{"_id":"6ac6b7147e25c4857e00a006","slug":"towering-piles-of-garbage-will-no-longer-be-visible-waste-disposal-work-has-begun-on-hansi-road-jind-news-c-199-1-sroh1006-161676-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: अब नहीं दिखेंगे कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर, हांसी रोड पर निस्तारण का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: अब नहीं दिखेंगे कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर, हांसी रोड पर निस्तारण का काम शुरू
विज्ञापन
फोटो 07जेएनडी06-पुराने हांसी रोड पर डंपिंग साइट पर चल रहा निस्तारण कार्य। संवाद
जींद। हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट पर वर्षों से जमा कचरे के पहाड़नुमा ढेर से अब शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर परिषद की ओर से वर्क ऑर्डर जारी किए जाने के बाद संबंधित एजेंसी ने पुराने कचरे के निस्तारण का काम शुरू कर दिया है।
यहां मशीनों के माध्यम से कचरे की छंटाई और प्रोसेसिंग की जा रही है। साइट पर 50 हजार टन से अधिक पुराना कचरा जमा होने का अनुमान है। कचरा निस्तारण का ठेका हाईटेक सिक्योरिटी सर्विसेज को दो साल के लिए 3.96 करोड़ रुपये में दिया गया है।
एजेंसी डंपिंग साइट पर पहले से जमा कचरे के साथ-साथ शहर और जींद क्लस्टर के नगर निकायों से रोजाना पहुंचने वाले नए कचरे की भी प्रोसेसिंग करेगी। प्रशासन ने संबंधित निकायों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके भेजने के निर्देश दिए हैं ताकि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
विज्ञापन
धर्मकांटे से होगी वजन की निगरानी, सीएम पोर्टल पर जाएगी रोजाना रिपोर्ट
कचरा निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डंपिंग साइट पर धर्मकांटा लगाया गया है। कचरा लेकर पहुंचने वाले वाहनों का वजन किया जाएगा। साथ ही रोजाना कितना कचरा साइट पर पहुंचा, कितना निस्तारित हुआ और काम की कितनी प्रगति हुई, इसकी रिपोर्ट सीएम पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
बदबू और गंदगी से मिलेगी राहत
डंपिंग साइट पर लंबे समय से जमा कचरे के कारण आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों संदीप कुमार, राहुल मल्होत्रा, सुभाष शर्मा, नरेंद्र अत्री और सतबीर लाठर ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है। कचरे का निस्तारण शुरू होने से अब लोगों को राहत की उम्मीद है।
रोजाना 350 टन कचरा निस्तारित करने की क्षमता
जींद क्लस्टर में जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना और जुलाना नगर निकाय शामिल हैं। इन निकायों से निकलने वाला ठोस कचरा हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचता है। वर्तमान में क्लस्टर से रोजाना करीब 300 टन कचरा पहुंचने का अनुमान है। साइट पर लगाई गई मशीनों की क्षमता आठ घंटे में करीब 350 टन कचरे के निस्तारण करने की है। जरूरत पड़ने पर दो से तीन शिफ्ट में मशीनें चलाकर 24 घंटे में करीब एक हजार टन तक कचरे की प्रोसेसिंग की जा सकती है। इससे पुराने कचरे के ढेरों को भी तेजी से कम करने में मदद मिलेगी।
गीले कचरे से बनेगी खाद, प्लास्टिक और आरडीएफ होगा अलग
एजेंसी की ओर से आधुनिक मशीनों के माध्यम से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर प्रोसेस किया जाएगा। गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी जबकि प्लास्टिक और अन्य उपयोगी सामग्री को अलग किया जाएगा। कचरे से आरडीएफ यानी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल तैयार किया जाएगा। इसे फैक्टरियों और सीमेंट मिलों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए भेजा जाएगा। प्रोसेसिंग के बाद बचने वाले इनर्ट का इस्तेमाल प्लॉटों की भराव में किया जा सकेगा। -सुनील रेढू, संचालक, हाईटेक सिक्योरिटी सर्विसेज
