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ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 25 एकड़ जमीन तलाशने के आदेश

Sun, 07 May 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला जींद
ब्यूरो /अमर उजाला जींद Updated Sun, 07 May 2017 11:57 PM IST
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to check the land for transport city CM
सफीदों में लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर। - फोटो : amarujala beuro
जींद औद्योगिक दृष्टि से नई पहचान दिलवाने के लिए बनाई गई ट्रांस्पोर्ट नगर की योजना को सिरे चढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अधिकारियों को 25 एकड़ जमीन तलाशने के आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने बागवानी विवि के रीजनल सेंटर की संभावनाओं को तलाशने के लिए भी अधिकारियों को आदेश दिए। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को आदेश दिए कि लाइन लॉस कम करने के लिए सिर्फ घरों में नहीं सरकारी कार्यालयों में भी जांच करें।
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अपने दो दिवसीय जींद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जींद में ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाना है, इसके लिए अधिकारी शहर के आसपास के गांवों में 25 एकड़ जमीन तलाशने का काम जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि जैसे ही ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध हो जाएगी, तुरंत परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। सीएम ने बधाना गांव में बागवानी विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर बनाने के लिए सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बधाना गांव की ग्राम पंचायत 100 एकड़ भूमि देने के लिए तैयार है। इस भूमि का सदुपयोग करने के लिए यहां बागवानी विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर या फिर पॉलीटेक्निक कॉलेज बनाने के लिए संभावनाएं तलाश कर प्रस्ताव तैयार कर भेजें। मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कम लाइन लॉस वाले फीडरों के बिजली उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध करवाएं। बिजली चोरी रोकने के लिए घरों के अलावा सरकारी कार्यालयों की भी समय-समय पर चेकिंग करें। उन्होंने कहा कि यह चेकिंग अभियान सबसे पहले बिजली निगम अपने कार्यालयों से शुरू करे।
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अर्जुन स्टेडियम में झील बनाने की योजना
गौरतलब है कि जींद के अर्जुन स्टेडियम में क्रिकेट मैदान बनाया जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए स्टेडियम में छह फीट से अधिक मिट्टी का भरत करना होगा। अगर यहां स्टेडियम के कुछ क्षेत्र में एक शानदार झील बना दी जाए तो कैसा रहेगा। उन्होंने कहा कि जल्द चीफ आर्किटैक्ट को बुलाकर इस विकास परियोजना को धरातल पर लाने के लिए संभावनाएं तलाशने को कहा।
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अटल पार्क का रास्ता साफ
पिछले करीब दो साल से लटके पड़े अटल पार्क का रास्ता भी मुख्यमंत्री के दौरे से साफ हो गया है। यहां पशुपालन विभाग की सफीदों रोड स्थित प्रस्तावित भूमि पर ही अटल पार्क विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पार्क का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।  बैठक में सांसद रमेश कौशिक, विधायक जसबीर देशवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, बीजेपी के जिला अध्यक्ष अमरपाल राणा समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों में से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता, हिसार के मंडलायुक्त राजीव रंजन, डीसी विनय सिंह, एडीसी आमना तस्नीम मौजूद रहे।

सफीदों को करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात
सफीदों (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने जींद के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन रविवार को सफीदों के लोक निर्माण विश्राम गृह में सफीदों शहर की जीवन रेखा सफीदों ड्रेन और सफीदों डिच ड्रेन का उद्घाटन किया तथा उपमंडल परिसर में बनने वाले 30 रिहायशी भवनों का शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं पर 16 करोड़ 29 लाख 81 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। सफीदों ड्रेन एंव डिच ड्रेन शहर से गंदा पानी निकालने के लिए बनाई गई है। इस पर सात करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसी प्रकार उपमंडल परिसर के 30 रिहायशी मकानों पर नौ करोड़ 12 लाख 81 हजार रुपये की राशि खर्च करने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने सफीदों में हांसी ब्रांच के पास महाराजा सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया की प्रतिमा का अनावरण किया और चौक का नाम सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया के नाम से रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंचकूला तथा भिवानी में सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया के नाम से चौक का नाम रखा जाएगा। इसी प्रकार सफीदों की आईटीआई का नाम भी महाराजा सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया के नाम पर रखा जाएगा। सफीदों की नई अनाज मंडी में महाराजा सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया की त्रिशताब्दी समारोह में केंद्रीय कृषि और कल्याण राज्य मंत्री एसएस आहलूवालिया ने  कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया शरीखे अनेक राष्ट्रभक्तों के बलिदानों से इतिहास भरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया ने साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए लोगों को अत्याचारी आक्रांताओं और क्रूर शासकों से लड़ने की प्रेरणा दी। वे भारत को मुगल शासन से आजाद करवाने के लिए 50 वर्षो तक युद्ध क्षेत्र में डटे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बाबा बंदा सिंह बहादुर , संत रविदास, संत कबीर, वाल्मीकि जयंती, अंबेडकर जयंती, गुरू गोविंद सिंह जयंती सरकारी तौर पर मनाने का निर्णय लिया है।

ऐतिहासिक नागक्षेत्र के लिए दो करोड़ की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक तीर्थ स्थल नाग क्षेत्र के विकास के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से दो करोड़ 10  लाख रुपये उपलब्ध करवाने की मांग स्वीकार की। इसी प्रकार नगरपालिका क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए नगरपालिका के अधिकारियों को कहा गया है। सफीदों के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की समस्या के समाधान के लिए चार करोड़ 15 लाख रुपये की परियोजनाओं को जल्द शुरू करने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री ने दिया। उन्होंने आधा दर्जन सड़कों के निर्माण की मांग और कुछ गांवों में व्यायामशाला स्थापित करने, स्कूल अपग्रेड करने, पशु अस्पताल बनाने की मांगों को स्वीकार किया।


सीएम से मिली शहीद की विधवा, बोली न तो पिछली सरकार ने कुछ किया, न आपकी सरकार कुछ कर रही है

सफीदों (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सफीदों दौरे के दौरान मुआना गांव के शहीद राजेंद्र राणा की विधवा पत्नी उनसे मिली और उनके पति को शहीद का दर्जा दिलवाने की मांग की। शहीद राजेंद्र राणा की पत्नी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी पति की मौत के बाद पिछली सरकार ने तो उनका कुछ नहीं किया। आपकी सरकार के सांसद रमेश कौशिक ने आर्थिक सहायता के साथ-साथ उसके पति को शहीद का दर्जा और परिवार में एक नौकरी दिलवाने की बता कही थी। लेकिन आज कोई नौकरी और आर्थिक सहायता नहीं मिलने से वे अपने बच्चों को ठीक से रोटी भी नहीं दे पा रही है। इस पर सीएम ने अधिकारियों से उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए। सीएम ने पास खड़े अधिकारियों व अपने पीए को मामले में जानकारी मांगी कि आखिर उन्हें शहीद का दर्ज क्यों नहीं दिया गया। महिला ममता ने कहा कि शहीद स्मारक को ग्राम पंचायत ने बनवाया गया था। गौरतलब है कि 27 जुलाई 2013 को पाकिस्तान की ओर से सीज फायर का उल्लंघन के दौरान फायरिंग में गांव मुआना के राजेंद्र राणा शहीद हो गए थे। इसके बाद राजेंद्र राणा का राजकीय सम्मान के साथ गांव मुआना में संस्कार किया गया था।
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