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भगवान श्रीराम पूरे विश्व के आदर्श और प्रेरणास्रोत : मधुरेश दास महाराज

Thu, 08 Oct 2026 02:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:55 AM IST
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Lord Shri Ram is an ideal and a source of inspiration for the entire world: Madhuresh Das Maharaj.
फोटो 07जेएनडी32-श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर में चल रहे सामूहिक संगीतमय श्री रामायण पाठ में मौजूद
सफीदों। नगर की गुरुद्वारा गली स्थित श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर में वेदाचार्य दंडी स्वामी डॉ. निगमबोध तीर्थ महाराज के परम सानिध्य में चल रहे सामूहिक संगीतमय श्री रामायण पाठ महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है। महोत्सव में अयोध्या से पधारे व्यास मधुरेश दास महाराज ने भगवान श्रीराम के राजतिलक का भावपूर्ण एवं संगीतमय प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरा मंदिर परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
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मधुरेश दास महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास से लेकर अयोध्या वापसी और राजतिलक तक के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सत्य, संयम और कर्तव्य का अनुपम उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। यही कारण है कि श्रीराम आज भी पूरे विश्व के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत हैं।
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उन्होंने कहा कि लंबे वनवास के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने पर पूरे नगर में उत्सव का माहौल बन गया था। लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद भगवान श्रीराम का राजतिलक हुआ और अयोध्या में रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। महाराज ने कहा कि रामराज्य केवल शासन व्यवस्था का नाम नहीं है, बल्कि न्याय, समानता, सेवा, सुरक्षा और लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे रामायण के प्रसंगों को केवल कथा के रूप में सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों और समाज में बढ़ती दूरियों को कम करने के लिए रामायण के आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे और दूसरों के अधिकारों व सम्मान का ध्यान रखे तो समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव को मजबूत किया जा सकता है।
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