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Jind News: कोरोना काल में संजीवनी बना आइसोलेशन वार्ड अब खुद आईसीयू में

Mon, 02 Feb 2026 11:55 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:55 PM IST
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The isolation ward, which served as a lifeline during the coronavirus pandemic, is now itself in the ICU.
02जेएनडी08: जुलाना में कोरोना के समय में बनाया गया फोल्डेबल आइसोलेशन वार्ड पर लटका ताला। संवाद
जींद। कोरोना काल में जुलाना क्षेत्र के लोगों के लिए संजीवनी बना 20 बेड का फोल्डेबल आइसोलेशन वार्ड अब खुद आईसीयू में है। कोविड में जब नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही थी तब प्रशासन ने फोल्डेबल अस्पताल की स्थापना की थी।
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लाखों रुपये की लागत से तैयार अस्थायी अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इसमें 20 बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और पाइपलाइन, मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेब्युलाइजर, प्राथमिक दवा, पीपीई किट, सेनिटाइजेशन व्यवस्था की गई थी।
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इसके अलावा बिजली बैकअप, पंखे-कूलर सहित स्टाफ के लिए ड्यूटी एरिया की सुविधा भी उपलब्ध थी। संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन सुविधा और आपात स्थिति में तुरंत उपचार की व्यवस्था भी थी
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कोरोना महामारी खत्म होने के बाद फोल्डेबल आइसोलेशन वार्ड की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। वर्तमान स्थिति यह है कि फोल्डेबल अस्पताल जर्जर हो रहा है। अंदर रखे बेड बदहाल हालत में हैं। उपकरण धूल खा रहे हैं और रख-रखाव के अभाव में पूरा ढांचा जर्जर होने की स्थिति में पहुंच गया है।
वर्जन
यदि जिला प्रशासन इस फोल्डेबल आइसोलेशन वार्ड को जिला मुख्यालय स्तर पर शिफ्ट कर दे और इसमें वैकल्पिक स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत की जाए तो यह आमजन के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यहां ट्रॉमा सेंटर, डायलिसिस यूनिट, महिला एवं बाल स्वास्थ्य केंद्र, टीबी या संक्रामक रोग यूनिट, आपात ओपीडी या आपदा प्रबंधन केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। सरकार की खर्च की गई राशि भी बर्बाद होने से बच जाएगी।
-एडवोकेट सुनील राज बामणिया
वर्जन
भविष्य में किसी भी महामारी, प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के दौरान इस प्रकार के फोल्डेबल अस्पताल बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। आवश्यकता केवल दूरदर्शी योजना और समय पर निर्णय लेने की है। यदि अभी भी इसकी मरम्मत और पुनः उपयोग की दिशा में कदम उठाए जाएं तो यह ढांचा फिर से उपयोग में लाया जा सकता है। -सुनील वशिष्ट, समाजसेवी
वर्जन
जब सरकारी अस्पतालों पर लगातार मरीजों का दबाव बढ़ रहा था तब इस तरह की तैयार सुविधा का यूं ही बदहाल पड़ा रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस ओर शीघ्र संज्ञान ले और इसे जनहित में उपयोग में लाने की ठोस योजना बनाएं। -रामबिलास मित्तल, नगर प्रधान व्यापार मंडल
वर्जन
अभी तक यह प्रयोग में नहीं है। अगर एडिशनल कुछ इसमें करवाया जाए तो यह काम आ सकता है। इसमें सरकार की तरफ से कुछ विशेष सुविधा नहीं मिली थी। कोरोना में इसका प्रयोग किया गया था लेकिन अब यह पूरी तरह से बंद पड़ा है। -संजीव शर्मा, एसएमओ जुलाना।

वर्जन
कोरोना काल में सरकार की तरफ से फोल्डेबल अस्पताल की सुविधाएं दी गई थी। इसको मुख्यालय स्तर पर लाकर कोई अन्य सुविधा शुरू करने या फिर जुलाना में इसको मरीजों के लिए उपयोगी बनाए जाने को लेकर बात की जाएगी ताकि लाखों रुपये से तैयार किया यह आइसोलेशन वार्ड मरीजों के लिए उपयोग किया जा सके। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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