फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The arrival of paddy increased in the market, farmers and agents are happy due to the increase in the price

मंडी में धान की आवक बढ़ी, दाम बढ़ने से किसान और आढ़ती खुश

Sat, 12 Nov 2022 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2022 11:15 PM IST
विज्ञापन
The arrival of paddy increased in the market, farmers and agents are happy due to the increase in the price
मंडी में आई बंपर बासमती की फसल के तोल के बाद मंडी में नजर आ रहे बैग। संवाद - फोटो : Jind
उचाना। मंडी में इस बार धान की आवक ने पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। आवक बढ़ने के साथ ही धान का दाम बढ़ने से किसान और आढ़ती खुश हैं। इस बार पीआर धान की भी खरीद हो रही है। मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक तीन लाख 86 हजार 721 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। बीते साल अब तक दो लाख 85 हजार 12 क्विंटल की आवक हुई थी। इस साल एक लाख क्विंटल से अधिक आवक अधिक हो चुकी है।
विज्ञापन

अब तक एक लाख 95 हजार 840 क्विंटल बासमती धान की मंडी में खरीद हो चुकी है। अब भी कपास, पुरानी, हाईवे स्थिति अतिरिक्त मंडी में बासमती धान नजर आ रही है। 1509 धान अब तक 80815 क्विंटल तो पीआर धान भी अब तक एक लाख 9996 क्विंटल आ चुकी है। पीआर धान की खरीद अब बंद हो चुकी है तो 1509 धान की आवक बंद हो चुकी है। इस साल बासमती धान के 2951 रुपये प्रति क्विंटल से 4151 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। बीते साल ये भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि इस बार बासमती, धान 1509 की आवक बीते साल से अधिक है तो भाव भी अधिक बीते साल से किसानों को मिले है। सीजन में किसी तरह की कोई परेशानी किसान, आढ़ती को नहीं आने दी जा रही है।
विज्ञापन

बॉक्स
भाव बीते साल से अधिक
इस साल बासमती के भाव बीते साल से अधिक है। 1509 की आवक भी अधिक हुई है। भाव, आवक अधिक होने से किसान को आर्थिक रूप से फायदा होगा। बंपर आवक इन दिनों मंडी में बासमती धान की हो रही है। किसी तरह की परेशानी इस बार खरीद के दौरान नहीं हुई है।-वेद प्रकाश श्योकंद, आढ़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
पीआर धान की खरीद प्रक्रिया भी बेहतर
इस साल पीआर धान की खरीद प्रक्रिया बेहतर रहने से किसान, आढ़ती को परेशानी नहीं हुई। पीआर धान मंडी में आते ही बिकी जिससे किसान घर शाम को ही फसल बेच कर लौटे। कई सालों में पहली बार ऐसी व्यवस्था बनी है।-रामदत्त शर्मा, आढ़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed