्यापारियों ने दुकानों में हुए नुकसान को दिखाने के लिए एक्सईन को सभी दुकानों के बेसमेंट में घुमाया और नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि की मांग की। हालांकि शुक्रवार को बारिश के समय दुकानों में घुसे पानी व सामने सड़क पर जमा पानी की निकासी नहीं होने होने को लेकर जाम भी लगाया था, जिसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, नगर परिषद के अधिकारी व चेयरमैन डॉ. अनुराधा सैनी मौके पर पहुंचीं और सायं तक ही पानी की निकासी का उचित आश्वासन देकर जाम खुलवाया था, लेकिन प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए मोटर लगाकर शोरूमों के पीछे जा रहे पानी को तो रुकवा दिया। इसके बाद वहां जमा पानी और दोबारा पानी जाने से रोकने के लिए कोई नया कार्य नहीं किया। इस कारण शनिवार को दोबारा से व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रशासन को समाधान के लिए चेताया। इस अवसर पर उपप्रधान ईश्वर गोयल, अनिल जैन, सुरेश गर्ग, पवन गर्ग, जयकुमार गोयल, सतीश बिंदल, रामफल, राजेंद्र गुप्ता, मनजीत, अंकुश मौजूद रहे।
व्यापारी बोले- प्रशासन बना है मूक दर्शक
व्यापारी नेता सुनील वशिष्ट व महाबीर कंप्यूटर ने कहा कि शोरूमों में जो पानी घुसा है, इसके लिए नगर परिषद व जन स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है। शहर के बरसाती पानी के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि अमृत योजना के नाम पर खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद भी पूरा शहर पानी में जलमग्न है। अमृत योजना के नाम पर शहर की सभी सड़कों को उखाड़कर गड्डों में तब्दील कर दिया। इसके विरोध में आए दिन व्यापारी व आमजन आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
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रानी तालाब पर शोरूमों में घुसे पानी के कारण हुए नुकसान पर व्यापारियों ने मुआवजे की मांग व पानी की निकासी के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उच्चाधिकारियों से बात कर व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में शोरूमों में पानी नहीं घुसे, इसके लिए भी नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम शुरू करवाया जाएगा।
-राजकुमार नैन, एक्सईन, पीडब्ल्यूडी
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व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए मौके पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी पहुंचे और व्यापारियों के साथ लगभग एक घंटा तक मांगों तथा उनके समाधान को लेकर बातचीत का दौर जारी रहा। इस दौरान व्यापारियों ने दुकानों में हुए नुकसान को दिखाने के लिए एक्सईन को सभी दुकानों के बेसमेंट में घुमाया और नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि की मांग की। हालांकि शुक्रवार को बारिश के समय दुकानों में घुसे पानी व सामने सड़क पर जमा पानी की निकासी नहीं होने होने को लेकर जाम भी लगाया था, जिसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, नगर परिषद के अधिकारी व चेयरमैन डॉ. अनुराधा सैनी मौके पर पहुंचीं और सायं तक ही पानी की निकासी का उचित आश्वासन देकर जाम खुलवाया था, लेकिन प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए मोटर लगाकर शोरूमों के पीछे जा रहे पानी को तो रुकवा दिया। इसके बाद वहां जमा पानी और दोबारा पानी जाने से रोकने के लिए कोई नया कार्य नहीं किया। इस कारण शनिवार को दोबारा से व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रशासन को समाधान के लिए चेताया। इस अवसर पर उपप्रधान ईश्वर गोयल, अनिल जैन, सुरेश गर्ग, पवन गर्ग, जयकुमार गोयल, सतीश बिंदल, रामफल, राजेंद्र गुप्ता, मनजीत, अंकुश मौजूद रहे।
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व्यापारी बोले- प्रशासन बना है मूक दर्शक
व्यापारी नेता सुनील वशिष्ट व महाबीर कंप्यूटर ने कहा कि शोरूमों में जो पानी घुसा है, इसके लिए नगर परिषद व जन स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है। शहर के बरसाती पानी के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि अमृत योजना के नाम पर खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद भी पूरा शहर पानी में जलमग्न है। अमृत योजना के नाम पर शहर की सभी सड़कों को उखाड़कर गड्डों में तब्दील कर दिया। इसके विरोध में आए दिन व्यापारी व आमजन आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
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रानी तालाब पर शोरूमों में घुसे पानी के कारण हुए नुकसान पर व्यापारियों ने मुआवजे की मांग व पानी की निकासी के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उच्चाधिकारियों से बात कर व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में शोरूमों में पानी नहीं घुसे, इसके लिए भी नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर काम शुरू करवाया जाएगा।
-राजकुमार नैन, एक्सईन, पीडब्ल्यूडी