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सरकारन 11 वर्षों में पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया :विनोद कुमार

Sat, 07 Feb 2026 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sat, 07 Feb 2026 12:36 AM IST
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The government has benefited capitalists in the last 11 years: Vinod Kumar
06जेएनडी02: 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल तैयारी को लेकर बातचीत करते मनरेगा मजदूर। - फोटो : 1
जींद। 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारियों को लेकर जुलाना क्षेत्र में मजदूरों और किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। पौली गांव से शुरू हुआ मजदूरों का पैदल जत्था शुक्रवार को गतौली, शामलो कलां, रामकली होते हुए करसोला पहुंचा।
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इन गांवों में आयोजित जनसभाओं में निर्माण मजदूरों, मनरेगा श्रमिकों, आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों और किसानों ने भाग लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष विनोद कुमार और जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां लगातार मेहनतकश जनता के अधिकारों का हनन कर रही हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 11 वर्षों में श्रम कानूनों को कमजोर कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया है। नवंबर में पारित चार लेबर कोड को रद्द करवाने, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करने, पक्की नौकरी की गारंटी और निर्माण मजदूरों के पंजीकरण की बहाली के लिए 12 फरवरी को ऐतिहासिक चक्का जाम किया जाएगा।
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मजदूर नेताओं ने कहा कि विकसित भारत- जी राम जी के नाम पर मनरेगा के मूल ढांचे को खत्म किया जा रहा है। सरकार ने काम मांगने के 15 दिन के भीतर काम देने की गारंटी और बेरोजगारी भत्ते जैसे कानूनी अधिकारों को समाप्त कर दिया है। नेताओं का मानना है कि यह बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देने की एक बड़ी साजिश है जिसे मजदूर वर्ग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
जनसभाओं में बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। वक्ताओं ने कहा कि हरियाणा में बिजली बिल-2025 की नीतियों, फ्यूल सरचार्ज और स्लैब में बदलाव के कारण आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। स्मार्ट मीटर योजना को जबरन थोपना और लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने के लिए शांति बिल जैसे कानून लाना सरकार की जन-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

सीटू ने मांग की है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के फैसले को तुरंत लागू किया जाए और सभी काले कानूनों को वापस लिया जाए। इस दौरान उपाध्यक्ष सुरेश करसोला, कोषाध्यक्ष पवन कुमार, राजेश कुमार, बिट्टू, सफाई कर्मचारी जगदीश, मदन मौजूद रहे।
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