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Jind News: राम जन्म के मंचन से गूंजा पंडाल, राक्षसों की शरारतों ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया
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फोटो 4 नरवाना। भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म तथा नामकरण का दृश्य प्रस्तुत करते हु
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संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। पुरानी अनाज लोहा मंडी में श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन शनिवार को भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर राक्षसों की शरारतों तक के दृश्य मंचित किए गए। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पार्षद आशुतोष शर्मा ने रिबन काटकर किया। मंच संचालन शैलेंद्र मोहन गर्ग ने किया।
रामलीला की शुरुआत भारत माता की आरती और देख लक्ष्मी के चरणों में देश पुजारी आए हैं भजन से हुई। इसके बाद मंच पर राजा दशरथ और रानी कौशल्या की संतान प्राप्ति की व्यथा दिखाई गई। कौशल्या भगवान से प्रार्थना करती हैं, वहीं राजा दशरथ गुरु से मार्गदर्शन लेते हैं।
इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म और नामकरण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। समय बीतने के साथ चारों भाइयों के बड़े होने का मंचन भी किया गया। अगले दृश्य में प्रजा राजा दशरथ के सामने जंगलों में राक्षसों के आतंक की समस्या रखती है। लीला के अंतिम भाग में राक्षसों की शरारतों और मस्ती के दृश्यों ने दर्शकों को खूब हंसाया।
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कला केंद्र के प्रधान भारत भूषण गर्g ने बताया कि 20 अक्तूबर को एसडी महिला परिसर में दशहरे पर भव्य कार्यक्रम होगा। इसमें रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। मंचन में पं. मेहर चंद पुजारी ने दशरथ, मंजीत गौरा ने विश्वामित्र, सचिन शर्मा ने कौशल्या, संदीप जाखड़ ने कैकेयी और शमशेर गोस्वामी ने सुमित्रा की भूमिका निभाई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
नरवाना। पुरानी अनाज लोहा मंडी में श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन शनिवार को भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर राक्षसों की शरारतों तक के दृश्य मंचित किए गए। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पार्षद आशुतोष शर्मा ने रिबन काटकर किया। मंच संचालन शैलेंद्र मोहन गर्ग ने किया।
रामलीला की शुरुआत भारत माता की आरती और देख लक्ष्मी के चरणों में देश पुजारी आए हैं भजन से हुई। इसके बाद मंच पर राजा दशरथ और रानी कौशल्या की संतान प्राप्ति की व्यथा दिखाई गई। कौशल्या भगवान से प्रार्थना करती हैं, वहीं राजा दशरथ गुरु से मार्गदर्शन लेते हैं।
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इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म और नामकरण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। समय बीतने के साथ चारों भाइयों के बड़े होने का मंचन भी किया गया। अगले दृश्य में प्रजा राजा दशरथ के सामने जंगलों में राक्षसों के आतंक की समस्या रखती है। लीला के अंतिम भाग में राक्षसों की शरारतों और मस्ती के दृश्यों ने दर्शकों को खूब हंसाया।
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कला केंद्र के प्रधान भारत भूषण गर्g ने बताया कि 20 अक्तूबर को एसडी महिला परिसर में दशहरे पर भव्य कार्यक्रम होगा। इसमें रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। मंचन में पं. मेहर चंद पुजारी ने दशरथ, मंजीत गौरा ने विश्वामित्र, सचिन शर्मा ने कौशल्या, संदीप जाखड़ ने कैकेयी और शमशेर गोस्वामी ने सुमित्रा की भूमिका निभाई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।