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Jind News: मनरेगा काम बंद होने से बढ़ा रोजगार संकट

Tue, 12 May 2026 01:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:58 AM IST
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The employment crisis has increased due to the stoppage of MNREGA work.
11जेएनडी32-सभा आयोजित करते हुए मनरेगा मजदूर। स्रोत मजदूर
नरवाना। मनरेगा मजदूर यूनियन की ओर से सोमवार को जिला कन्वीनर सतबीर के नेतृत्व में अलग-अलग गांवों में मजदूर सभाएं आयोजित की गईं। सभाओं में ग्रामीण मजदूरों की समस्याएं सुनी गईं और 15 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी ग्रामीण हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
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सतबीर सिंह ने कहा कि गांवों में मनरेगा के काम बंद होने से रोजगार का संकट गहरा गया है। बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
जिला कन्वीनर सतबीर ने कहा कि मनरेगा मजदूर यूनियन कई वर्षों से मनरेगा में काम के दिनों की गारंटी बढ़ाने, मजदूरी बढ़ाने और मृत्यु मुआवजा राशि में वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन करती रही है, लेकिन सरकार ने मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
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उचाना ब्लॉक के मांडी गांव में आयोजित सभा में पाल सिंह ने कहा कि 15 मई की हड़ताल ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई है। मजदूरों को साल में 300 दिन रोजगार की गारंटी, प्रतिदिन एक हजार रुपये मजदूरी और अन्य मांगों को लागू करवाने के लिए एकजुट होना होगा। ये मांगें राष्ट्रपति को दिए जाने वाले ज्ञापन में भी शामिल की जाएंगी।
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यूनियन नेताओं ने कहा कि 15 मई तक जिले के प्रत्येक ब्लॉक में रोजाना तीन से चार गांवों में सभाएं कर मजदूरों को हड़ताल के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान कृष्ण, दलवीर, रूपचंद, सतीश, ईश्वर, अनूप और बलजीत मौजूद रहे।
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