वर्जन
एजेंसी ने कचरा निस्तारण का काम शुरू कर दिया है। पुराने कचरे के साथ रोजाना निकलने वाले कचरे की भी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार होंगे। डंपिंग साइट पर जमा कचरा कम होने से गंदगी घट जाएगी। -सुशील कुमार, ईओ, नगर परिषद जींद
विज्ञापन
यहां मशीनों के माध्यम से कचरे की छंटाई और प्रोसेसिंग की जा रही है। साइट पर 50 हजार टन से अधिक पुराना कचरा जमा होने का अनुमान है। कचरा निस्तारण का ठेका हाईटेक सिक्योरिटी सर्विसेज को दो साल के लिए 3.96 करोड़ रुपये में दिया गया है।
विज्ञापन
एजेंसी डंपिंग साइट पर पहले से जमा कचरे के साथ-साथ शहर और जींद क्लस्टर के नगर निकायों से रोजाना पहुंचने वाले नए कचरे की भी प्रोसेसिंग करेगी। प्रशासन ने संबंधित निकायों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके भेजने के निर्देश दिए हैं ताकि वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
विज्ञापन
धर्मकांटे से होगी वजन की निगरानी, सीएम पोर्टल पर जाएगी रोजाना रिपोर्ट
कचरा निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डंपिंग साइट पर धर्मकांटा लगाया गया है। कचरा लेकर पहुंचने वाले वाहनों का वजन किया जाएगा। साथ ही रोजाना कितना कचरा साइट पर पहुंचा, कितना निस्तारित हुआ और काम की कितनी प्रगति हुई, इसकी रिपोर्ट सीएम पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
बदबू और गंदगी से मिलेगी राहत
डंपिंग साइट पर लंबे समय से जमा कचरे के कारण आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों संदीप कुमार, राहुल मल्होत्रा, सुभाष शर्मा, नरेंद्र अत्री और सतबीर लाठर ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है। कचरे का निस्तारण शुरू होने से अब लोगों को राहत की उम्मीद है।
रोजाना 350 टन कचरा निस्तारित करने की क्षमता
जींद क्लस्टर में जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना और जुलाना नगर निकाय शामिल हैं। इन निकायों से निकलने वाला ठोस कचरा हांसी रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचता है। वर्तमान में क्लस्टर से रोजाना करीब 300 टन कचरा पहुंचने का अनुमान है। साइट पर लगाई गई मशीनों की क्षमता आठ घंटे में करीब 350 टन कचरे के निस्तारण करने की है। जरूरत पड़ने पर दो से तीन शिफ्ट में मशीनें चलाकर 24 घंटे में करीब एक हजार टन तक कचरे की प्रोसेसिंग की जा सकती है। इससे पुराने कचरे के ढेरों को भी तेजी से कम करने में मदद मिलेगी।
गीले कचरे से बनेगी खाद, प्लास्टिक और आरडीएफ होगा अलग
एजेंसी की ओर से आधुनिक मशीनों के माध्यम से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर प्रोसेस किया जाएगा। गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी जबकि प्लास्टिक और अन्य उपयोगी सामग्री को अलग किया जाएगा। कचरे से आरडीएफ यानी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल तैयार किया जाएगा। इसे फैक्टरियों और सीमेंट मिलों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए भेजा जाएगा। प्रोसेसिंग के बाद बचने वाले इनर्ट का इस्तेमाल प्लॉटों की भराव में किया जा सकेगा। -सुनील रेढू, संचालक, हाईटेक सिक्योरिटी सर्विसेज
वर्जन
एजेंसी ने कचरा निस्तारण का काम शुरू कर दिया है। पुराने कचरे के साथ रोजाना निकलने वाले कचरे की भी वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार होंगे। डंपिंग साइट पर जमा कचरा कम होने से गंदगी घट जाएगी। -सुशील कुमार, ईओ, नगर परिषद जींद