{"_id":"6acaadf71806c372cf0fda90","slug":"the-jagruk-nagarik-manch-expressed-outrage-over-the-detention-of-youths-at-jantar-mantar-jind-news-c-199-1-sroh1006-161876-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: जंतर-मंतर पर युवाओं को हिरासत में लेने पर जागरूक नागरिक मंच ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: जंतर-मंतर पर युवाओं को हिरासत में लेने पर जागरूक नागरिक मंच ने जताया रोष
विज्ञापन
जींद। जागरूक नागरिक मंच की बैठक शनिवार दोपहर मंच के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कार्यालय में सुधीर शास्त्री के नेतृत्व में हुई। बैठक में दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लेने पर रोष जताया। मंच के सदस्यों ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। मंच ने नियुक्ति प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से काट-छांट की गई। मंच ने मांग की कि जिन राज्यों में एसआईआर के तहत काटे गए मतदाताओं की सुनवाई किए बिना अधूरी मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव करवाए गए, वहां के चुनाव निरस्त किए जाएं। साथ ही संबंधित सरकारों को बर्खास्त कर नए सिरे से बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव करवाए जाएं।
विज्ञापन
बैठक में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्याचारों की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवाने की मांग भी उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। इस दौरान ईश्वर ग्रोवर, विकास कुमार, रविंद्र शास्त्री, रामफल दहिया, पूजन आर्य, बलवान क्रांतिकारी, राजेंद्र कुमार, सतबीर और देशराज अहिरका मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। मंच ने नियुक्ति प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की।
विज्ञापन
सदस्यों ने आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से काट-छांट की गई। मंच ने मांग की कि जिन राज्यों में एसआईआर के तहत काटे गए मतदाताओं की सुनवाई किए बिना अधूरी मतदाता सूचियों के आधार पर चुनाव करवाए गए, वहां के चुनाव निरस्त किए जाएं। साथ ही संबंधित सरकारों को बर्खास्त कर नए सिरे से बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव करवाए जाएं।
विज्ञापन
बैठक में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्याचारों की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवाने की मांग भी उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। इस दौरान ईश्वर ग्रोवर, विकास कुमार, रविंद्र शास्त्री, रामफल दहिया, पूजन आर्य, बलवान क्रांतिकारी, राजेंद्र कुमार, सतबीर और देशराज अहिरका मौजूद रहे।