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Jind News: जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में नहीं शिकायत व सुझाव पेटी
Tue, 31 Oct 2023 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:53 AM IST
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30जेएनडी02 : डॉ. हरीश वशिष्ठ। संवाद
सतीश जागलान
जींद। स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं अपनी कोई भी शिकायत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी लगाने के निर्देश दिए थे। काफी स्कूल में तो यह शिकायत व सुझाव पेटी लगाई गई लेकिन रख-रखाव के अभाव में अब जिले के 80 प्रतिशत स्कूलों से गायब हो चुकी है। उचाना के जिस स्कूल में छात्राओं ने प्राचार्य पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं, उस स्कूल में भी शिकायत पेटी नहीं थी। इसी कारण छात्राओं को अपनी शिकायत डाक द्वारा भेजनी पड़ी। एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने सभी स्कूलों में तुरंत शिकायत पेटी लगाने तथा इसके बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी लगाने के निर्देश दिए थे। इसका मकसद यह था कि यदि किसी विद्यार्थी को कोई शिकायत या सुझाव हो तो वह इस पेटी में अपनी शिकायत डाल सकता है। वैसे तो विद्यार्थी अपनी शिकायत सीधे प्राचार्य को कर सकते हैं, लेकिन कई बार यदि कोई विद्यार्थी सामने नहीं आना चाहता हो और उसकी ऐसी कोई शिकायत हो, जो वह आमने-सामने नहीं बता सके, तो इसके लिए शिकायत पेटी लगवाई गई हैं। जिससे विद्यार्थियों की समस्याओं का हल हो सके। अब यह शिकायत पेटी लगभग सभी स्कूलों से गायब हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को इन शिकायत पेटी के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। शिकायत पेटी को केवल जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य या फिर निरीक्षण के लिए आने वाली अधिकारियों की टीम ही खोल सकती है। महीने में एक बार शिकायत पेटी जरूरी खोली जानी होती है।
सभी स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी होनी अनिवार्य है। काफी स्कूलों में पेटी नहीं होने की सूचना मिली है। इस संबंध में शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। जिन स्कूलों में सुझाव व शिकायत पेटी नहीं है, उनमें लगवाने के निर्देश दिए हैं। महीने में एक बार खंड शिक्षा अधिकारियों को शिकायत पेटी खोलनी होगी। कोई भी विद्यार्थी जो सामने आकर अपनी बात नहीं रख सकता, वह शिकायत पेटी के माध्यम से अपनी शिकायत रख सकता है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश जारी किए गए हैं।
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-- डॉ. हरीश वशिष्ठ, अतिरिक्त उपायुक्त।
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जींद। स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं अपनी कोई भी शिकायत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी लगाने के निर्देश दिए थे। काफी स्कूल में तो यह शिकायत व सुझाव पेटी लगाई गई लेकिन रख-रखाव के अभाव में अब जिले के 80 प्रतिशत स्कूलों से गायब हो चुकी है। उचाना के जिस स्कूल में छात्राओं ने प्राचार्य पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं, उस स्कूल में भी शिकायत पेटी नहीं थी। इसी कारण छात्राओं को अपनी शिकायत डाक द्वारा भेजनी पड़ी। एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने सभी स्कूलों में तुरंत शिकायत पेटी लगाने तथा इसके बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी लगाने के निर्देश दिए थे। इसका मकसद यह था कि यदि किसी विद्यार्थी को कोई शिकायत या सुझाव हो तो वह इस पेटी में अपनी शिकायत डाल सकता है। वैसे तो विद्यार्थी अपनी शिकायत सीधे प्राचार्य को कर सकते हैं, लेकिन कई बार यदि कोई विद्यार्थी सामने नहीं आना चाहता हो और उसकी ऐसी कोई शिकायत हो, जो वह आमने-सामने नहीं बता सके, तो इसके लिए शिकायत पेटी लगवाई गई हैं। जिससे विद्यार्थियों की समस्याओं का हल हो सके। अब यह शिकायत पेटी लगभग सभी स्कूलों से गायब हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को इन शिकायत पेटी के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। शिकायत पेटी को केवल जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य या फिर निरीक्षण के लिए आने वाली अधिकारियों की टीम ही खोल सकती है। महीने में एक बार शिकायत पेटी जरूरी खोली जानी होती है।
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सभी स्कूलों में शिकायत व सुझाव पेटी होनी अनिवार्य है। काफी स्कूलों में पेटी नहीं होने की सूचना मिली है। इस संबंध में शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। जिन स्कूलों में सुझाव व शिकायत पेटी नहीं है, उनमें लगवाने के निर्देश दिए हैं। महीने में एक बार खंड शिक्षा अधिकारियों को शिकायत पेटी खोलनी होगी। कोई भी विद्यार्थी जो सामने आकर अपनी बात नहीं रख सकता, वह शिकायत पेटी के माध्यम से अपनी शिकायत रख सकता है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश जारी किए गए हैं।
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30जेएनडी02 : डॉ. हरीश वशिष्ठ। संवाद