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Jind News: डेढ़ साल से लंबित जींद-सफीदों हाईवे चौड़ीकरण परियोजना फिर अटकी

Fri, 08 May 2026 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 11:41 PM IST
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The Jind-Safidon highway widening project, pending for one and a half years, is again stuck.
08जेएनडी01-सफीदों रोड पर सड़क किनारे उखाड़ी गई मिट्टी। संवाद
जींद। करीब डेढ़ वर्ष से लंबित जींद-सफीदों हाईवे चौड़ीकरण परियोजना फिर अटक गई है। 170 करोड़ रुपये की लागत से सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर चौड़ी किए जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य पर ब्रेक लग गया है। वजह है पांच हजार पेड़ों के कटान पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध।
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हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने प्रदेशभर में पेड़ों के कटान पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया हुआ है। अब मामले की सुनवाई 11 मई को होगी। इसके बाद ही परियोजना की आगे की दिशा तय हो सकेगी।
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यह मामला जीरकपुर-पंचकूला के 19.2 किलोमीटर लंबे 6-लेन बाईपास परियोजना से भी जुड़ा है जिसमें करीब पांच हजार पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। पेड़ों के कटान पर कंपनसेटरी फॉरेस्ट के लिए पेड़ लगाने को वन विभाग को 17.57 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई जानी थी जो इस एरिया में उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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याचिकाकर्ता ने दलील दी कि इंडिया स्टेट ऑफ फारेस्ट रिपोर्ट-2023 के अनुसार, हरियाणा में वन क्षेत्र मात्र 3.65 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 21.71 प्रतिशत से काफी कम है इसलिए बिना उचित प्रतिपूरक वनरोपण के पेड़ों की कटाई उचित नहीं है।
सफीदों मार्ग पर भी करीब पांच हजार पेड़ हैं जिनको काटा जाना है। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। आदेश के चलते सफीदों-जींद हाईवे चौड़ीकरण का काम केवल उन हिस्सों तक सीमित रह गया है जहां पेड़ नहीं हैं।
वहीं, सड़क किनारे पेड़ों वाले हिस्सों में निर्माण पूरी तरह रुका हुआ है। रोड को कई जगह दोनों तरफ से उखाड़ा गया है। ऐसे में आने-जाने वाले वाहन चालकों को धूल से गुजरना पड़ता है क्योंकि वाहनों के आवागमन से हर समय धूल उड़ती रहती है। इस कारण सामने से वाहन भी दिखाई नहीं देता। हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।
प्रशासन को जब तक काम रुका है सड़क के दोनों तरफ पानी का छिड़काव रोजाना करवाना चाहिए जिससे वाहन चालकों को धूल से परेशान नहीं होना पड़े।


ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे हटाने का भी नहीं हुआ काम
सड़क के दायरे में आने वाले बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और अन्य ढांचे भी अब तक नहीं हटाए गए हैं। विभागीय स्तर पर आवश्यक शुल्क जमा कर इन्हें हटाने की प्रक्रिया भी लंबित है जिससे परियोजना में और देरी हो रही है। अब सभी की नजर 11 मई की सुनवाई पर टिकी है। इसका असर सफीदों-पानीपत स्टेट हाईवे परियोजना पर भी पड़ रहा है।
बधाना की पंचायत ने दी है वन विभाग को जमीन

पौधे लगाने के लिए पंचायती विभाग को वन विभाग के नाम 41 एकड़ जमीन करानी थी। यह जमीन देने के लिए बधाना गांव की पंचायत आगे आई और विभाग को पौधे लगाने के लिए 41 एकड़ जमीन नाम करवा दी। अब जमीन पर पौधे लगाए जाएंगे। हालांकि इससे पहले शामलो और खरल गांव की पंचायत भी जमीन देने के लिए तैयार हो गई थी लेकिन वहां एक जगह 41 एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी।

वर्जन
सफीदों मार्ग पर पेड़ों की कटाई की जानी है लेकिन हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में निर्माण कार्य रुक गया है। अब मामले में 11 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा।
-पवन ग्रोवर, जिला वन अधिकारी, जींद




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