{"_id":"5dbb914d8ebc3e939e4721c6","slug":"the-organization-expressed-anger-over-the-bad-condition-of-the-cow-dynasty-in-nandishala-jind-news-rtk525445484","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंदीशाला में गोवंश की बुरी हालात पर संगठन ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंदीशाला में गोवंश की बुरी हालात पर संगठन ने जताया रोष
विज्ञापन
जयंती देवी मंदिर के सामने प्रशासन द्वारा बनाई गई नंदीशाला में गोवंश की हालात को लेकर वीरवार को जयति-जयति हिंदू महान संगठन के प्रमुख अतुल प्रताप चौहान के नेतृत्व में गोभक्तों ने रोष जताया। इन लोगों ने नंदीशाला का दौरा किया और गोवंश की स्थिति जानी।
अतुल प्रताप चौहान ने कहा कि प्रशासन नंदीशाला में गोवंश की ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि नंदीशाला गोवंश के लिए जर्मन चैंबर की तरह बन गई है। यहां सिर्फ गायों की हत्या की जा रही है। ऐसे में गोभक्त सात नवंबर को नंदीशाला के बाहर एक दिन अनशन करेंगे और यदि इसके बावजूद हालात नहीं सुधरते तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें गोभक्त सड़क जाम कर विरोध भी जता सकते हैं। उन्होंने कहा कि सात नवंबर को विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा को नंदीशाला में बुलाकर हालात दिखाए जाएंगे। चौहान ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकतर गोवंश भूख प्यास से बेहाल है। सिर्फ दिखावे के लिए यहां गोवंश को चारा डालने के लिए जगह तो बनाई हैं, लेकिन इनमें चारा डालने का कोई प्रमाण नहीं है। इसी प्रकार नंदीशाला में पानी की हौदी तो बनाई हैं, लेकिन इनमें पानी इतना गंदा है कि पशु इसे पी नहीं सकते।
किया जा रहा है मरने का इंतजार
इन लोगों ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के मरने का इंतजार किया जा रहा है। नंदीशाला में करीब चार हजार गोवंश छोड़ा गया था, लेकिन अब महज 800 ही बचा है। नंदीशाला में जगह-जगह गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहा है।
विज्ञापन
बॉक्स
दवाएं तक नहीं
चौहान ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के लिए न तो चिकित्सक की व्यवस्था ढंग से की गई है और न ही दवा की। यहां काफी दवा तो एक्सपायरी डेट की मिली हैं। वहीं सामान्य दवाएं तक नंदीशाला में नहीं हैं।
विज्ञापन
अतुल प्रताप चौहान ने कहा कि प्रशासन नंदीशाला में गोवंश की ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि नंदीशाला गोवंश के लिए जर्मन चैंबर की तरह बन गई है। यहां सिर्फ गायों की हत्या की जा रही है। ऐसे में गोभक्त सात नवंबर को नंदीशाला के बाहर एक दिन अनशन करेंगे और यदि इसके बावजूद हालात नहीं सुधरते तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें गोभक्त सड़क जाम कर विरोध भी जता सकते हैं। उन्होंने कहा कि सात नवंबर को विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा को नंदीशाला में बुलाकर हालात दिखाए जाएंगे। चौहान ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकतर गोवंश भूख प्यास से बेहाल है। सिर्फ दिखावे के लिए यहां गोवंश को चारा डालने के लिए जगह तो बनाई हैं, लेकिन इनमें चारा डालने का कोई प्रमाण नहीं है। इसी प्रकार नंदीशाला में पानी की हौदी तो बनाई हैं, लेकिन इनमें पानी इतना गंदा है कि पशु इसे पी नहीं सकते।
विज्ञापन
किया जा रहा है मरने का इंतजार
इन लोगों ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के मरने का इंतजार किया जा रहा है। नंदीशाला में करीब चार हजार गोवंश छोड़ा गया था, लेकिन अब महज 800 ही बचा है। नंदीशाला में जगह-जगह गोवंश भूख-प्यास से तड़प रहा है।
विज्ञापन
बॉक्स
दवाएं तक नहीं
चौहान ने कहा कि नंदीशाला में गोवंश के लिए न तो चिकित्सक की व्यवस्था ढंग से की गई है और न ही दवा की। यहां काफी दवा तो एक्सपायरी डेट की मिली हैं। वहीं सामान्य दवाएं तक नंदीशाला में नहीं हैं।