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Jind News: चार साल से लीकेज पेयजल लाइन, दूषित पानी पीने को मजबूर गांव हाट के ग्रामीण
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फोटो 019एसएफडीएम2पेयजल पाइपलाइन की लीकेज को दिखाते हुए गांव हाट के ग्रामीण। संवाद
सफीदों। गांव हाट में सरकारी स्कूल के समीप पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन में पिछले चार साल से लीकेज है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जलापूर्ति विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके कारण हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।उन्होंने जलापूर्ति विभाग से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्रामीण कर्मपाल पहलवान, भस्ता, जगबीर बूरा, राजबीर और धर्मबीर ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए जलापूर्ति विभाग ने पाइपलाइन बिछाई हुई है। सरकारी स्कूल के पास स्थित करीब 1200 फीट लंबी लाइन गांव की पेयजल सप्लाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल से जुड़ी हुई है। इसी लाइन में चार साल से लीकेज है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन कर्मचारियों ने अब तक लीकेज को ठीक नहीं किया। पेयजल सप्लाई के समय लीकेज से निकला पानी पास के गड्ढे में भर जाता है। वहीं सप्लाई बंद होने पर गड्ढे में जमा गंदा पानी वापस पाइपलाइन में चला जाता है, जिससे घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लीकेज के कारण एक ओर पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को मजबूरी में दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
दूषित पानी से बीमारी का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि गंदा पानी घरों तक पहुंचने से स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने विभाग से पाइपलाइन की जांच करवाकर स्थायी समाधान की मांग की है।
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ग्रामीण कर्मपाल पहलवान, भस्ता, जगबीर बूरा, राजबीर और धर्मबीर ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए जलापूर्ति विभाग ने पाइपलाइन बिछाई हुई है। सरकारी स्कूल के पास स्थित करीब 1200 फीट लंबी लाइन गांव की पेयजल सप्लाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल से जुड़ी हुई है। इसी लाइन में चार साल से लीकेज है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन कर्मचारियों ने अब तक लीकेज को ठीक नहीं किया। पेयजल सप्लाई के समय लीकेज से निकला पानी पास के गड्ढे में भर जाता है। वहीं सप्लाई बंद होने पर गड्ढे में जमा गंदा पानी वापस पाइपलाइन में चला जाता है, जिससे घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लीकेज के कारण एक ओर पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को मजबूरी में दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
दूषित पानी से बीमारी का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि गंदा पानी घरों तक पहुंचने से स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने विभाग से पाइपलाइन की जांच करवाकर स्थायी समाधान की मांग की है।