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Jind News: श्रीराम कथा में सुनाया विवाह प्रसंग, लक्ष्मण के चरित्र से दिया मर्यादा का संदेश
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फोटो 14जेएनडी24-हिंदू कन्या महाविद्यालय में आयोजित श्रीराम कथा सुनाते हुए मधुरेश महाराज। स्रोत
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में जेसीआई एल्यूमिनी क्लब रीजन की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य और मर्यादा का संदेश दिया जा रहा है। 11 अक्तूबर से शुरू हुई कथा में अयोध्या से पहुंचे मधुरेश महाराज ने श्रीराम विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से प्रभु श्रीराम का गुणगान किया। आयोजन का समापन 19 अक्तूबर को भंडारे के साथ होगा।
कथा में मुख्य यजमान के रूप में बीबीसी ग्रुप इंडिया के निदेशक राजेंद्र बिढान पत्नी, पुत्र विकास और पुत्रवधू भूमि बिढान के साथ शामिल हुए। परिवार ने श्रीराम विवाह प्रसंग में भाग लेकर प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा की स्तुति की।
राजेंद्र बिढान ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और आदर्श आचरण का प्रतीक है। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने प्रत्येक परिस्थिति में धर्म और मर्यादा का पालन किया। नवरात्र के दौरान श्रीराम कथा का श्रवण और मां दुर्गा की स्तुति करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही जीवन में की राह पर चलने और मर्यादा बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
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कथा के दौरान मधुरेश महाराज ने लक्ष्मण के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि रावण जब माता सीता का हरण कर ले गया था तब माता सीता ने रास्ते में अपने आभूषण गिरा दिए थे। आभूषणों की पहचान के प्रसंग में लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने कभी माता सीता के चरणों से ऊपर दृष्टि नहीं उठाई इसलिए वे उनके अन्य आभूषणों को नहीं पहचान सकते। इस प्रसंग के माध्यम से महाराज ने बताया कि लक्ष्मण का आचरण नारी सम्मान और मर्यादा का आदर्श उदाहरण है।
निदेशक प्रवीण सैनी और अशोक जिंदल ने कहा कि कथा आयोजन का उद्देश्य लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ाना और उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर पीआरओ अशोक खरब, चंद्र दत्त शर्मा, चंद्रप्रकाश मलिक, संजय गोयल, अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जोन अध्यक्ष प्रदीप शर्मा और कोषाध्यक्ष चंद्रभान बंसल मौजूद रहे।
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कथा में मुख्य यजमान के रूप में बीबीसी ग्रुप इंडिया के निदेशक राजेंद्र बिढान पत्नी, पुत्र विकास और पुत्रवधू भूमि बिढान के साथ शामिल हुए। परिवार ने श्रीराम विवाह प्रसंग में भाग लेकर प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा की स्तुति की।
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राजेंद्र बिढान ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और आदर्श आचरण का प्रतीक है। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने प्रत्येक परिस्थिति में धर्म और मर्यादा का पालन किया। नवरात्र के दौरान श्रीराम कथा का श्रवण और मां दुर्गा की स्तुति करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही जीवन में की राह पर चलने और मर्यादा बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
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कथा के दौरान मधुरेश महाराज ने लक्ष्मण के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि रावण जब माता सीता का हरण कर ले गया था तब माता सीता ने रास्ते में अपने आभूषण गिरा दिए थे। आभूषणों की पहचान के प्रसंग में लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने कभी माता सीता के चरणों से ऊपर दृष्टि नहीं उठाई इसलिए वे उनके अन्य आभूषणों को नहीं पहचान सकते। इस प्रसंग के माध्यम से महाराज ने बताया कि लक्ष्मण का आचरण नारी सम्मान और मर्यादा का आदर्श उदाहरण है।
निदेशक प्रवीण सैनी और अशोक जिंदल ने कहा कि कथा आयोजन का उद्देश्य लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ाना और उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर पीआरओ अशोक खरब, चंद्र दत्त शर्मा, चंद्रप्रकाश मलिक, संजय गोयल, अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जोन अध्यक्ष प्रदीप शर्मा और कोषाध्यक्ष चंद्रभान बंसल मौजूद रहे।

फोटो 14जेएनडी24-हिंदू कन्या महाविद्यालय में आयोजित श्रीराम कथा सुनाते हुए मधुरेश महाराज। स्रोत